Wednesday, June 24

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बीजेपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की तारीखों का ऐलान, 19 जनवरी को नामांकन
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बीजेपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की तारीखों का ऐलान, 19 जनवरी को नामांकन

  20 जनवरी को नए अध्यक्ष का औपचारिक ऐलान; नितिन नबीन बन सकते हैं पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नई दिल्ली: केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। नामांकन 19 जनवरी को होगा और नए अध्यक्ष का औपचारिक ऐलान 20 जनवरी को किया जाएगा।   वर्तमान में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की संभावना अधिक मानी जा रही है। वे पार्टी के लंबे समय तक नेतृत्व कर चुके जेपी नड्डा की जगह लेंगे।   बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नितिन नबीन 19 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक के रूप में मौजूद रहने की उम्मीद है, जो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व के बीच नबीन के मजबूत समर्थन को दर्शाता है। &...
IAF राफेल जेट डील: सोर्स कोड और स्वदेशी हथियारों में कोई समझौता नहीं
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IAF राफेल जेट डील: सोर्स कोड और स्वदेशी हथियारों में कोई समझौता नहीं

  114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट की खरीद में आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता; फ्रांस के साथ डील जल्द ही रक्षा अधिग्रहण परिषद को भेजी जाएगीनई दिल्ली: भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए हो रहे 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) या राफेल जेट सौदे में सोर्स कोड का ट्रांसफर अनिवार्य होगा और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि वायु सेना की आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।   सूत्रों के अनुसार, इन विमानों में भविष्य में जरूरत पड़ने पर स्वदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकेगा और दूसरे विमानों के साथ कनेक्टिविटी भी अनिवार्य होगी। यह कदम वायुसेना की क्षमता को लंबी अवधि तक बनाए रखने और मौजूदा स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमानों (LCA तेजस), विकसित तेजस-मार्क-2 और पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के साथ तालमेल सु...
साइबर स्लीपर सेल के जाल में फंसा भारत, चीन-पाक क्राइम सिंडिकेट ने बनाई खतरे की योजना दिल्ली पुलिस ने साइबर स्लीपर सेल के खिलाफ FIR दर्ज की; नेशनल सिक्योरिटी के लिए गंभीर चेतावनी
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साइबर स्लीपर सेल के जाल में फंसा भारत, चीन-पाक क्राइम सिंडिकेट ने बनाई खतरे की योजना दिल्ली पुलिस ने साइबर स्लीपर सेल के खिलाफ FIR दर्ज की; नेशनल सिक्योरिटी के लिए गंभीर चेतावनी

      नई दिल्ली: चीन और पाकिस्तान के क्राइम सिंडिकेट मिलकर भारत में साइबर स्लीपर सेल तैयार कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने हाल ही में इस नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।   जांच में सामने आया है कि आरोपी ऋतिक और उसके सहयोगी पाकिस्तान के हैंडलरों के संपर्क में थे। उन्होंने भारतीय क्रिप्टो ट्रेडर्स के UPI ID और बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर पाकिस्तान स्थित संदिग्धों को डिजिटल ट्रांजैक्शन कराने का काम किया। इसके लिए उन्हें 5% कमीशन मिलता था। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और सिम कार्ड के जरिए साइबर स्लीपर सेल के लिए स्थानीय लोगों को आकर्षित किया।   पुलिस ने पकड़े गए अन्य सदस्य तनवीर आलम उर्फ हैदर का खुलासा किया, जो पाकिस्तान स्थित हैकरों से सीधे जुड़ा था। यह समूह भारतीय रक्षा संस्थानों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है। ...
सुप्रीम कोर्ट से जस्टिस यशवंत वर्मा को झटका, महाभियोग प्रस्ताव पर याचिका खारिज
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सुप्रीम कोर्ट से जस्टिस यशवंत वर्मा को झटका, महाभियोग प्रस्ताव पर याचिका खारिज

  अदालत ने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत जांच समिति गठन चुनौती खारिज की; महाभियोग प्रक्रिया के लिए रास्ता साफ नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के तहत न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के अनुसार जांच समिति के गठन को चुनौती दी थी।   जस्टिस वर्मा के खिलाफ यह महाभियोग प्रस्ताव उनके आधिकारिक आवास से बरामद नकदी के बाद पेश किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया के तहत आगे की जांच का रास्ता साफ हो गया है।   8 जनवरी को जस्टिस वर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और लोकसभा सचिवालय की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी दलीलें पेश की थीं।...
डिजिटल युग में भी छपी किताबों की लोकप्रियता बरकरार, Gen-Z को लुभाने में जुटे प्रकाशक
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डिजिटल युग में भी छपी किताबों की लोकप्रियता बरकरार, Gen-Z को लुभाने में जुटे प्रकाशक

    ई-बुक के दौर के बावजूद प्रिंट की दुनिया में रुचि कायम; इतिहास, समाजशास्त्र और जीवन कौशल पर आधारित किताबें सबसे ज्यादा बिक रही हैं नई दिल्ली: डिजिटल युग और ई-बुक के बढ़ते चलन के बावजूद छपी किताबों की मांग में कमी नहीं आई है। प्रकाशक अब नए पाठकों, खासकर Gen-Z पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए नए विषय और लेखकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इतिहास, समाजशास्त्र, जीवनी और करियर/मानसिक स्थिरता से जुड़ी किताबें आजकल सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।   राजकमल प्रकाशन के मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक माहेश्वरी का कहना है कि छपी किताबों का रुतबा आज भी बरकरार है और प्रिंट साहित्य कभी खत्म नहीं होगा। वहीं, वाणी प्रकाशन की CEO अदिति माहेश्वरी बताती हैं कि कोरोना काल में ई-बुक की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा था, लेकिन अब पाठक दोबारा प्रिंट किताबें खरीदने लगे हैं।   अशोक बताते हैं कि प्रिंट किताब ...
बीएनपी नेता तारिक रहमान ने चुनाव से पहले पाक समर्थक ताकतों से साधा संपर्क, भारत के साथ रिश्तों पर उठे सवाल
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बीएनपी नेता तारिक रहमान ने चुनाव से पहले पाक समर्थक ताकतों से साधा संपर्क, भारत के साथ रिश्तों पर उठे सवाल

  बांग्लादेश चुनाव से पहले बीएनपी अध्यक्ष का ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) अमन आजमी से अचानक मुलाकात, राजनीतिक विशेषज्ञों ने जताई भारत-विरोधी रुख की चिंता   लेख: नई दिल्ली: बांग्लादेश चुनाव से ठीक पहले बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के नेता तारिक रहमान ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। चुनाव के लिए अपने देश लौटे रहमान की ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) अमन आजमी से ढाका में हाल ही में हुई मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।   अमन आजमी पाकिस्तान समर्थक परिवार से ताल्लुक रखते हैं और बांग्लादेश की राजनीति में अपने भारत-विरोधी एजेंडे के लिए जाने जाते हैं। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान उनके पिता गुलाम आजम के नेतृत्व में जमात-ए-इस्लामी ने पाकिस्तानी फौज के साथ मिलकर पीस कमेटियों और अल-बद्र जैसी मिलिशिया का गठन किया था, जिनसे हजारों बांग्लादेशियों की हत्या हुई। ...
स्वदेशी राफेल! 114 लड़ाकू विमानों की डील में 80% भारत में निर्माण की शर्त
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स्वदेशी राफेल! 114 लड़ाकू विमानों की डील में 80% भारत में निर्माण की शर्त

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए भारत फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए बातचीत कर रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान इस डील पर मुहर लगने की संभावना है। इस डील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 80 प्रतिशत विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा, जिससे स्थानीय उत्पादन और रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी। डील के तहत, विमानों की सेवाक्षमता बढ़ाने के लिए भारत में मरम्मत, रखरखाव और एमआरओ सुविधाएँ स्थापित करने की योजना है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना से भारतीय कंपनियों को राफेल के पुर्जों के निर्माण और भविष्य में निर्यात आदेश मिलने की संभावना भी है। हाल ही में, फ्रांस की एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी थेल्स ने राफेल में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक AESA रडार के पार्ट्स बनाने का ठेका एक भारतीय कंपनी को सौंपा है। भारत ने नौसेना के लिए पहले ह...
परमाणु युद्ध की तैयारी में ब्रिटिश सरकार ने तैयार किया था क्वीन का विशेष भाषण
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परमाणु युद्ध की तैयारी में ब्रिटिश सरकार ने तैयार किया था क्वीन का विशेष भाषण

लंदन: शीत युद्ध के दौरान दुनिया भर में परमाणु संकट बढ़ने के समय ब्रिटिश सरकार ने एक विशेष योजना बनाई थी। अगर परमाणु युद्ध छिड़ता, तो क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय जनता को संबोधित करतीं। यह भाषण 4 मार्च 1983 को तैयार किया गया था, लेकिन सौभाग्य से कभी इसे पढ़ने की आवश्यकता नहीं पड़ी। भाषण में रानी एलिजाबेथ ने देशवासियों को संबोधित करते हुए युद्ध की भयावहता और देश की सुरक्षा के लिए तैयार रहने का संदेश देने की तैयारी की थी। इसमें उनके पिता जॉर्ज पंचम और बेटे प्रिंस एंड्रयू का भी उल्लेख था। क्वीन ने लिखा था कि “दुश्मन कोई सैनिक नहीं है, बल्कि दुरुपयोग की गई तकनीक की घातक शक्ति है। परिवार का बंधन ही इस अज्ञात खतरे के खिलाफ हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।” उस समय ब्रिटिश सेना ने संभावित परमाणु हमले की स्थिति में युद्ध अभ्यास भी किया था। इसमें सोवियत संघ की ओर से ‘ऑरेंज फोर्स’ और ब्रिटेन की ‘ब्लू फोर्स’ के...
भारत के गणतंत्र दिवस पर पाकिस्तान के गवर्नर जनरल बने मुख्य अतिथि: 71 साल पुराना ऐतिहासिक किस्सा
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भारत के गणतंत्र दिवस पर पाकिस्तान के गवर्नर जनरल बने मुख्य अतिथि: 71 साल पुराना ऐतिहासिक किस्सा

नई दिल्ली: पाकिस्तान और भारत के संबंध आज तनावपूर्ण हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब भारत ने पाकिस्तान के गवर्नर जनरल को अपने गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। यह ऐतिहासिक घटना 1955 की है। उस समय पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद थे। भारत ने उन्हें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में बुलाने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि उनका प्रशासनिक और शैक्षणिक बैकग्राउंड भारत से जुड़ा हुआ था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की थी और ब्रिटिश प्रशासन में चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में कार्य किया। 1947 से पहले वे इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस में थे और हैदराबाद के निज़ाम के वित्तीय सलाहकार भी रहे। बंटवारे के बाद वे पाकिस्तान चले गए और वहां पहले फाइनेंस मिनिस्टर बने। मलिक गुलाम मोहम्मद का कार्यकाल पाकिस्तान में संवैधानिक ब...
चाबहार से कश्मीर तक: ईरान में विद्रोह ने बढ़ाई भारत की चिंता
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चाबहार से कश्मीर तक: ईरान में विद्रोह ने बढ़ाई भारत की चिंता

  ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता से भारत की चिंता बढ़ गई है। ईरान भारत के लिए मध्य एशिया तक का प्रवेश द्वार है और चाबहार बंदरगाह के माध्यम से व्यापार और रणनीतिक कनेक्टिविटी का अहम जरिया भी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन होता है या मौजूदा शासन कमजोर पड़ता है, तो सीधे तौर पर भारत के हितों को नुकसान हो सकता है और पाकिस्तान-चीन को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है। भारत-ईरान संबंधों का भू-रणनीतिक महत्व भारत और ईरान के संबंध कभी वैचारिक नहीं रहे, बल्कि भूगोल, व्यापार और सामरिक संतुलन पर आधारित रहे हैं। पाकिस्तान द्वारा भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक जमीनी रास्ते बंद होने के कारण ईरान भारत का पश्चिम की ओर एकमात्र व्यवहार्य गलियारा रहा है। इस गलियारे के माध्यम से भारत ने अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए पहुंच बनाई है। ...