Sunday, June 21

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स्वदेशी के साथ ‘स्वामित्व’ वाली आत्मनिर्भरता: रक्षा खरीद की परिभाषा बदलेगी, अगले दशक में ‘जय’ की तैयारी
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स्वदेशी के साथ ‘स्वामित्व’ वाली आत्मनिर्भरता: रक्षा खरीद की परिभाषा बदलेगी, अगले दशक में ‘जय’ की तैयारी

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने रक्षा खरीद नीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। ड्राफ्ट डिफेंस एक्विजिशन प्रोसीजर (DAP) 2026 के अनुसार, अब भारत की आत्मनिर्भरता केवल “मेड इन इंडिया” तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके हथियार, टैंक, फाइटर जेट, ड्रोन और मिसाइलें पूर्ण स्वदेशी स्वामित्व के साथ होंगी। इसका मतलब यह है कि भारत इन सभी प्रणालियों पर संप्रभु नियंत्रण रखेगा और जब चाहे इन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से अपग्रेड कर सकेगा। ड्राफ्ट DAP 2026 में मुख्य बदलावरक्षा मंत्रालय ने स्टेकहोल्डर्स से 3 मार्च 2026 तक राय मांगी है। नई नीति के अनुसार, विदेशी सहयोग से तैयार होने वाले किसी भी रक्षा उत्पाद की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, सोर्स कोड और डिजाइन डेटा पर भारत का पूर्ण अधिकार होगा। अब देश केवल उत्पादन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे सिस्टम के स्वामित्व में होगा। स्वदेशी स्वामित्...
चागोस और डिएगो गार्सिया: अमेरिका-ब्रिटेन के सामने खड़ा हुआ भारत, मॉरीशस को मिलेगी भारतीय मदद
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चागोस और डिएगो गार्सिया: अमेरिका-ब्रिटेन के सामने खड़ा हुआ भारत, मॉरीशस को मिलेगी भारतीय मदद

नई दिल्ली। हिंद महासागर में स्थित चागोस द्वीपसमूह और उसके सबसे बड़े द्वीप डिएगो गार्सिया को लेकर वैश्विक तनाव बढ़ता जा रहा है। डिएगो गार्सिया में अमेरिका का सैन्य बेस है, जबकि चागोस पर अब संप्रभुता मॉरीशस के पास है। अमेरिका और ब्रिटेन दोनों ही इस क्षेत्र में गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं। मॉरीशस और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम का फोन आया, जिसमें दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने और उन्नत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। डिएगो गार्सिया चागोस के लगभग 60 द्वीपों में से एक है और ब्रिटेन ने 1965 में इसे मॉरीशस से अलग कर अमेरिका को सैन्य बेस के लिए पट्टे पर दिया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने 2019 में ब्रिटेन के नियंत्रण को अवैध करार दिया और द्वीपसमूह...
अग्निपथ योजना 2026: इस साल होगी असली “अग्निपरीक्षा”, कितनों को मिलेगा रोजगार?
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अग्निपथ योजना 2026: इस साल होगी असली “अग्निपरीक्षा”, कितनों को मिलेगा रोजगार?

नई दिल्ली। अग्निपथ योजना के पहले बैच के चार साल पूरे होने के साथ ही इस वर्ष जवानों की असली परीक्षा शुरू होने वाली है। नेवी के लगभग 2,600 अग्निवीर इस नवंबर अपने चार साल के कार्यकाल को पूरा कर बाहर आएंगे। इसके बाद आर्मी और एयरफोर्स के अग्निवीर अगले साल की शुरुआत में बाहर होंगे। सरकार की मौजूदा योजना के मुताबिक, 25% अग्निवीरों को स्थायी (परमानेंट) किया जाएगा, जबकि बाकी 75% युवाओं को बाहर जाना होगा। यही वह समय होगा जब अग्निपथ योजना की “अग्निपरीक्षा” होगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाहर होने वाले 75% अग्निवीरों को आगे कितना और किस तरह का रोजगार मिल पाता है। कुछ राज्य सरकारें और CAPF में पुलिस विभागों ने अग्निवीरों के लिए कोटा निर्धारित किया है, लेकिन तीनों सेनाओं की तरफ से सुझाव आया था कि कम से कम 40-50%, और कुछ मामलों में 70% तक अग्निवीरों को स्थायी किया जाना चाहिए। अभी यह तय नहीं है कि सरकार ...
सरकारी आदेश: राष्ट्रगान से पहले अब 6 छंदों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य
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सरकारी आदेश: राष्ट्रगान से पहले अब 6 छंदों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरकारी कार्यालयों और विशेष अवसरों पर राष्ट्रगान से पहले छह छंदों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का वंदे मातरम बजाना या गाना अनिवार्य कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि राष्ट्रगान और वंदे मातरम दोनों गाए या बजाए जाते हैं, तो वंदे मातरम पहले होगा। इस दौरान श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना अनिवार्य होगा। गृह मंत्रालय के 28 जनवरी को जारी 10 पन्नों के आदेश में कहा गया है कि यह नियम तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में आगमन, राज्यपाल के भाषणों के पहले और बाद, और अन्य तमाम आधिकारिक अवसरों पर लागू होगा। मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि जब कोई समाचार या वीडियो में राष्ट्रगान फिल्म के रूप में बजाया जाए, तो श्रोताओं से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाएगी, ताकि कार्यक्रम या फिल्म का प्रदर्शन बाधित न हो। मंत्रालय के आदेश में स्कूल सभाओं सहित उन स...
बजट सत्र 2026: कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर को घेरा, गालियों और हंगामे का आरोप
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बजट सत्र 2026: कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर को घेरा, गालियों और हंगामे का आरोप

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र 2026 में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद स्पीकर ने फैसला आने तक सदन न आने का निर्णय लिया। केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसकर उन्हें गालियां दे रहे थे। रिजिजू ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता सांसदों को उकसा रहे थे। मंत्री ने कहा, “स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई हो सकती थी।” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज करीब 12 बजे सदन में अपनी बात रख सकते हैं। विपक्ष सरकार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर घेर सकता है। भाजपा सांसदों ने विपक्ष...
राहुल गांधी का अपना एजेंडा, सरकार का विरोध जारी
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राहुल गांधी का अपना एजेंडा, सरकार का विरोध जारी

नई दिल्ली। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव की स्थितियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। लोकसभा और राज्यसभा में अध्यक्ष और सभापति के आसनों की ओर कागज फेंकना, टेबल पर खड़े होकर मिमिक्री करना जैसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। ये व्यवहार संसदीय परंपरा के विपरीत हैं और देश की राजनीति के लिए चिंता का विषय बने हैं। सत्ता पक्ष का आरोप है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान व्यवधान डालने की योजना बनाई थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन में न आने का अनुरोध किया था, क्योंकि कुछ अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न होने की आशंका थी। वहीं कांग्रेस का कहना है कि यदि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं मिला तो प्रधानमंत्री को भी बोलने नहीं दिया जाएगा। ऐसा पहली बार नहीं है जब संसद में हंगामा हुआ हो। UPA...
धार्मिक शिक्षण संस्थानों के रजिस्ट्रेशन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सुनवाई से किया इनकार
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धार्मिक शिक्षण संस्थानों के रजिस्ट्रेशन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सुनवाई से किया इनकार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को धार्मिक या धर्मनिरपेक्ष शिक्षा देने वाले सभी शिक्षण संस्थानों के अनिवार्य पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यह विषय न्यायालय से अधिक कार्यपालिका (सरकार) के अधिकार क्षेत्र में आता है और याचिकाकर्ता को पहले प्रशासनिक स्तर पर अपनी मांग रखनी चाहिए। यह मामला अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दाखिल याचिका से जुड़ा था, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश देने की मांग की गई थी कि 14 वर्ष से कम बच्चों को शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाए। पीठ ने दी याचिका वापस लेने की अनुमति जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एस.सी. शर्मा की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत इस याचिका पर फिलहाल हस्तक्षेप नहीं करेगी। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह स...
भारत का गाजा प्लान: ट्रंप की पहल, पाकिस्तान-तुर्की की चाल और मोदी की इजरायल यात्रा से तय होगी रणनीति
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भारत का गाजा प्लान: ट्रंप की पहल, पाकिस्तान-तुर्की की चाल और मोदी की इजरायल यात्रा से तय होगी रणनीति

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गाजा संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर 19 फरवरी को वॉशिंगटन में प्रस्तावित ‘गाजा बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली औपचारिक बैठक होने जा रही है। हालांकि, इस अहम बैठक में भारत के शामिल होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। इसके बावजूद, यह साफ है कि आने वाले दिनों में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि गाजा संकट के बीच इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ भारत के रिश्ते संतुलन की परीक्षा से गुजर रहे हैं। भारत क्यों नहीं बन रहा बोर्ड ऑफ पीस का हिस्सा? सूत्रों के अनुसार भारत सरकार अभी भी ट्रंप प्रशासन के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। लेकिन बैठक की तारीख नजदीक होने के कारण लगभग तय माना जा रहा है कि भारत फिलहाल इस मंच का हिस्सा नहीं बनेगा। यह मुद्दा हाल ही में दिल्ली में हुई भारत-अरब लीग विदेश मं...
लोकसभा में गतिरोध तेज, बीजेपी की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को लिखा पत्र, विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
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लोकसभा में गतिरोध तेज, बीजेपी की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को लिखा पत्र, विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच चल रहा गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है। इसी क्रम में अब विपक्षी महिला सांसदों के बाद बीजेपी की महिला सांसदों ने भी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर विपक्षी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बीजेपी की महिला सांसदों ने अपने पत्र में 4 फरवरी 2026 को लोकसभा के भीतर हुई घटनाओं का हवाला देते हुए विपक्ष के व्यवहार को “घिनौना” बताते हुए इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने वाला कदम करार दिया है। पत्र में क्या लिखा बीजेपी की महिला सांसदों ने? बीजेपी महिला सांसदों ने स्पीकर को लिखे पत्र में कहा कि लोकसभा चैंबर के अंदर उन्होंने एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अफसोसनाक घटना देखी। पत्र के अनुसार, विपक्षी सांसद न केवल सदन के वेल में पहुंचे, बल्कि उन्होंने टेबल पर चढ़कर हंगामा किया, कागज फाड़े और उन्हें चेयर की ओर फेंका। महिला सांसदों ने यह भी ...
सोनम वांगचुक की सेहत पर सुप्रीम कोर्ट में बहस, ASG के बयान पर जज ने टोका- “आप ऐसा नहीं कह सकते”
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सोनम वांगचुक की सेहत पर सुप्रीम कोर्ट में बहस, ASG के बयान पर जज ने टोका- “आप ऐसा नहीं कह सकते”

नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के. एम. नटराज ने अदालत को बताया कि वांगचुक की हालत “बिल्कुल ठीक” है और उन्हें हिरासत के दौरान एम्स जोधपुर में बेहतर इलाज मिल रहा है। हालांकि, ASG के इस बयान पर सुप्रीम कोर्ट के जज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि “आप ऐसा नहीं कह सकते।” हिरासत की समीक्षा पर कोर्ट ने पूछा- क्या कोई प्रगति हुई? सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए अदालत के सुझाव के बाद क्या उनकी हिरासत की समीक्षा को लेकर कोई प्रगति हुई है। जस्टिस अरविंद कुमार ने ASG से स्पष्ट रूप स...