
चंडीगढ़, 24 फरवरी 2026: भारतीय विदेश सेवा की 2017 बैच की अधिकारी जूही जलोटा ने सोमवार को चंडीगढ़ के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) में उप पासपोर्ट अधिकारी और कार्यालय प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने 2015 बैच की अधिकारी प्रियंका मेहतानी का स्थान लिया है। यह नियुक्ति विदेश मंत्रालय के कांसुलर, पासपोर्ट एवं वीजा (CPV) प्रभाग के अंतर्गत नियमित रोटेशनल पोस्टिंग का हिस्सा है।
पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ की जिम्मेदारी
चंडीगढ़ RPO की प्रमुख के रूप में जूही जलोटा अब केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में पासपोर्ट सेवाओं की निगरानी करेंगी। यह क्षेत्र प्रवासी आबादी के कारण पासपोर्ट आवेदनों की दृष्टि से अत्यंत व्यस्त माना जाता है। ऐसे में उनकी भूमिका प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में अहम होगी।
ग्वालियर से लेकर विदेश सेवा तक का सफर
35 वर्षीय जूही जलोटा मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली हैं। उनकी शादी लुधियाना के मॉडल ग्राम निवासी एक कारोबारी से हुई है।
उन्होंने जालंधर के DAV इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। सिविल सेवा की तैयारी शुरू करने से पहले उन्होंने दिल्ली की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्य अनुभव भी हासिल किया।
तीसरे प्रयास में पाई सफलता
जूही जलोटा ने 2017 की सिविल सेवा परीक्षा अपने तीसरे प्रयास में अखिल भारतीय 122वीं रैंक के साथ उत्तीर्ण की। उन्होंने दर्शनशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था। प्रारंभिक इच्छा भारतीय पुलिस सेवा में जाने की थी, लेकिन चयन के बाद उन्हें भारतीय विदेश सेवा आवंटित हुई।
वे भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी के रूप में मैड्रिड में तृतीय सचिव तथा ब्यूनस आयर्स में कांसुलर, सांस्कृतिक और सूचना संबंधी दायित्व निभा चुकी हैं। बाद में नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय मुख्यालय में दक्षिण प्रभाग में अवर सचिव के रूप में उन्होंने मलेशिया और फिलीपींस से जुड़े मामलों को संभाला। साथ ही, वे इस प्रभाग में आरटीआई मामलों के लिए केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी भी रहीं।
विदेश नीति से प्रशासनिक जिम्मेदारी तक
चंडीगढ़ में उनकी तैनाती नीतिगत और विदेशी मामलों से हटकर एक ऐसे प्रशासनिक पद की ओर बदलाव का संकेत देती है, जिसमें आम नागरिकों से सीधा संवाद और सेवा वितरण की जिम्मेदारी शामिल है।
उनकी नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि क्षेत्रीय पासपोर्ट सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता, दक्षता और सुगमता आएगी।
