35 वर्षों बाद पिण्डवाड़ा की पावन धरा पर होगा जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी म.सा. का मंगल चातुर्मास प्रवेश
पिण्डवाड़ा (भूपेन्द्र परमार)। जैन समाज के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का अवसर है कि लगभग 35 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पूज्य जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी म.सा. चातुर्मास हेतु अपनी जन्मभूमि पिण्डवाड...