Thursday, May 14

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चंद्रशेखरन को टाटा संस में तीसरा कार्यकाल, रतन टाटा जैसी रिटायरमेंट पॉलिसी में मिलेगी छूट
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चंद्रशेखरन को टाटा संस में तीसरा कार्यकाल, रतन टाटा जैसी रिटायरमेंट पॉलिसी में मिलेगी छूट

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा संस की कमान एक बार फिर एन चंद्रशेखरन को सौंपी जा सकती है। टाटा संस अगले हफ्ते ईजीएम (Extraordinary General Meeting) की तैयारी कर रही है, जिसमें उनके तीसरे कार्यकाल को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। रिटायरमेंट पॉलिसी में अपवाद चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल अभी खत्म होने में एक साल बाकी है। यदि यह प्रस्ताव पारित होता है, तो उन्हें टाटा संस की 65 साल की उम्र पर लागू होने वाली नॉन-एग्जीक्यूटिव रिटायरमेंट पॉलिसी में छूट दी जाएगी। यह छूट 2016 में रतन टाटा को भी दी गई थी, जब उन्होंने साइरस मिस्त्री की जगह चेयरमैन का पद संभाला था। जून में चंद्रशेखरन 63 साल के हो जाएंगे। टाटा ट्रस्ट्स की हरी झंडी पिछले साल अक्टूबर में टाटा ट्रस्ट्स, जो टाटा संस के मैज्योरिटी शेयरहोल्डर हैं, ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी थी। इ...
कभी मन में आया था आत्महत्या का ख्याल, फिर बना दिया 500 करोड़ का फैशन एंपायर
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कभी मन में आया था आत्महत्या का ख्याल, फिर बना दिया 500 करोड़ का फैशन एंपायर

नई दिल्ली: संघर्षों और मुश्किलों से गुजरकर सफलता पाने वाले लोगों की कहानियां हमेशा प्रेरणादायक होती हैं। ऐसा ही उदाहरण हैं फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी, जिनकी ब्रांड 'सब्यसाची' आज दुनिया भर में लग्जरी, विरासत और बेहतरीन कारीगरी का प्रतीक बन गई है। बचपन और शुरुआती संघर्ष सब्यसाची का जन्म 1974 में कोलकाता के एक मिडिल क्लास परिवार में हुआ। उनके पिता बांग्लादेश से आए रिफ्यूजी थे। जूट इंडस्ट्री के संकट और पारिवारिक आर्थिक तंगी ने उनके बचपन को मुश्किलों भरा बना दिया। इन परिस्थितियों ने उनके चरित्र, क्रिएटिव सोच और भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। पढ़ाई और आंतरिक संघर्ष बचपन से ही सब्यसाची कला और डिजाइन की दुनिया में रुचि रखते थे। कोलकाता की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने उनकी कल्पना को पंख दिए। हालांकि पारंपरिक शिक्षा में उनकी रुचि कम थी और निजी परेशानियों ने उन्हें गहरे मानसिक दबाव म...
शेयर बाजार में AI का खुमार, E2E Networks और Netweb Technologies समेत ये शेयर करा सकते हैं मुनाफा
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शेयर बाजार में AI का खुमार, E2E Networks और Netweb Technologies समेत ये शेयर करा सकते हैं मुनाफा

नई दिल्ली: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने तेजी के साथ हरे निशान में कारोबार बंद किया। बीएसई सेंसेक्स 283.29 अंकों यानी 0.34% की बढ़त के साथ 83,734.25 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 93.95 अंकों (0.37%) की बढ़त के साथ 25,819.35 पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में गिरावट, फिर तेजी घरेलू बाजार मामूली तेजी के साथ सपाट खुलने के बाद शुरुआती कारोबार में गिर गया, जिससे दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूटा। हालांकि दिन के अंत तक बाजार ने मजबूती दिखाई। निफ्टी50 के सभी इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते हुए नजर आए, केवल निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.23% की गिरावट रही। सेक्टरवार प्रदर्शन निफ्टी मेटल इंडेक्स: 1.33% की तेजी निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स: 1.3% की बढ़त निफ्टी एफएमसीजी: 1.2% का इजाफा निफ्टी आईटी इंडेक्स: 1.23% की गिरावट सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, आईटीसी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम ...
पाई नेटवर्क ने बिटकॉइन को पीछे छोड़ा, 7 दिन में 40% से अधिक रिटर्न
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पाई नेटवर्क ने बिटकॉइन को पीछे छोड़ा, 7 दिन में 40% से अधिक रिटर्न

नई दिल्ली: क्रिप्टोकरेंसी निवेशक इस समय बिटकॉइन और अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी के गिरते रुझान से चिंतित हैं। वहीं, पाई नेटवर्क कॉइन ने निवेशकों को आश्चर्यजनक रिटर्न दिया है। पिछले 7 दिनों में पाई नेटवर्क ने 40% से अधिक रिटर्न दर्ज किया, जबकि बिटकॉइन का रिटर्न मात्र 1% भी नहीं रहा। कीमतों का हाल बुधवार रात 10 बजे बिटकॉइन की कीमत लगभग 67,000 डॉलर थी, जिसमें पिछले 24 घंटे में केवल 0.70% की वृद्धि हुई। इसके विपरीत, पाई नेटवर्क की कीमत 0.1876 डॉलर तक पहुंच गई, और इसने 24 घंटे में 42% रिटर्न दिया। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार, टॉप 100 क्रिप्टोकरेंसी में पिछले 7 दिनों में पाई नेटवर्क का रिटर्न सबसे अधिक रहा। पीक वैल्यू से अब भी नीचे हालांकि पाई नेटवर्क ने हाल ही में तेजी दिखाई है, लेकिन यह अपनी पीक कीमत से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। 27 फरवरी, 2025 को इसकी कीमत 2.93 डॉलर तक पहुंची थी, जो अब की की...
हवाई यात्रियों के लिए नई चेतावनी: नशे में बदसलूकी या मारपीट करने वालों पर लग सकता है जीवनभर का बैन
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हवाई यात्रियों के लिए नई चेतावनी: नशे में बदसलूकी या मारपीट करने वालों पर लग सकता है जीवनभर का बैन

नई दिल्ली: हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए डीजीसीए (DGCA) ने नए सख्त नियम जारी किए हैं। अब अगर कोई यात्री हवाई जहाज में नशे में बदसलूकी करता है या किसी को पीटता है, तो उसे जीवनभर के लिए उड़ानों में यात्रा करने से रोका जा सकता है। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। DGCA का नया ‘नो टॉलरेंस’ मसौदा डीजीसीए ने यात्रियों के अनुचित व्यवहार से निपटने के लिए नया मसौदा तैयार किया है। इसका उद्देश्य हवाई जहाज, यात्रियों और एयरलाइंस की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हवाई यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखना है। DGCA के प्रमुख फैज अहमद किदवई ने कहा कि अब सभी एयरलाइंस को SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करनी होगी, जो एयरपोर्ट और फ्लाइट दोनों जगहों पर लागू होगी। यह SOP एयरलाइंस के उन सभी कर्मचारियों तक फैलानी होगी जो यात्रियों से सीधे संपर्क में आते हैं। गलत व्यवहार की पहचान और र...
देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी पर संकट: 4 साल की देरी और विदेशी निवेशकों की अनिश्चितता
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देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी पर संकट: 4 साल की देरी और विदेशी निवेशकों की अनिश्चितता

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के रत्नागिरि में देश की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी प्रोजेक्ट खटाई में पड़ सकता है। इस प्रोजेक्ट को 2022 में शुरू होना था, लेकिन अब तक भूमि अधिग्रहण भी नहीं हो पाया है। सूत्रों के मुताबिक, पहले ही विदेशी निवेशक इस प्रोजेक्ट से बाहर हो चुके हैं और दूसरे ने शर्तों की समीक्षा की मांग रखी है। विदेशी निवेशकों की अनिश्चितता रत्नागिरि रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स (RRPCL) की कल्पना अरामको, Adnoc और भारत की तीन सरकारी तेल कंपनियों – IOC, HPCL और BPCL के बीच जॉइंट वेंचर के रूप में की गई थी। इसमें अरामको और Adnoc की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी और बाकी 50 फीसदी हिस्सेदारी भारतीय कंपनियों की थी। हालांकि, Abu Dhabi National Oil Company (Adnoc) पहले ही इस प्रोजेक्ट से बाहर हो चुकी है। वहीं, सऊदी अरामको ने भी प्रोजेक्ट की पुरानी शर्तों की समीक्षा की मांग रखी है। अधिकारियों का कहना है कि Adno...
अमेरिका की ट्रेड डील का साइड इफेक्ट: ट्रंप ने टैरिफ में छूट के बदले भारी निवेश वसूलने शुरू किए
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अमेरिका की ट्रेड डील का साइड इफेक्ट: ट्रंप ने टैरिफ में छूट के बदले भारी निवेश वसूलने शुरू किए

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में भारत समेत कई देशों के साथ ट्रेड डील करते हुए टैरिफ में कटौती की है। लेकिन अब इस नीति के साइड इफेक्ट दिखाई देने लगे हैं। ट्रंप ने डील के बदले इन देशों से अमेरिका में बड़े निवेश की मांग की है। जापान को पहला शिकार रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के साथ हुई ट्रेड डील में अमेरिका ने शर्त रखी कि उसे अमेरिका में 550 अरब डॉलर का निवेश करना होगा। ट्रंप प्रशासन ने बताया कि जापान अमेरिका में तीन बड़े प्रोजेक्ट्स में 36 अरब डॉलर फाइनेंस करेगा: टेक्सस में ऑयल एक्सपोर्ट फैसिलिटी जॉर्जिया में इंडस्ट्रियल डायमंड प्लांट ओहियो में नेचुरल गैस पावर प्लांट अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी होवार्ड लुटनिक ने बताया कि ओहियो का पावर प्लांट 33 अरब डॉलर का होगा और यह अमेरिका का सबसे बड़ा नेचुरल गैस आधारित प्लांट साबित होगा। सालाना इस प्...
अडानी पोर्ट्स ने फ्रांस के सबसे बड़े बंदरगाह से मिलाया हाथ, भारत-यूरोप ट्रेड को मिलेगा फायदा
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अडानी पोर्ट्स ने फ्रांस के सबसे बड़े बंदरगाह से मिलाया हाथ, भारत-यूरोप ट्रेड को मिलेगा फायदा

मुंबई: अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) ने फ्रांस के सबसे बड़े बंदरगाह पोर्ट ऑफ मार्सिले फोस के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते से भारत और यूरोप के बीच व्यापार आसान, तेज और व्यवस्थित होगा। IMEC पोर्ट्स क्लब का प्रस्ताव इस साझेदारी के तहत इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) के प्रमुख बंदरगाहों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए IMEC पोर्ट्स क्लब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को 'मदर्स ऑफ ऑल डील्स' बताया था। क्षमता और कनेक्टिविटी बढ़ेगी APSEZ के मुंद्रा और हजीरा बंदरगाह दक्षिण एशिया को पश्चिम एशिया से जोड़ने वाले मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में काम करते हैं। पोर्ट ऑफ मार्सिले फोस कॉरिडोर के पश्चिमी यूरोपीय छोर...
आईटी शेयरों में भारी निवेश, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली: LIC ने लगाया बड़ा दांव
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आईटी शेयरों में भारी निवेश, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली: LIC ने लगाया बड़ा दांव

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक एलआईसी ने दिसंबर तिमाही में आईटी शेयरों में बड़ा निवेश किया, जबकि बैंकिंग और कुछ अन्य सेक्टरों में आक्रामक बिकवाली की। कंपनी के पोर्टफोलियो में कुल 283 शेयर शामिल हैं, जिनकी वैल्यू 17.83 लाख करोड़ रुपये है। आईटी शेयरों में LIC का बड़ा दांव टीसीएस: 3,136 करोड़ रुपये की खरीदारी एचसीएल टेक्नोलॉजीज: 2,293 करोड़ रुपये की खरीदारी कोफोर्ज: पोर्टफोलियो में जोड़ा गया; हिस्सेदारी बढ़कर 4.66% इस खरीदारी के बाद LIC की आईटी सेक्टर होल्डिंग 1.82 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2.17 लाख करोड़ रुपये हो गई। आईटी सेक्टर की हिस्सेदारी 11.32% से बढ़कर 12.43% हुई, हालांकि ये शेयर अपने पीक से 30% नीचे हैं। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली एसबीआई: 3,080 करोड़ रुपये के शेयर बेचे एचडीएफसी बैंक: 1,528 करोड़ रुपये के शेयर बेचे बै...
रियल एस्टेट का बाजार लग्जरी की राह पर, अफोर्डेबल हाउसिंग के प्रोजेक्ट गायब
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रियल एस्टेट का बाजार लग्जरी की राह पर, अफोर्डेबल हाउसिंग के प्रोजेक्ट गायब

नई दिल्ली: कोरोना काल के बाद रियल एस्टेट बाजार में ग्राहक लौट आए हैं, लेकिन इस समय नए प्रोजेक्ट मुख्य रूप से प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट के हैं। अफोर्डेबल हाउसिंग के क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट न के बराबर लॉन्च हो रहे हैं। क्यों बढ़ रहा लग्जरी मकानों का रुझान अमीर खरीदार अपनी पसंद और बेहतर लाइफस्टाइल वाले मकान खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। प्रीमियम मकानों की मांग पर बैंक लोन और ब्याज दरों का प्रभाव कम होता है, इसलिए खरीदार जल्दी निर्णय ले लेते हैं। डेवलपर्स कम मकानों की संख्या बेचकर नहीं बल्कि कीमतों से कमाई बढ़ा रहे हैं। गुलशन होम्स के प्रमोटर और क्रेडाई (नेशनल) के प्रवक्ता दीपक कपूर के अनुसार, लोग बजट में रहते हुए भी बेहतर जीवनशैली वाला मकान चाहते हैं। यही वजह है कि उपर-मिड सेगमेंट डेवलपर्स के लिए सबसे मुफीद बन गया है। अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट क्यों नहीं आ रहे ...