Sunday, March 8

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डिजिटल युग में भी छपी किताबों की लोकप्रियता बरकरार, Gen-Z को लुभाने में जुटे प्रकाशक
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डिजिटल युग में भी छपी किताबों की लोकप्रियता बरकरार, Gen-Z को लुभाने में जुटे प्रकाशक

    ई-बुक के दौर के बावजूद प्रिंट की दुनिया में रुचि कायम; इतिहास, समाजशास्त्र और जीवन कौशल पर आधारित किताबें सबसे ज्यादा बिक रही हैं नई दिल्ली: डिजिटल युग और ई-बुक के बढ़ते चलन के बावजूद छपी किताबों की मांग में कमी नहीं आई है। प्रकाशक अब नए पाठकों, खासकर Gen-Z पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए नए विषय और लेखकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इतिहास, समाजशास्त्र, जीवनी और करियर/मानसिक स्थिरता से जुड़ी किताबें आजकल सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।   राजकमल प्रकाशन के मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक माहेश्वरी का कहना है कि छपी किताबों का रुतबा आज भी बरकरार है और प्रिंट साहित्य कभी खत्म नहीं होगा। वहीं, वाणी प्रकाशन की CEO अदिति माहेश्वरी बताती हैं कि कोरोना काल में ई-बुक की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा था, लेकिन अब पाठक दोबारा प्रिंट किताबें खरीदने लगे हैं।   अशोक बताते हैं कि प्रिंट किताब ...
बीएनपी नेता तारिक रहमान ने चुनाव से पहले पाक समर्थक ताकतों से साधा संपर्क, भारत के साथ रिश्तों पर उठे सवाल
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बीएनपी नेता तारिक रहमान ने चुनाव से पहले पाक समर्थक ताकतों से साधा संपर्क, भारत के साथ रिश्तों पर उठे सवाल

  बांग्लादेश चुनाव से पहले बीएनपी अध्यक्ष का ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) अमन आजमी से अचानक मुलाकात, राजनीतिक विशेषज्ञों ने जताई भारत-विरोधी रुख की चिंता   लेख: नई दिल्ली: बांग्लादेश चुनाव से ठीक पहले बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के नेता तारिक रहमान ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। चुनाव के लिए अपने देश लौटे रहमान की ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) अमन आजमी से ढाका में हाल ही में हुई मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।   अमन आजमी पाकिस्तान समर्थक परिवार से ताल्लुक रखते हैं और बांग्लादेश की राजनीति में अपने भारत-विरोधी एजेंडे के लिए जाने जाते हैं। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान उनके पिता गुलाम आजम के नेतृत्व में जमात-ए-इस्लामी ने पाकिस्तानी फौज के साथ मिलकर पीस कमेटियों और अल-बद्र जैसी मिलिशिया का गठन किया था, जिनसे हजारों बांग्लादेशियों की हत्या हुई। ...
स्वदेशी राफेल! 114 लड़ाकू विमानों की डील में 80% भारत में निर्माण की शर्त
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स्वदेशी राफेल! 114 लड़ाकू विमानों की डील में 80% भारत में निर्माण की शर्त

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए भारत फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए बातचीत कर रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान इस डील पर मुहर लगने की संभावना है। इस डील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 80 प्रतिशत विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा, जिससे स्थानीय उत्पादन और रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी। डील के तहत, विमानों की सेवाक्षमता बढ़ाने के लिए भारत में मरम्मत, रखरखाव और एमआरओ सुविधाएँ स्थापित करने की योजना है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना से भारतीय कंपनियों को राफेल के पुर्जों के निर्माण और भविष्य में निर्यात आदेश मिलने की संभावना भी है। हाल ही में, फ्रांस की एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी थेल्स ने राफेल में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक AESA रडार के पार्ट्स बनाने का ठेका एक भारतीय कंपनी को सौंपा है। भारत ने नौसेना के लिए पहले ह...
परमाणु युद्ध की तैयारी में ब्रिटिश सरकार ने तैयार किया था क्वीन का विशेष भाषण
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परमाणु युद्ध की तैयारी में ब्रिटिश सरकार ने तैयार किया था क्वीन का विशेष भाषण

लंदन: शीत युद्ध के दौरान दुनिया भर में परमाणु संकट बढ़ने के समय ब्रिटिश सरकार ने एक विशेष योजना बनाई थी। अगर परमाणु युद्ध छिड़ता, तो क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय जनता को संबोधित करतीं। यह भाषण 4 मार्च 1983 को तैयार किया गया था, लेकिन सौभाग्य से कभी इसे पढ़ने की आवश्यकता नहीं पड़ी। भाषण में रानी एलिजाबेथ ने देशवासियों को संबोधित करते हुए युद्ध की भयावहता और देश की सुरक्षा के लिए तैयार रहने का संदेश देने की तैयारी की थी। इसमें उनके पिता जॉर्ज पंचम और बेटे प्रिंस एंड्रयू का भी उल्लेख था। क्वीन ने लिखा था कि “दुश्मन कोई सैनिक नहीं है, बल्कि दुरुपयोग की गई तकनीक की घातक शक्ति है। परिवार का बंधन ही इस अज्ञात खतरे के खिलाफ हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।” उस समय ब्रिटिश सेना ने संभावित परमाणु हमले की स्थिति में युद्ध अभ्यास भी किया था। इसमें सोवियत संघ की ओर से ‘ऑरेंज फोर्स’ और ब्रिटेन की ‘ब्लू फोर्स’ के...
भारत के गणतंत्र दिवस पर पाकिस्तान के गवर्नर जनरल बने मुख्य अतिथि: 71 साल पुराना ऐतिहासिक किस्सा
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भारत के गणतंत्र दिवस पर पाकिस्तान के गवर्नर जनरल बने मुख्य अतिथि: 71 साल पुराना ऐतिहासिक किस्सा

नई दिल्ली: पाकिस्तान और भारत के संबंध आज तनावपूर्ण हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब भारत ने पाकिस्तान के गवर्नर जनरल को अपने गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। यह ऐतिहासिक घटना 1955 की है। उस समय पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद थे। भारत ने उन्हें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में बुलाने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि उनका प्रशासनिक और शैक्षणिक बैकग्राउंड भारत से जुड़ा हुआ था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की थी और ब्रिटिश प्रशासन में चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में कार्य किया। 1947 से पहले वे इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस में थे और हैदराबाद के निज़ाम के वित्तीय सलाहकार भी रहे। बंटवारे के बाद वे पाकिस्तान चले गए और वहां पहले फाइनेंस मिनिस्टर बने। मलिक गुलाम मोहम्मद का कार्यकाल पाकिस्तान में संवैधानिक ब...
चाबहार से कश्मीर तक: ईरान में विद्रोह ने बढ़ाई भारत की चिंता
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चाबहार से कश्मीर तक: ईरान में विद्रोह ने बढ़ाई भारत की चिंता

  ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता से भारत की चिंता बढ़ गई है। ईरान भारत के लिए मध्य एशिया तक का प्रवेश द्वार है और चाबहार बंदरगाह के माध्यम से व्यापार और रणनीतिक कनेक्टिविटी का अहम जरिया भी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन होता है या मौजूदा शासन कमजोर पड़ता है, तो सीधे तौर पर भारत के हितों को नुकसान हो सकता है और पाकिस्तान-चीन को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है। भारत-ईरान संबंधों का भू-रणनीतिक महत्व भारत और ईरान के संबंध कभी वैचारिक नहीं रहे, बल्कि भूगोल, व्यापार और सामरिक संतुलन पर आधारित रहे हैं। पाकिस्तान द्वारा भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक जमीनी रास्ते बंद होने के कारण ईरान भारत का पश्चिम की ओर एकमात्र व्यवहार्य गलियारा रहा है। इस गलियारे के माध्यम से भारत ने अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए पहुंच बनाई है। ...
भारत का रॉकेट-मिसाइल फोर्स: ईरान बन सकता है मॉडल, अमेरिका-इजरायल भी कांपते हैं
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भारत का रॉकेट-मिसाइल फोर्स: ईरान बन सकता है मॉडल, अमेरिका-इजरायल भी कांपते हैं

  भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि समय की जरूरत अब एक विशेष रॉकेट-मिसाइल फोर्स की है। यह फोर्स भारत को चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के खतरे से निपटने में मदद करेगी। जनरल द्विवेदी ने सुझाव दिया कि भारत इस मामले में ईरान से भी सीख सकता है, क्योंकि ईरान की मिसाइल-रॉकेट क्षमताओं ने अमेरिका और इजरायल को भी हतोत्साहित किया है। रॉकेट-मिसाइल फोर्स की जरूरत आज के युद्ध केवल परंपरागत नहीं रहे। मॉडर्न वॉरफेयर और नॉन-कॉन्टैक्ट युद्ध प्रमुख हो गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के अमेरिकी और चीनी हथियारों को परास्त किया। लेकिन भारत अपने दुश्मनों के बढ़ते खतरे को देखते हुए रॉकेट-मिसाइल फोर्स बनाने की योजना पर काम कर रहा है। जनरल द्विवेदी ने कहा, “पाकिस्तान और चीन दोनों ने अपनी मिसाइल-रॉकेट यूनिट बना ली है। अब भारत के लिए भी यह आवश्यक है कि लंबी दूरी की मारक क्षमत...
ईरान में फंसे भारतीय: भारत सरकार ने दी तत्काल वतन वापसी की सलाह
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ईरान में फंसे भारतीय: भारत सरकार ने दी तत्काल वतन वापसी की सलाह

  ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और देशभर में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए भारत सरकार ने चेतावनी जारी की है। अमेरिकी और ईरानी नेताओं के बीच युद्ध के आसार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे ईरान में रहने वाले लगभग 10,000 भारतीय (NRI और PIO) खतरे में हैं। इनमें कम से कम 3,000 छात्र हैं, जिनमें अधिकांश कश्मीर से हैं और डॉक्टरी व शिया धार्मिक शिक्षा ले रहे हैं। तेहरान में हालात चिंताजनक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान के अस्पताल लाशों से भरे हुए हैं। प्रशासन शवों को परिवारों को तब तक नहीं सौंप रहा है जब तक भारी भुगतान नहीं किया जाता। स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतकों के लिए पैसे की वसूली की जा रही है, वहीं बाजारों में रोटी और अंडे तक महंगे या अनुपलब्ध हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड नागरिकों पर गोलीबारी कर रहे हैं, और कर्फ्यू लागू है। भारत सरकार की एडवाइजरी व...
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था: पीएम मोदी CSPOC में बड़े बयान
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भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था: पीएम मोदी CSPOC में बड़े बयान

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स एंड प्रेसिडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। इस कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के 61 स्पीकर्स और ऑफिसर्स शामिल हुए। संविधान सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भारतीय लोकतंत्र की ताकत और वैश्विक उपलब्धियों पर जोर दिया। विविधता ही लोकतंत्र की ताकत पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अपनी विविधता को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया है। जब भारत स्वतंत्र हुआ, तब दुनिया में इस बात पर संदेह था कि इतनी विविधता वाला देश लोकतंत्र में टिक पाएगा या नहीं। भारत ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ है ‘लास्ट माइल डिलीवरी’, जिसमें लोक कल्याण की भावना से हर व्यक्ति तक सेवाओं को बिना किसी भेदभाव के पहुँचाया जाता है। भारत की वैश्वि...
देश में 41 करोड़ वाहनों में 70% अधूरे कागजात, 17 करोड़ रजिस्ट्रेशन रद्द होने का खतरा
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देश में 41 करोड़ वाहनों में 70% अधूरे कागजात, 17 करोड़ रजिस्ट्रेशन रद्द होने का खतरा

  देशभर में 40.7 करोड़ में से लगभग 70 प्रतिशत वाहन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इनमें अधिकतर टू-व्हीलर शामिल हैं, जिनके पास पीयूसी, फिटनेस सर्टिफिकेट या इंश्योरेंस जैसे आवश्यक दस्तावेज़ पूरी तरह मौजूद नहीं हैं। इस स्थिति के कारण केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को एक नया सिस्टम बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिससे समय पर आवश्यक कागजात पूरा न होने पर धीरे-धीरे इन वाहनों के रजिस्ट्रेशन को डी-रजिस्टर किया जा सके। इस योजना से करीब 17 करोड़ वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द होने का खतरा है। सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल केवल 8.2 करोड़ वाहन ही पूरी तरह से नियमों के अनुरूप हैं। बाकी 30 करोड़ से अधिक वाहनों में किसी न किसी प्रकार की कमी पाई गई है। इसके अतिरिक्त, 2.2 करोड़ वाहन पुराने रिकॉर्ड (आर्काइव्ड) में हैं। मंत्रालय ने वाहनों को चार कैटेगरी में बांटा है: एक्टिव-कंप्लायंट – सभी दस्...