
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र 2026 में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद स्पीकर ने फैसला आने तक सदन न आने का निर्णय लिया।
केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसकर उन्हें गालियां दे रहे थे। रिजिजू ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता सांसदों को उकसा रहे थे। मंत्री ने कहा, “स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई हो सकती थी।”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज करीब 12 बजे सदन में अपनी बात रख सकते हैं। विपक्ष सरकार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर घेर सकता है। भाजपा सांसदों ने विपक्ष के इन कदमों को साजिश करार दिया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “राहुल गांधी की जिद के कारण बजट सत्र का कामकाज प्रभावित हुआ। विपक्ष के पास मुद्दा रखने का अधिकार है, लेकिन इसे सही तरीके से करना चाहिए।”
राज्यसभा में भी विपक्ष ने खुले गड्ढों और दुर्घटनाओं का मामला उठाया। आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक कुमार मित्तल ने नोएडा और रोहिणी में हुई मौतों का हवाला दिया।
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। विपक्ष ने संविधान के आर्टिकल 94(सी) का हवाला देते हुए यह प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि प्रस्ताव पर चर्चा बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन यानी 9 मार्च को हो सकती है।
इस बीच, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की किताब को लेकर विपक्ष के विरोध को मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास करार दिया। वहीं, कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने इसे विपक्ष पर दबाव बनाने का प्रयास बताया।
संसद के इस बजट सत्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लगातार तनाव जारी है, जिससे संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।
