Monday, June 15

WEST BENGAL

SDDC Cargo लेकर आया विशेष रक्षाबंधन किट: दूरियों के बावजूद रिश्तों में घोले प्यार और अपनापन
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SDDC Cargo लेकर आया विशेष रक्षाबंधन किट: दूरियों के बावजूद रिश्तों में घोले प्यार और अपनापन

सिलीगुड़ी। रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का पावन प्रतीक है। आज के समय में जब रोजगार, शिक्षा और व्यवसाय के कारण परिवार के सदस्य देश के अलग-अलग शहरों और राज्यों में रह रहे हैं, तब अपनों तक त्योहार की खुशियां पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए SDDC Cargo Private Limited ने एक विशेष “रक्षाबंधन किट” लॉन्च की है, जो दूरियों के बावजूद रिश्तों को और भी मजबूत बनाने का कार्य करेगी। SDDC Cargo द्वारा प्रस्तुत यह विशेष रक्षाबंधन किट मात्र ₹501 में उपलब्ध है। इस किट में भाई-बहन के प्रेम और परंपराओं का पूरा ध्यान रखा गया है। किट में दो सुंदर राखियां (भाई और बहन के लिए), 250 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली मिठाई, नारियल, कुमकुम एवं अक्षत, रूमाल तथा भाई-बहन की फोटो के साथ एक विशेष ग्रीटिंग कार्ड शामिल किया गया है। इससे बहनें अपन...
हुगली में भाजपा की प्रचंड जीत! 18 में से 16 सीटों पर खिला कमल, शांतिपूर्ण चुनाव ने बढ़ाया लोकतंत्र पर विश्वास
Politics, WEST BENGAL

हुगली में भाजपा की प्रचंड जीत! 18 में से 16 सीटों पर खिला कमल, शांतिपूर्ण चुनाव ने बढ़ाया लोकतंत्र पर विश्वास

हुगली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार हुगली जिला राजनीतिक बदलाव का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। कभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मजबूत गढ़ माने जाने वाले हुगली जिले में मतदाताओं ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए 18 में से 16 विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को विजय दिलाई। वहीं TMC अपने परंपरागत समर्थकों वाले क्षेत्र में मात्र 2 सीटों तक सिमट कर रह गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हुगली जिले की जनता ने यह फैसला केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि विकास, रोजगार, शिक्षा और बेहतर प्रशासन की उम्मीदों के साथ लिया है। लंबे समय तक वामपंथी शासन और उसके बाद TMC सरकार को अवसर देने के बाद अब मतदाताओं ने भाजपा को जिम्मेदारी सौंपते हुए बदलाव की स्पष्ट इच्छा जाहिर की है। हुगली जिले को पश्चिम बंगाल की राजनीति का बेहद जागरूक और निर्णायक क्षेत्र माना जाता है। यहां के मतदाता...
बंगाल में ममता युग का पतन! जनता के गुस्से ने ढहाया TMC का अभेद्य किला
Politics, WEST BENGAL

बंगाल में ममता युग का पतन! जनता के गुस्से ने ढहाया TMC का अभेद्य किला

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार जो बदलाव देखने को मिला, उसे केवल किसी एक नेता की लोकप्रियता या चुनावी रणनीति का परिणाम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे जनता के भीतर वर्षों से पनप रहे असंतोष और विरोध की लहर का असर बताया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Mamata Banerjee के खिलाफ बढ़ती नाराजगी ने ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) को मात्र 80 सीटों तक सीमित कर दिया और जनता ने स्वयं ममता बनर्जी को भी उनकी सीट पर हार का सामना करा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन के पीछे केवल भाजपा नेतृत्व या Suvendu Adhikari की राजनीतिक सफलता ही कारण नहीं रही, बल्कि जनता के भीतर लंबे समय से जमा गुस्सा निर्णायक साबित हुआ। बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और विकास की कमी जैसे मुद्दों ने आम लोगों के भीतर असंतोष को लगातार बढ़ाया। राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह र...
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई चुनौती: क्या शुभेंदु अधिकारी को मिलेगा स्वतंत्र नेतृत्व का अवसर?
Politics, WEST BENGAL

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई चुनौती: क्या शुभेंदु अधिकारी को मिलेगा स्वतंत्र नेतृत्व का अवसर?

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बाद Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री पद की शपथ तो ले ली है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या उन्हें राज्य चलाने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी या फिर वे केवल केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए दिखाई देंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि बंगाल जैसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य में शुभेंदु अधिकारी की असली परीक्षा अब शुरू होगी। चुनावी जीत हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि अवश्य है, लेकिन जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना उससे कहीं अधिक कठिन चुनौती माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुभेंदु अधिकारी वास्तव में बंगाल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं, तो उन्हें केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहने के बजाय राज्य के विकास पर विशेष ध्यान देना होगा। सबसे पहले उन्हें उन उद्...
बंगाल में ढहा ममता का अभेद्य किला! शुभेंदु अधिकारी ने दी ऐतिहासिक शिकस्त, 15 साल का सत्ता घमंड चकनाचूर
Politics, WEST BENGAL

बंगाल में ढहा ममता का अभेद्य किला! शुभेंदु अधिकारी ने दी ऐतिहासिक शिकस्त, 15 साल का सत्ता घमंड चकनाचूर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिला, जब लगभग 15 वर्षों तक सत्ता पर काबिज रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने ही गढ़ में सिमटकर मात्र 80 सीटों तक पहुंच गई। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पार्टी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को उनके ही प्रभाव क्षेत्र में कभी TMC का साधारण कार्यकर्ता रहे Suvendu Adhikari ने 15 हजार से अधिक वोटों के भारी अंतर से पराजित कर दिया। यह पहला अवसर नहीं है जब शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को राजनीतिक आईना दिखाया हो। इससे पहले वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को लगभग 2 हजार वोटों से हराया था। हालांकि उस समय TMC ने राज्य में बहुमत हासिल कर लिया था, जिसके कारण ममता की व्यक्तिगत हार बड़ा मुद्दा नहीं बन सकी थी। लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है ...
क्या बंगाल में दिखेगा ‘योगी मॉडल’? शुभेंदु अधिकारी को भगवा पटका पहनाकर योगी आदित्यनाथ ने दिए बड़े राजनीतिक संकेत
Uttar Pradesh, WEST BENGAL

क्या बंगाल में दिखेगा ‘योगी मॉडल’? शुभेंदु अधिकारी को भगवा पटका पहनाकर योगी आदित्यनाथ ने दिए बड़े राजनीतिक संकेत

लखनऊ/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया मुलाकात ने देश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान जब शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचे, तब योगी ने उन्हें भगवा पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस दृश्य ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह के संदेश दिए और अब सवाल उठने लगा है कि क्या पश्चिम बंगाल में भी “योगी मॉडल” लागू होने जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी ने शपथ ग्रहण के बाद सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया और फिर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। लेकिन योगी आदित्यनाथ के साथ उनका विशेष जुड़ाव समारोह का सबसे चर्चित क्षण बन गया। मंच पर “जय श्री राम” के नारों के बीच योगी द्वारा भगवा पटका पहनाना केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक और वैचारिक संकेत माना जा र...
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: कांग्रेस किसी से गठबंधन नहीं करेगी, सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी
State, WEST BENGAL

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: कांग्रेस किसी से गठबंधन नहीं करेगी, सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की राजनीति गर्माने लगी है। इस वर्ष होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने ऐलान किया है कि वह राज्य की सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। यह निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई अहम बैठक में लिया गया। बैठक में पश्चिम बंगाल के कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। कांग्रेस ने क्यों लिया यह कदम?सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को भले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) से बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने विपक्षी गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद कांग्रेस या किसी सहयोगी दल के साथ गठबंधन पर बातचीत नहीं की। इस परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस ने राज्य की सभी सीटों पर...
SIR विवाद: ममता बनर्जी 2 फरवरी को दिल्ली में CEC से मुलाकात करेंगी
Politics, State, WEST BENGAL

SIR विवाद: ममता बनर्जी 2 फरवरी को दिल्ली में CEC से मुलाकात करेंगी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद अब दिल्ली तक पहुँच गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके प्रतिनिधिमंडल को 2 फरवरी को शाम 4 बजे ‘निर्वाचन सदन’ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने के लिए आमंत्रित किया है। टीएमसी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया बीजेपी को लाभ पहुँचाने के लिए पक्षपातपूर्ण तरीके से की जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मुद्दे को चुनाव आयोग के सामने रखकर राज्य में मतदाता अधिकारों के उल्लंघन की शिकायत करेंगी। ममता ने लगाए थे गंभीर आरोप राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर 25 जनवरी को ममता बनर्जी ने कहा था कि राज्य के लगभग 1.5 करोड़ मतदाताओं के दस्तावेजों में विसंगतियां पाई गई हैं या उन्हें 2002 की वोटर लिस्ट से नहीं जोड़ा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आय...
I-PAC पर ED छापेमारी: बंगाल सरकार ने हाईकोर्ट में दायर की केविएट, मांगा अपना पक्ष सुने बिना कोई आदेश न हो
State, WEST BENGAL

I-PAC पर ED छापेमारी: बंगाल सरकार ने हाईकोर्ट में दायर की केविएट, मांगा अपना पक्ष सुने बिना कोई आदेश न हो

    कोलकाता: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक (I-PAC) पर ईडी की छापेमारी के विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। राज्य सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में केविएट दायर करते हुए अनुरोध किया है कि इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसे सुनवाई का मौका दिया जाए।   क्या है केविएट? केविएट एक कानूनी नोटिस है, जो किसी पक्ष द्वारा दायर किया जाता है ताकि किसी केस में कोई आदेश या निर्णय दिए जाने से पहले उसे अपनी दलील रखने का अवसर मिल सके।   क्या हुआ मामला? गुरुवार को ईडी ने करोड़ों रुपये के कथित कोयला चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कोलकाता में आई-पैक और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की।   ईडी की कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी छापेमारी स्थल पर पहुंचीं। एजेंसी का दावा है कि ममता बनर्जी ने पुल...
I-PAC ऑफिस में ईडी की छापेमारी के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा, हस्तक्षेप के आरोपों से गरमाई बंगाल की राजनीति
State, WEST BENGAL

I-PAC ऑफिस में ईडी की छापेमारी के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा, हस्तक्षेप के आरोपों से गरमाई बंगाल की राजनीति

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राजनीतिक रणनीति बनाने वाली संस्था आई-पैक (I-PAC) के कार्यालय में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के दौरान कथित हस्तक्षेप के गंभीर आरोप लगे हैं। यह पूरा घटनाक्रम गुरुवार को उस समय सामने आया, जब ईडी की टीम मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में कोलकाता स्थित आई-पैक ऑफिस में कार्रवाई कर रही थी।   सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि उन्होंने आई-पैक के एक वरिष्ठ अधिकारी प्रतीक जैन का मोबाइल फोन अपने पास ले लिया। ईडी का दावा है कि इस दौरान राज्य पुलिस ने भी एजेंसी की कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की।   मुख्यमंत्री के साथ डीजीपी की मौजूदगी का दावा   ईडी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के साथ पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (...