25 साल बाद मां का पता चला, पर बेटे ने धर्म का हवाला देकर अपनाने से किया इनकार
कोलकाता/गोड्डा, 24 फरवरी 2026: यह कहानी केवल बिछड़ने और मिलने की नहीं, बल्कि रिश्तों और आस्था के टकराव की भी है। झारखंड के गोड्डा जिले की रहने वाली 70 वर्षीय सुशीला मुर्मू, जो करीब 25 साल पहले लापता हो गई थीं, हाल ही में कोलकाता के एक आश्रय गृह में मिलीं। लेकिन घर वापसी की उम्मीद तब टूट गई, जब उनके बेटे ने धर्म का हवाला देते हुए उन्हें अपनाने से इनकार कर दिया।
पति की मौत के बाद बदली जिंदगी
सुशीला मुर्मू के पति हिंदू धर्म के थे, जबकि वह स्वयं ईसाई धर्म का पालन करती थीं। ग्रामीणों के अनुसार, पति के निधन के बाद उन पर हिंदू धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया। उन्होंने धर्म परिवर्तन से इनकार किया, जिसके बाद कथित तौर पर परिवार और गांव के लोगों ने उन्हें घर छोड़ने को कहा।
इसके कुछ समय बाद वह लापता हो गईं।
2001 में कोलकाता पहुंचीं, आश्रय गृह बना ठिकाना
साल 2001 में उन्हें Missionaries of Charity स...










