Wednesday, February 11

अग्निपथ योजना 2026: इस साल होगी असली “अग्निपरीक्षा”, कितनों को मिलेगा रोजगार?

नई दिल्ली। अग्निपथ योजना के पहले बैच के चार साल पूरे होने के साथ ही इस वर्ष जवानों की असली परीक्षा शुरू होने वाली है। नेवी के लगभग 2,600 अग्निवीर इस नवंबर अपने चार साल के कार्यकाल को पूरा कर बाहर आएंगे। इसके बाद आर्मी और एयरफोर्स के अग्निवीर अगले साल की शुरुआत में बाहर होंगे।

This slideshow requires JavaScript.

सरकार की मौजूदा योजना के मुताबिक, 25% अग्निवीरों को स्थायी (परमानेंट) किया जाएगा, जबकि बाकी 75% युवाओं को बाहर जाना होगा। यही वह समय होगा जब अग्निपथ योजना की “अग्निपरीक्षा” होगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाहर होने वाले 75% अग्निवीरों को आगे कितना और किस तरह का रोजगार मिल पाता है।

कुछ राज्य सरकारें और CAPF में पुलिस विभागों ने अग्निवीरों के लिए कोटा निर्धारित किया है, लेकिन तीनों सेनाओं की तरफ से सुझाव आया था कि कम से कम 40-50%, और कुछ मामलों में 70% तक अग्निवीरों को स्थायी किया जाना चाहिए। अभी यह तय नहीं है कि सरकार 25% से अधिक अग्निवीरों को स्थायी करेगी या नहीं।

रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि चार साल के कार्यकाल को बढ़ाने पर फिलहाल विचार नहीं किया जा रहा है, लेकिन रिटेंशन रेट यानी कितने अग्निवीरों को स्थायी किया जाएगा, इसमें बदलाव की गुंजाइश है। पहले बैच से बदलाव किए जाने पर भविष्य में कानूनी विवाद भी कम होंगे।

इसके अलावा, यदि कोई अग्निवीर वीरगति को प्राप्त होता है या विकलांग हो जाता है, तो सेना ने उसकी और उसके परिवार की मदद नियमित सैनिकों के समान करने की सिफारिश की है। यह मसला भी अभी लंबित है।

अग्निपथ योजना पर राजनीतिक बहस जारी है, लेकिन असल चुनौती अब युवा अग्निवीरों की भविष्य की नौकरी और स्थायी होने की संभावनाओं पर होगी।

Leave a Reply