Sunday, June 21

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भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला, लोकसभा में बोले- ‘देश बेचने में शर्म नहीं आती?’
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला, लोकसभा में बोले- ‘देश बेचने में शर्म नहीं आती?’

नई दिल्ली। लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। राहुल गांधी के तीखे तेवरों के चलते सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच जबर्दस्त घमासान देखने को मिला। राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह व्यापार समझौता बराबरी की शर्तों पर नहीं किया गया, बल्कि इसमें भारत के हितों को नजरअंदाज कर दिया गया है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “आपको देश बेचने में शर्म नहीं आती? सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया।” ‘किसानों के हितों को कुचल दिया गया’ राहुल गांधी ने दावा किया कि इस व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों को कुचल दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम आज तक किसी प्रधानमंत्री ने नहीं उठाया और आगे भी कोई प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करेगा। कांग्...
राहुल गांधी ने बजट बहस में किया मार्शल आर्ट का जिक्र, लोकसभा में भाषण को लेकर मचा हंगामा
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राहुल गांधी ने बजट बहस में किया मार्शल आर्ट का जिक्र, लोकसभा में भाषण को लेकर मचा हंगामा

नई दिल्ली। लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। अपने संबोधन की शुरुआत राहुल गांधी ने मार्शल आर्ट के उदाहरण से करते हुए की, जिस पर सदन में कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। राहुल गांधी ने कहा कि आज पूरी दुनिया में पुराने सिस्टम को चुनौती दी जा रही है और दुनिया एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है जहां वैश्विक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने इसे “खतरनाक युग” बताते हुए कहा कि मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर अब स्थिर नहीं रहा, बल्कि तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इकोनॉमिक सर्वे की राहुल गांधी ने की तारीफ राहुल गांधी ने अपने भाषण में इकोनॉमिक सर्वे का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें उसमें दो बेहद ठोस और गहरी बातें मिलीं, जो उन्हें पसंद आईं। उन्होंने कहा कि पहली बात यह है कि दुनिया में जियोपॉलिटिकल टक...
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर राहुल गांधी के आरोपों को बीजेपी ने बताया भ्रामक, कहा- ‘संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाई’
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर राहुल गांधी के आरोपों को बीजेपी ने बताया भ्रामक, कहा- ‘संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाई’

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी ने राहुल गांधी के दावों को “हास्यास्पद रूप से गलत” बताते हुए कहा कि उन्होंने सदन में बोलते समय “सड़क छाप भाषा” का इस्तेमाल कर संसदीय मर्यादा को गिराया है। क्या है विवाद? लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जरिए सरकार ने “भारत माता को बेच दिया” है। उन्होंने इसे “पूरी तरह आत्मसमर्पण” करार देते हुए दावा किया कि इस समझौते में भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका को सौंप दी गई है, साथ ही किसानों के हितों से भी समझौता किया गया है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें वि...
6 छंद, 25 लाइनें, 3.10 मिनट — वंदे मातरम् के लिए अब राष्ट्रगान जैसा आधिकारिक प्रोटोकॉल
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6 छंद, 25 लाइनें, 3.10 मिनट — वंदे मातरम् के लिए अब राष्ट्रगान जैसा आधिकारिक प्रोटोकॉल

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के गायन के लिए विस्तृत और आधिकारिक प्रोटोकॉल जारी किया है। नए दिशानिर्देशों में बताया गया है कि सरकारी और सार्वजनिक समारोहों में इसे कब, कैसे और किस क्रम में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। साथ ही, इस दौरान दर्शकों का आचरण कैसा होना चाहिए, इसकी भी स्पष्ट रूपरेखा दी गई है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों का मुख्य उद्देश्य देशभर में वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के समान औपचारिक सम्मान दिलाना और राजकीय तथा संस्थागत कार्यक्रमों में इसकी प्रामाणिक भूमिका सुनिश्चित करना है। इसके अनुसार, छह छंदों वाला संपूर्ण आधिकारिक संस्करण, जिसकी अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है, प्रमुख समारोहों में बजाया या प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें राष्ट्रीय ध्वज फहराना, राष्ट्रपति और राज्यपाल के औपचारिक आगमन एवं प्रस्थान, और उनके निर्धारित भाषणों से पहले या बाद में कार...
चीन का हृदय परिवर्तन: 4 साल में बदल गई रणनीति, यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता का सम्मान
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चीन का हृदय परिवर्तन: 4 साल में बदल गई रणनीति, यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता का सम्मान

नई दिल्ली। चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का सम्मान करते हुए वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में अपनी सोच में बड़ा बदलाव दिखाया है। यह कदम पिछले चार साल में भारत और चीन के रिश्तों में आए सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन के कार्यकारी उप विदेश मंत्री मा झाओक्सू ने 10 फरवरी को दिल्ली में भारत-चीन रणनीतिक संवाद के दौरान स्पष्ट किया कि चीन भारत की UNSC सदस्यता की आकांक्षा को समझता और उसका सम्मान करता है। यह बयान उस समय आया जब भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा था। पहले चीन का रुख था विरोधीयाद रहे, 2022 में भारत ने सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए आवेदन किया था। उस समय चीन ने इसका समर्थन नहीं किया था, जबकि अन्य चार स्थायी सदस्य – अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस – भारत के पक्ष में थे। संयुक्त र...
सौभाग्य समझूं या भाग्य, नहीं बता सकती: जया बच्चन ने राज्यसभा में लगवाए ठहाके
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सौभाग्य समझूं या भाग्य, नहीं बता सकती: जया बच्चन ने राज्यसभा में लगवाए ठहाके

नई दिल्ली। राज्यसभा में बुधवार को हास्य और आत्मीयता का एक अनोखा पल देखने को मिला, जब सपा सांसद जया बच्चन ने पीठासीन अधिकारी भुवनेश्वर कालिता से संवाद करते हुए पूरा सदन हंसी के ठहाकों से गूंज उठाया। जया बच्चन ने मुस्कुराते हुए कहा, "मैं जब भी बोलने के लिए आती हूं, आप ही चेयर पर होते हैं। अब मैं इसे सौभाग्य समझूं या भाग्य, नहीं बता सकती।" उनकी यह बात सुनते ही भुवनेश्वर कालिता हाथ जोड़कर अभिवादन करते दिखे और सदन जोर-जोर से ठहाके लगाकर गूंज उठा। राज्यसभा में इस हास्यप्रद क्षण ने संसदीय वातावरण को हल्का और मित्रवत बना दिया। खास बात यह रही कि ठहाके केवल किसी एक दल के सांसदों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्य इस माहौल का हिस्सा बने। लोकसभा से अलग, राज्यसभा में शांतिवहीं लोकसभा में आजकल सरकार और विपक्ष के बीच तीखी खींचतान देखी जा रही है। लेकिन राज्यसभा में बजट और यूएस-भारत ...
सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST में ‘क्रीमी लेयर’ आरक्षण याचिकाओं पर केंद्र से मांगा जवाब
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सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST में ‘क्रीमी लेयर’ आरक्षण याचिकाओं पर केंद्र से मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से उन याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने को कहा, जिनमें दाखिले और नौकरियों में आरक्षण के लाभों से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की 'क्रीमी लेयर' को बाहर रखने के मानदंड निर्धारित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। सुनवाई समता आंदोलन समिति की याचिका परचीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन. वी. अंजारी की पीठ ने ओ. पी. शुक्ला और समता आंदोलन समिति द्वारा दायर याचिकाओं की सुनवाई की। याचिकाओं में अगस्त 2024 के ऐतिहासिक फैसले को लागू करने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि केंद्र से जवाब आने के बाद इन याचिकाओं पर आगे विचार किया जाएगा। क्रीमी लेयर सिद्धांत क्या है?क्रीमी लेयर सिद्धांत मूल रूप से मंडल आयोग की सिफारिशों में प्रतिपादित किया गया था। इसके तहत, ओबीसी वर्ग के अधिक संपन्न सदस्य, जिन्हें क्रीमी लेयर कहा ...
लोकसभा स्पीकर के चेंबर में कांग्रेस सांसदों का गाली-गलौच, रिजिजू ने लगाया गंभीर आरोप
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लोकसभा स्पीकर के चेंबर में कांग्रेस सांसदों का गाली-गलौच, रिजिजू ने लगाया गंभीर आरोप

नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बुधवार को गंभीर आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चेंबर में घुसकर उन्हें भला-बुरा कहा। रिजिजू ने बताया कि इस घटना के समय वह भी मौके पर मौजूद थे। रिजिजू बोले- स्पीकर के साथ दुर्व्यवहारकेंद्रीय मंत्री ने कहा, "कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के चेंबर में घुस आए और उनसे दुर्व्यवहार किया। यदि स्पीकर कठोर स्वभाव के होते तो निश्चित रूप से कार्रवाई होती। प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद थे और वे उन्हें उकसा रहे थे।" अविश्वास प्रस्ताव पेशयह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विपक्ष ने महासचिव को नोटिस सौंपते हुए आरोप लगाया कि स्पीकर पक्षपाती तरीके से सदन का संचालन कर रहे हैं, कांग्रेस सांसदों प...
जजों को उपदेश देने का कोई फायदा नहीं: CJI सूर्यकांत ने खारिज की चंद्रचूड़ की जेंडर हैंडबुक
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जजों को उपदेश देने का कोई फायदा नहीं: CJI सूर्यकांत ने खारिज की चंद्रचूड़ की जेंडर हैंडबुक

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की 2023 में प्रकाशित ‘लिंग संबंधी रूढ़ियों से निपटने पर हैंडबुक’ को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश एम.के. सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि यह हैंडबुक तकनीकी और हार्वर्ड-केंद्रित है, जो रेप पीड़िता और आम लोगों के लिए समझने में कठिन है। CJI बोले-पीड़िता और आम लोग नहीं समझ सकते हैं हैंडबुकपीठ में जस्टिस जॉयमल्य बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारी ने कहा कि इस हैंडबुक में यौन उत्पीड़न के मामले फोरेंसिक नजरिए से पेश किए गए हैं, जो आम नागरिकों और पीड़ितों के लिए उपयोगी नहीं हैं। न्यायिक अकादमी को दी जिम्मेदारीसुप्रीम कोर्ट ने भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी को निर्देश दिया कि वे इस मुद्दे पर पुनर्विचार करें और जेंडर संवेदनशीलता से संबंधित दिशानिर्देश तैयार करके रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को प्रस्तुत करें। इसमें एमिकस क्यूरी शोभा गुप्ता...
अब दाल पर लाल-पीला: भारत-अमेरिका ट्रेड डील में पिछले 10 दिनों में हुए बड़े बदलाव
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अब दाल पर लाल-पीला: भारत-अमेरिका ट्रेड डील में पिछले 10 दिनों में हुए बड़े बदलाव

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई ट्रेड डील में पिछले एक सप्ताह में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। सबसे ताजा बदलाव दाल को लेकर है, जिसे अमेरिकी फूड एंड एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स की सूची से हटा दिया गया है। इसके अलावा, दोनों देशों की फैक्ट शीट में यह स्पष्ट किया गया है कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक का ऊर्जा, सूचना-प्रौद्योगिकी, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा। आइए जानते हैं पिछले 10 दिनों में हुए पांच बड़े बदलाव: 1. टैरिफ में अमेरिका ने दी राहत7 फरवरी से लागू नए नियमों के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगाए गए अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ को खत्म कर दिया। अब प्रभावी टैरिफ 18% रह गया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को वियतनाम और मैक्सिको जैसे देशों के मुकाबले बेहतर बाजार बढ़त मिलने की उम्मीद है। 2. रूसी तेल से दूरी और नया ऊर्जा करारट्रंप प्रशासन के अनुसार, भारत ने रूस स...