Friday, May 29

Politics

मध्यप्रदेश के विभिन्न बोर्डों के नवनियुक्त अध्यक्षों ने संभाला पदभार
Madhya Pradesh, Politics, State

मध्यप्रदेश के विभिन्न बोर्डों के नवनियुक्त अध्यक्षों ने संभाला पदभार

भाजपा प्रदेश कार्यालय में महापुरुषों को नमन कर विधि-विधान से ग्रहण किया दायित्व भोपाल, 12 मई 2026।भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न बोर्डों के नवनियुक्त अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने विधि-विधान से पदभार ग्रहण किया। कार्यक्रम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल की उपस्थिति में आयोजित हुआ। इस अवसर पर पंकज जोशी ने मध्यप्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष, सत्येन्द्र भूषण सिंह ने लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष, प्रभुदयाल कुशवाह ने मध्यप्रदेश कुश कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष तथा डॉ. राकेश जादौन ने उपाध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के मंत्री प्रहलाद पटेल, रावउदय प्रताप सिंह, नारायण सिंह कुशवाह, चैतन्य काश्यप, इंदर सिंह परमार, गौतम टेटवाल एवं प्रतिमा बागरी सहित पार्टी पद...
महाकाल की नगरी उज्जैन में गूंजा भारतीय संगीत का गौरव, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का हुआ भव्य सम्मान
Politics

महाकाल की नगरी उज्जैन में गूंजा भारतीय संगीत का गौरव, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का हुआ भव्य सम्मान

उज्जैन | विशेष संवाददाता बंगाली नववर्ष “पहला बैसाख” के शुभ अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन में कला, संस्कृति और भारतीय संगीत को समर्पित एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तबला वादक Aditya Narayan Banerjee को “ताल रत्न” तथा बॉलीवुड संगीत निर्देशक एवं प्रसिद्ध कीबोर्ड वादक Kaustav Sarkar को “संगीत रत्न” सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान Nivrah Foundation की ओर से प्रदान किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उज्जैन प्रेस क्लब के अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के बड़े भाई Nandlal Yadav उपस्थित रहे। उन्होंने दोनों कलाकारों को सम्मान पत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि आदित्य नारायण बनर्जी भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले चुनिंदा कलाकारों म...
हुगली में भाजपा की प्रचंड जीत! 18 में से 16 सीटों पर खिला कमल, शांतिपूर्ण चुनाव ने बढ़ाया लोकतंत्र पर विश्वास
Politics, WEST BENGAL

हुगली में भाजपा की प्रचंड जीत! 18 में से 16 सीटों पर खिला कमल, शांतिपूर्ण चुनाव ने बढ़ाया लोकतंत्र पर विश्वास

हुगली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार हुगली जिला राजनीतिक बदलाव का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। कभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मजबूत गढ़ माने जाने वाले हुगली जिले में मतदाताओं ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए 18 में से 16 विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को विजय दिलाई। वहीं TMC अपने परंपरागत समर्थकों वाले क्षेत्र में मात्र 2 सीटों तक सिमट कर रह गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हुगली जिले की जनता ने यह फैसला केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि विकास, रोजगार, शिक्षा और बेहतर प्रशासन की उम्मीदों के साथ लिया है। लंबे समय तक वामपंथी शासन और उसके बाद TMC सरकार को अवसर देने के बाद अब मतदाताओं ने भाजपा को जिम्मेदारी सौंपते हुए बदलाव की स्पष्ट इच्छा जाहिर की है। हुगली जिले को पश्चिम बंगाल की राजनीति का बेहद जागरूक और निर्णायक क्षेत्र माना जाता है। यहां के मतदाता...
बंगाल में ममता युग का पतन! जनता के गुस्से ने ढहाया TMC का अभेद्य किला
Politics, WEST BENGAL

बंगाल में ममता युग का पतन! जनता के गुस्से ने ढहाया TMC का अभेद्य किला

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार जो बदलाव देखने को मिला, उसे केवल किसी एक नेता की लोकप्रियता या चुनावी रणनीति का परिणाम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे जनता के भीतर वर्षों से पनप रहे असंतोष और विरोध की लहर का असर बताया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Mamata Banerjee के खिलाफ बढ़ती नाराजगी ने ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) को मात्र 80 सीटों तक सीमित कर दिया और जनता ने स्वयं ममता बनर्जी को भी उनकी सीट पर हार का सामना करा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन के पीछे केवल भाजपा नेतृत्व या Suvendu Adhikari की राजनीतिक सफलता ही कारण नहीं रही, बल्कि जनता के भीतर लंबे समय से जमा गुस्सा निर्णायक साबित हुआ। बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और विकास की कमी जैसे मुद्दों ने आम लोगों के भीतर असंतोष को लगातार बढ़ाया। राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह र...
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई चुनौती: क्या शुभेंदु अधिकारी को मिलेगा स्वतंत्र नेतृत्व का अवसर?
Politics, WEST BENGAL

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई चुनौती: क्या शुभेंदु अधिकारी को मिलेगा स्वतंत्र नेतृत्व का अवसर?

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बाद Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री पद की शपथ तो ले ली है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या उन्हें राज्य चलाने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी या फिर वे केवल केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए दिखाई देंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि बंगाल जैसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य में शुभेंदु अधिकारी की असली परीक्षा अब शुरू होगी। चुनावी जीत हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि अवश्य है, लेकिन जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना उससे कहीं अधिक कठिन चुनौती माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुभेंदु अधिकारी वास्तव में बंगाल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं, तो उन्हें केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहने के बजाय राज्य के विकास पर विशेष ध्यान देना होगा। सबसे पहले उन्हें उन उद्...
बंगाल में ढहा ममता का अभेद्य किला! शुभेंदु अधिकारी ने दी ऐतिहासिक शिकस्त, 15 साल का सत्ता घमंड चकनाचूर
Politics, WEST BENGAL

बंगाल में ढहा ममता का अभेद्य किला! शुभेंदु अधिकारी ने दी ऐतिहासिक शिकस्त, 15 साल का सत्ता घमंड चकनाचूर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिला, जब लगभग 15 वर्षों तक सत्ता पर काबिज रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने ही गढ़ में सिमटकर मात्र 80 सीटों तक पहुंच गई। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पार्टी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को उनके ही प्रभाव क्षेत्र में कभी TMC का साधारण कार्यकर्ता रहे Suvendu Adhikari ने 15 हजार से अधिक वोटों के भारी अंतर से पराजित कर दिया। यह पहला अवसर नहीं है जब शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को राजनीतिक आईना दिखाया हो। इससे पहले वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को लगभग 2 हजार वोटों से हराया था। हालांकि उस समय TMC ने राज्य में बहुमत हासिल कर लिया था, जिसके कारण ममता की व्यक्तिगत हार बड़ा मुद्दा नहीं बन सकी थी। लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है ...
दो से अधिक संतान वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला
Politics, Rajasthan, State

दो से अधिक संतान वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला

जयपुर: राजस्थान की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया कि अब दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवार भी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत की सरकार ने करीब 30 साल पहले दो से अधिक बच्चों वाले लोगों पर चुनाव लड़ने की पाबंदी लगाई थी। उस समय यह कदम जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से उठाया गया था। अब भजनलाल सरकार ने इस पाबंदी को हटाकर चुनावी दायरे को व्यापक बनाया है और अधिक लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर दिया है। कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 2026 और राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2026 में संशोधन को मंजूरी दी है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि इस बदलाव के लिए सरकार जल्द ही विधेयक पेश करेगी। कैबिनेट की अन्य अहम...
एआई सम्मेलन में हंगामा: यूथ कांग्रेस नेताओं पर दंगे का आरोप, मुख्य साजिशकर्ता बताकर अध्यक्ष गिरफ्तार
Natioanal, Politics

एआई सम्मेलन में हंगामा: यूथ कांग्रेस नेताओं पर दंगे का आरोप, मुख्य साजिशकर्ता बताकर अध्यक्ष गिरफ्तार

नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक और कानूनी विवाद को जन्म दे दिया है। Delhi Police ने भारतीय युवा कांग्रेस के गिरफ्तार सदस्यों के खिलाफ अब दंगा करने और दंगा भड़काने की धाराएं भी जोड़ दी हैं। पुलिस ने Indian Youth Congress के अध्यक्ष Uday Bhanu Chib को प्रदर्शन का “मुख्य साजिशकर्ता” बताते हुए गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। क्या हैं आरोप? गिरफ्तारी मेमो के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने Bharat Mandapam में कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से एकत्र होकर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, ‘राष्ट्रविरोधी नारे’ लगाए और “दंगे जैसी स्थिति” पैदा करने का प्रयास किया। दिल्ली की एक अदालत ने चिब को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(1) (दंगा) और 192 (दंगा भड़क...
बंगाल में SIR के बीच रिकॉर्डतोड़ विवाह पंजीकरण, मुस्लिम दंपत्तियों की भागीदारी सबसे अधिक
Politics, State, West Bengal

बंगाल में SIR के बीच रिकॉर्डतोड़ विवाह पंजीकरण, मुस्लिम दंपत्तियों की भागीदारी सबसे अधिक

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया ने अप्रत्याशित रूप से विवाह पंजीकरण के आंकड़ों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। वर्ष 2025 में राज्य में 1,83,733 विवाह पंजीकृत हुए—जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है और 2022 के पिछले रिकॉर्ड (1,81,923) को भी पीछे छोड़ चुका है। SIR और दस्तावेज़ी जरूरतों का असर हालांकि विवाह प्रमाण पत्र SIR के लिए निर्धारित 14 मान्य दस्तावेजों में शामिल नहीं है, फिर भी महिला मतदाताओं के उपनाम और पते में बदलाव की पुष्टि के लिए सुनवाई के दौरान इसे सहायक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इसी कारण बड़ी संख्या में दंपत्तियों ने विवाह पंजीकरण कराया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए। मुस्लिम दंपत्तियों की संख्या सबसे अधिक विवाह महानिदेशक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, Special Marriage Act, 1954...
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: मांझी ने अड़ाई टांग, कुशवाहा की निगाहें दिल्ली फैसले पर
Bihar, Politics, State

बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: मांझी ने अड़ाई टांग, कुशवाहा की निगाहें दिल्ली फैसले पर

पटना: बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने एनडीए में हलचल बढ़ा दी है। चिराग पासवान के पारिवारिक दावेदारी को फिलहाल पीछे रखने के बाद, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने अपने लिए 'एक राज्यसभा सीट' की दावेदारी ठोक दी। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा भी दिल्ली में अंतिम फैसले की ओर अपनी नजरें गड़े हुए हैं। मांझी ने किया वादों की याद दिलाई मीडिया से बातचीत में जीतनराम मांझी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय उन्हें दो लोकसभा और एक राज्यसभा सीट का आश्वासन मिला था। उन्होंने यह साफ किया कि वे कोई मांग नहीं कर रहे, बल्कि गठबंधन के दौरान मिले आश्वासन की याद दिला रहे हैं। मांझी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चिराग पासवान ने अपनी मां को राज्यसभा भेजने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। पांचवीं सीट का रोमांच बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों में से बीजेपी और जेडीयू की दो-दो सीटें पक्की हैं। पांचवीं सीट...