

लंदन: शीत युद्ध के दौरान दुनिया भर में परमाणु संकट बढ़ने के समय ब्रिटिश सरकार ने एक विशेष योजना बनाई थी। अगर परमाणु युद्ध छिड़ता, तो क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय जनता को संबोधित करतीं। यह भाषण 4 मार्च 1983 को तैयार किया गया था, लेकिन सौभाग्य से कभी इसे पढ़ने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

भाषण में रानी एलिजाबेथ ने देशवासियों को संबोधित करते हुए युद्ध की भयावहता और देश की सुरक्षा के लिए तैयार रहने का संदेश देने की तैयारी की थी। इसमें उनके पिता जॉर्ज पंचम और बेटे प्रिंस एंड्रयू का भी उल्लेख था। क्वीन ने लिखा था कि “दुश्मन कोई सैनिक नहीं है, बल्कि दुरुपयोग की गई तकनीक की घातक शक्ति है। परिवार का बंधन ही इस अज्ञात खतरे के खिलाफ हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।”
उस समय ब्रिटिश सेना ने संभावित परमाणु हमले की स्थिति में युद्ध अभ्यास भी किया था। इसमें सोवियत संघ की ओर से ‘ऑरेंज फोर्स’ और ब्रिटेन की ‘ब्लू फोर्स’ के बीच नकली युद्ध की तैयारी शामिल थी। ऑरेंज फोर्स के घातक हमले का मुकाबला करने के लिए ब्लू फोर्स को सीमित क्षमता वाले परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की रणनीति बनाई गई थी।
ब्रिटेन के नेशनल आर्काइव्स ने 2013 में इस भाषण को सार्वजनिक किया। अधिकारियों का अनुमान था कि क्वीन ने इसे शायद देखा भी नहीं था। गनीमत रही कि यह भाषण सिर्फ तैयारी तक ही सीमित रहा और रानी को कभी इसे पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ी।


