भारत का रॉकेट-मिसाइल फोर्स: ईरान बन सकता है मॉडल, अमेरिका-इजरायल भी कांपते हैं
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि समय की जरूरत अब एक विशेष रॉकेट-मिसाइल फोर्स की है। यह फोर्स भारत को चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के खतरे से निपटने में मदद करेगी। जनरल द्विवेदी ने सुझाव दिया कि भारत इस मामले में ईरान से भी सीख सकता है, क्योंकि ईरान की मिसाइल-रॉकेट क्षमताओं ने अमेरिका और इजरायल को भी हतोत्साहित किया है।
रॉकेट-मिसाइल फोर्स की जरूरत
आज के युद्ध केवल परंपरागत नहीं रहे। मॉडर्न वॉरफेयर और नॉन-कॉन्टैक्ट युद्ध प्रमुख हो गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के अमेरिकी और चीनी हथियारों को परास्त किया। लेकिन भारत अपने दुश्मनों के बढ़ते खतरे को देखते हुए रॉकेट-मिसाइल फोर्स बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
जनरल द्विवेदी ने कहा, “पाकिस्तान और चीन दोनों ने अपनी मिसाइल-रॉकेट यूनिट बना ली है। अब भारत के लिए भी यह आवश्यक है कि लंबी दूरी की मारक क्षमत...










