
कोलकाता, 24 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल की प्रतिष्ठित जाधवपुर यूनिवर्सिटी में हालिया हिंसक झड़प के बाद प्रशासन ने सख्त फैसला लिया है। अब मंगलवार से कैंपस परिसर में रात 8 बजे के बाद छात्रों के समूह में इकट्ठा होने पर प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय शुक्रवार को छात्रों के दो गुटों के बीच हुई हिंसा के मद्देनज़र लिया गया है, जिसमें दो प्रोफेसर और कई छात्र घायल हो गए थे।
हिंसा में दो प्रोफेसर घायल
शुक्रवार को साइंस-आर्ट्स चौराहे पर दो छात्र समूहों के बीच विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। बीच-बचाव करने पहुंचे प्रोफेसर राजेश्वर सिन्हा और प्रोफेसर ललित ललिताव मोहकुड भी हमले का शिकार हो गए।
प्रोफेसर राजेश्वर सिन्हा ने बताया कि वे एक रिसर्च स्कॉलर के साथ लौट रहे थे, तभी उन्होंने छात्रों को झगड़ते देखा। अन्य शिक्षकों के साथ मिलकर उन्होंने लगभग 25-30 मिनट तक स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, “हालात शांत हो ही रहे थे कि एक और समूह आ गया और अंधाधुंध मारपीट शुरू कर दी। भीड़ के बीच मुझे आंख पर घूंसा लगा और मैं गिर पड़ा। मेरा चश्मा भी टूट गया। अपने इतने वर्षों के कार्यकाल में मैंने ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा।”
जेयूटीए ने दी काम बंद करने की चेतावनी
घटना के बाद जाधवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (JUTA) ने कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्जी को पत्र लिखकर छह छात्रों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
JUTA के महासचिव पार्थ प्रतिम रे ने कहा, “हम हैरान और गुस्से में हैं। यूनिवर्सिटी में सुरक्षित, निडर और लोकतांत्रिक माहौल सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।”
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा तक कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षक काम बंद कर सकते हैं।
पहले भी हुई थी मारपीट
प्रतिबंध लागू होने से एक दिन पहले सोमवार को भी कैंपस में एक छात्र के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। इंग्लिश विभाग के एक छात्र को गंभीर चोटें आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे कैंपस में तनाव और बढ़ गया।
प्रशासन का संदेश: अनुशासन सर्वोपरि
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कैंपस में शांति और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। रात 8 बजे के बाद समूह में एकत्र होने पर प्रतिबंध का उद्देश्य किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है
