40 साल बाद इंसाफ! डॉक्टर पर चिल्लाने के कारण बर्खास्त टाटा मोटर्स कर्मचारी को हाई कोर्ट ने दिलाया न्याय
रांची (आशुतोष कुमार पांडेय): झारखंड हाई कोर्ट ने टाटा मोटर्स और उसके कर्मचारी के बीच लंबे समय से चली कानूनी लड़ाई में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने श्रम न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें 1984 में डॉक्टर पर चिकित्सा लापरवाही के विरोध में चिल्लाने के कारण बर्खास्त किए गए कर्मचारी की बर्खास्तगी को अवैध घोषित किया गया था।
न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने कहा कि यदि यह किसी वरिष्ठ कर्मचारी का मामला होता, तो चिकित्सा लापरवाही के लिए डॉक्टरों को दंडित किया जाता और मरीज मुआवजे का हकदार होता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारी का इलाज उसके नियोक्ता के अस्पताल में हुआ था और न हटाए गए टांके के कारण सेप्टिक संक्रमण से उसे तीव्र दर्द हुआ, जो चिकित्सा लापरवाही का मामला था।
मामला क्या था?
यह मामला फरवरी 1983 से शुरू हुआ, जब टाटा मोटर्स (तत्कालीन टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी) में स्थायी मोटर...










