🌿 प्राकृतिक एवं पारंपरिक चिकित्सा (Naturopathy): भारत के स्वास्थ्य भविष्य की मजबूत नींव
भारत सदियों से प्राकृतिक एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का केंद्र रहा है। योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी), आहार चिकित्सा और जीवनशैली आधारित उपचार भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। आज जब पूरी दुनिया दवाओं पर निर्भरता, जीवनशैली रोगों और मानसिक तनाव से जूझ रही है, तब नेचुरोपैथी एक स्थायी, सुरक्षित और समग्र समाधान के रूप में उभरकर सामने आ रही है।
📊 2026-27 का बजट और प्राकृतिक चिकित्सा की भूमिका
वित्त वर्ष 2026-27 का बजट भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में Preventive Healthcare और Holistic Wellness को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ सिद्ध हो सकता है।
सरकार पहले ही AYUSH, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत प्रयास कर रही है।
आगामी बजट में निम्न क्षेत्रों में विशेष प्रोत्साहन की संभावना है:
प्राकृतिक चिकित्सा केंद्रों एवं वेलनेस क्लीनिकों का विस्...

