
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित आम्रपाली गोल्फ होम्स और आम्रपाली किंग्सवुड सोसायटी में रविवार को लिफ्ट खराब होने से एक ही परिवार के चार सदस्य करीब 30 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे। घटना के बाद सोसायटी में हड़कंप मच गया और आक्रोशित निवासियों ने एओए व प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
परिजनों का आरोप है कि लिफ्ट के भीतर पंखा बंद था और वेंटिलेशन की समुचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे अंदर घुटन की स्थिति बन गई। बुजुर्ग महिला और नौ वर्षीय बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। समय पर राहत न मिलने से परिजनों में दहशत और गुस्सा दोनों बढ़ते गए।
बेसमेंट जाते समय बीच में अटकी लिफ्ट
एल-9 टावर में रहने वाले अचिन राठौर के अनुसार उनकी बुजुर्ग मां, पत्नी, बहन और बेटा ग्राउंड फ्लोर से बेसमेंट पार्किंग की ओर जा रहे थे। इसी दौरान लिफ्ट अचानक रुक गई और दरवाजा नहीं खुला। कई बार अलार्म बजाने और बटन दबाने के बावजूद तुरंत कोई मदद नहीं पहुंची। अंदर फंसे लोगों ने शोर मचाया, जिसकी आवाज पास से गुजर रहे एक निवासी ने सुनी और अन्य लोगों को सूचना दी।
आधे घंटे बाद मिली राहत
सूचना मिलने के बाद सोसायटी कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों को लिफ्ट का दरवाजा खोलने की तकनीकी जानकारी नहीं थी। काफी मशक्कत के बाद करीब 30 मिनट में लिफ्ट खोली जा सकी और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। परिजनों का कहना है कि यदि थोड़ी और देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद टावर के सामने लोगों ने नारेबाजी करते हुए लिफ्टों की नियमित जांच और समयबद्ध मेंटेनेंस की मांग उठाई। निवासियों ने बिसरख पुलिस से भी शिकायत दर्ज कराई है।
ड्रीम वैली-2 में भी लिफ्टों पर सवाल
इसी बीच ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आम्रपाली ड्रीम वैली-2 सोसायटी में भी लिफ्टों की खराब स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है। एओए अध्यक्ष हरि श्याम ठाकुर ने बताया कि 18 टावरों वाले इस परिसर में करीब तीन हजार परिवार रह रहे हैं, लेकिन कई टावरों में पजेशन मिलने के बावजूद लिफ्ट चालू नहीं हैं। टावर ए-7 में 70 से अधिक परिवार बिना लिफ्ट के रहने को मजबूर हैं, जबकि ए-1 से ए-6 तक कई लिफ्ट बंद पड़ी हैं। इस संबंध में संबंधित एजेंसी को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
प्रबंधन ने दिया जांच का आश्वासन
एओए अध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि संबंधित कंपनी को तकनीकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी टावरों के सुरक्षा कर्मियों को लिफ्ट संचालन से जुड़े कर्मचारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
