दिल्ली में चाइल्ड ट्रैफिकिंग का खौफनाक सच बाहर से लाए गए नाबालिगों से कराई जा रही मजदूरी, रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे 2023 से 2026 के बीच 6,700 से ज्यादा बच्चे दिल्ली में तस्करी के शिकार
नई दिल्ली।
देश की राजधानी दिल्ली में चाइल्ड ट्रैफिकिंग का एक भयावह चेहरा सामने आया है। बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली से लापता होने वाले बच्चे भले ही कम संख्या में मानव तस्करी का शिकार होते हों, लेकिन बाहरी राज्यों से हर साल हजारों नाबालिगों को राजधानी लाकर उनसे मजदूरी कराई जाती है।
बाहरी राज्यों से लाए जाते हैं बच्चे
JRC के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत के अनुसार, 1 अप्रैल 2023 से 29 जनवरी 2026 के बीच दिल्ली में मानव तस्करी के शिकार 6,759 नाबालिगों को मुक्त कराया गया। इनमें 2,134 लड़कियां और 3,281 लड़के शामिल हैं। इस दौरान दिल्ली में 2,407 चाइल्ड ट्रैफिकिंग के मामले दर्ज किए गए।
रिपोर्ट के अनुसार, ये बच्चे मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से लाए गए थे और उन्हें मजदूरी, घरेलू काम और अन्य शो...









