Tuesday, February 24

AIMIM ने खेला नया दांव, RJD से अपने उम्मीदवार के समर्थन की मांग

पटना, 24 फरवरी 2026: बिहार में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। पांच सीटों पर होने वाले चुनाव में अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने नया दांव चलकर महागठबंधन की रणनीति को उलझा दिया है।

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जहां एक ओर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से दिवंगत नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब के नाम पर सहमति बनाने की कोशिशें हो रही थीं, वहीं AIMIM ने साफ संकेत दे दिया है कि उसकी प्राथमिकता हिना शहाब नहीं, बल्कि राज्यसभा में अपनी पार्टी का पहला प्रतिनिधि भेजना है।

“पहले AIMIM का खाता खुले”

AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्तमान में राज्यसभा में उनकी पार्टी का कोई सदस्य नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि वैचारिक समानता के आधार पर RJD और कांग्रेस को AIMIM के उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए, ताकि संसद में विपक्ष की आवाज और मजबूत हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि असदुद्दीन ओवैसी जिस बेबाकी से अपनी बात रखते हैं, वैसी मुखरता की जरूरत उच्च सदन में भी है।

हिना शहाब पर रणनीतिक चुप्पी

जब हिना शहाब की संभावित उम्मीदवारी पर सवाल किया गया, तो अख्तरुल ईमान ने सीधा समर्थन देने से परहेज किया। उन्होंने संकेत दिया कि AIMIM बिहार से अपना प्रत्याशी उतारने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

पार्टी का मानना है कि यदि महागठबंधन सामूहिक रणनीति अपनाए, तो अतिरिक्त सीट जीतना संभव है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि समर्थन नहीं मिलने की स्थिति में AIMIM अपनी अलग रणनीति बनाएगी।

राज्यसभा की गणित में ‘किंगमेकर’ की भूमिका

राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 26 फरवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। मौजूदा संख्या बल के अनुसार एनडीए चार सीटों पर मजबूत स्थिति में है। असली मुकाबला पांचवीं सीट को लेकर है।

एनडीए को पांचवीं सीट के लिए तीन अतिरिक्त विधायकों की जरूरत है, जबकि महागठबंधन को छह अतिरिक्त मतों की दरकार है। ऐसे में पांच विधायकों वाली AIMIM और एक विधायक वाली बसपा निर्णायक भूमिका में नजर आ रही हैं।

महागठबंधन के सामने दुविधा

अब सवाल यह है कि RJD हिना शहाब की राजनीतिक विरासत को प्राथमिकता देती है या AIMIM के साथ नए समीकरण बनाकर विपक्षी एकता का संदेश देना चाहती है।

अख्तरुल ईमान का दावा है कि वे महागठबंधन नेतृत्व के संपर्क में हैं और सकारात्मक निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि राज्यसभा की इस ‘शतरंज’ में आखिरी चाल किसकी भारी पड़ेगी।

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