
नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के. एम. नटराज ने अदालत को बताया कि वांगचुक की हालत “बिल्कुल ठीक” है और उन्हें हिरासत के दौरान एम्स जोधपुर में बेहतर इलाज मिल रहा है।
हालांकि, ASG के इस बयान पर सुप्रीम कोर्ट के जज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि “आप ऐसा नहीं कह सकते।”
हिरासत की समीक्षा पर कोर्ट ने पूछा- क्या कोई प्रगति हुई?
सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए अदालत के सुझाव के बाद क्या उनकी हिरासत की समीक्षा को लेकर कोई प्रगति हुई है।
जस्टिस अरविंद कुमार ने ASG से स्पष्ट रूप से पूछा—
“क्या हुआ? कोई प्रगति हुई? क्या यह कर लिया गया?”
इस पर ASG नटराज ने जवाब दिया कि अब तक हिरासत की समीक्षा पर कोई कदम नहीं उठाया गया है।
वकील ने कहा- अब भी ठीक नहीं है तबीयत
वांगचुक के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि सोनम वांगचुक की तबीयत अब भी पूरी तरह सही नहीं है और ऐसे में उनकी हिरासत पर पुनर्विचार करने का समय आ गया है।
जस्टिस वराले ने कहा कि पिछली बार भी अदालत की ओर से यही सुझाव दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ASG का तर्क- “जयपुर इलाज के लिए लद्दाख से बेहतर”
ASG नटराज ने कोर्ट में कहा कि स्वास्थ्य के लिहाज से सोनम वांगचुक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें एम्स जोधपुर में सर्वोत्तम इलाज मिल रहा है। उन्होंने यहां तक कह दिया—
“इलाज के लिए जयपुर, लद्दाख से बेहतर जगह है। राजस्थान में एम्स है, लद्दाख में ऐसा कुछ नहीं मिलेगा।”
जज ने तुरंत टोका- “नहीं, नहीं… आप ऐसा नहीं कह सकते”
ASG के इस बयान पर जस्टिस वराले ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा—
“नहीं, नहीं, आप ऐसा नहीं कह सकते।”
कोर्ट ने संकेत दिया कि किसी क्षेत्र या राज्य की चिकित्सा सुविधाओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है, खासकर जब मामला किसी व्यक्ति की हिरासत और स्वास्थ्य से जुड़ा हो।
बुधवार को होगी अगली सुनवाई, स्थगन नहीं मिलेगा
ASG नटराज ने अदालत से अनुरोध किया कि इस मामले पर सुनवाई कल के बाद की जाए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बुधवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई।
पीठ ने साफ कहा कि अब आगे कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा।
NSA के तहत हिरासत, जोधपुर जेल में बंद
बता दें कि सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। वे फिलहाल जोधपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं।
उनकी गिरफ्तारी से दो दिन पहले लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उन्हें NSA के तहत हिरासत में लिया था।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक की हिरासत और स्वास्थ्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी यह दर्शाती है कि अदालत इस मामले को गंभीरता से ले रही है। साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह संकेत भी दे दिया कि अब सुनवाई में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और हिरासत की समीक्षा पर जल्द फैसला जरूरी है
