Friday, May 15

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सावधान! कहीं आप भी तो नहीं पी रहे ई-कोलाई वाला पानी?

हापुड़, 24 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में कई ब्रांड के पानी के नमूनों में खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने चार प्लांट के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। एक अन्य प्लांट का लाइसेंस केंद्र से जारी होने के कारण निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गई है।

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यह पानी हापुड़ ही नहीं, बल्कि एनसीआर के कई जिलों में भी सप्लाई किया जा रहा था, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

16 सैंपल में 5 फेल, बड़े ब्रांड अधोमानक

Food Safety and Drug Administration (एफएसडीए) ने जिले के 12 प्लांट से 16 नमूने लिए थे। जांच में पांच सैंपल फेल पाए गए। जिन ब्रांडों के नमूने अधोमानक पाए गए उनमें –

  • ऐलिन (दो सैंपल)

  • सिग्नेचर

  • विरगो

  • टॉनिक

शामिल हैं। संबंधित प्लांट के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और बाजार से स्टॉक हटाकर नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

क्या है ई-कोलाई और कितना खतरनाक?

एमएमजी अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, ई-कोलाई बैक्टीरिया आमतौर पर मानव या पशु मल के संपर्क से पानी में पहुंचता है। यह सीवेज या खेतों से बहकर पीने के पानी को दूषित कर सकता है।

दूषित पानी पीने से निम्न लक्षण हो सकते हैं:

  • तेज पेट दर्द

  • बुखार

  • उल्टी

  • खूनी दस्त

  • आंतों में गंभीर संक्रमण

गंभीर मामलों में यह संक्रमण जानलेवा भी साबित हो सकता है।

बिक्री और वितरण पर तत्काल रोक

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी थोक और खुदरा विक्रेताओं को आदेश दिया है कि संबंधित ब्रांड की बिक्री तुरंत बंद करें। होटल, ढाबा या दुकानों में यदि इन ब्रांडों की बिक्री पाई गई तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने गाजियाबाद सहित आसपास के जिलों में भी सैंपलिंग तेज कर दी है। हापुड़ में करीब 30 प्लांट प्रतिदिन लाखों लीटर पानी की सप्लाई करते हैं, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

प्रशासन अलर्ट, जनता से अपील

अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और सुरक्षित ब्रांड का पानी ही खरीदें तथा संदिग्ध बोतलबंद पानी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

यह मामला पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की गुणवत्ता और निगरानी प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

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