Thursday, May 21

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देशभर में बढ़ते हार्ट अटैक के खतरे के बीच “Heart Care Program” जल्द होगा शुरू
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देशभर में बढ़ते हार्ट अटैक के खतरे के बीच “Heart Care Program” जल्द होगा शुरू

प्रतिदिन 100 लोगों की होगी फ्री हार्ट स्कैनिंग, शुरुआती स्तर पर पहचाने जाएंगे हृदय रोग उज्जैन। देशभर में तेजी से बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामलों और हृदय रोगों से होने वाली बढ़ती मौतों को ध्यान में रखते हुए Path of Living Naturopathy Club Pvt. Ltd. एवं Nivraha Foundation के संयुक्त तत्वावधान में जल्द ही “Heart Care Program” की शुरुआत की जाएगी। इस विशेष अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन लगभग 100 लोगों की फ्री हार्ट स्कैनिंग की जाएगी, ताकि हृदय रोगों को शुरुआती स्तर पर पहचानकर समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सके। संस्था के चेयरपर्सन एवं प्राकृतिक चिकित्सा सलाहकार Vinayak Jain ने जानकारी देते हुए बताया कि देश में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों को लेकर संस्था गंभीर रूप से चिंतित है। इसी उद्देश्य से निव्रह फाउंडेशन के सहयोग से यह विशेष स्वास्थ्य जागरूकता एवं जांच अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंन...
भारत में हर वर्ष 30 लाख मौतें हार्ट अटैक से — प्रतिदिन 8 हजार से अधिक लोग बन रहे हृदय रोग का शिकार, Healthy India Mission ने शुरू की जागरूकता मुहिम
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भारत में हर वर्ष 30 लाख मौतें हार्ट अटैक से — प्रतिदिन 8 हजार से अधिक लोग बन रहे हृदय रोग का शिकार, Healthy India Mission ने शुरू की जागरूकता मुहिम

बढ़ती जानलेवा बीमारियों के बीच “Healthy India Mission” बना नई उम्मीद भारत आज तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारियों की चुनौती का सामना कर रहा है। हार्ट अटैक, कैंसर, लिवर और किडनी संबंधी रोग लाखों लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं विभिन्न अध्ययनों के अनुसार देश में प्रतिवर्ष लगभग 30 लाख लोगों की मृत्यु हृदय रोग एवं हार्ट अटैक के कारण हो रही है। इसका अर्थ है कि प्रतिदिन लगभग 8 से 8.5 हजार लोग हृदय संबंधी बीमारियों के कारण अपनी जान गंवा रहे हैं। वहीं कैंसर भी देश में तेजी से फैलती गंभीर बीमारी बन चुका है, जिससे हर वर्ष लगभग 9 लाख लोगों की मृत्यु होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त किडनी संबंधी बीमारियों से प्रतिवर्ष करीब 2 लाख लोगों की मौत हो रही है, जबकि गंभीर लिवर रोगों से प्रभावित मरीजों की संख्या 10 से 12 लाख प्रति वर्ष तक पहुँच रही है। स्वास्थ्य रिपोर्टों के अ...
🌿 प्राकृतिक एवं पारंपरिक चिकित्सा (Naturopathy): भारत के स्वास्थ्य भविष्य की मजबूत नींव
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🌿 प्राकृतिक एवं पारंपरिक चिकित्सा (Naturopathy): भारत के स्वास्थ्य भविष्य की मजबूत नींव

भारत सदियों से प्राकृतिक एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का केंद्र रहा है। योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी), आहार चिकित्सा और जीवनशैली आधारित उपचार भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। आज जब पूरी दुनिया दवाओं पर निर्भरता, जीवनशैली रोगों और मानसिक तनाव से जूझ रही है, तब नेचुरोपैथी एक स्थायी, सुरक्षित और समग्र समाधान के रूप में उभरकर सामने आ रही है। 📊 2026-27 का बजट और प्राकृतिक चिकित्सा की भूमिका वित्त वर्ष 2026-27 का बजट भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में Preventive Healthcare और Holistic Wellness को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ सिद्ध हो सकता है। सरकार पहले ही AYUSH, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत प्रयास कर रही है। आगामी बजट में निम्न क्षेत्रों में विशेष प्रोत्साहन की संभावना है: प्राकृतिक चिकित्सा केंद्रों एवं वेलनेस क्लीनिकों का विस्...