Friday, January 23

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आधार कार्ड का बायोमैट्रिक लॉक है आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा, नहीं लगाया ताला तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट आधार फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच UIDAI की यह सुविधा बन सकती है सुरक्षा कवच
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आधार कार्ड का बायोमैट्रिक लॉक है आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा, नहीं लगाया ताला तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट आधार फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच UIDAI की यह सुविधा बन सकती है सुरक्षा कवच

नई दिल्ली। देशभर में आधार कार्ड से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्कैमर्स आधार की जानकारी चुराकर न सिर्फ फर्जी केवाईसी कर रहे हैं, बल्कि लोगों के बैंक अकाउंट तक खाली कर दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कई मामलों में न तो ओटीपी आता है और न ही कोई कॉल—पैसे गायब होने का पता तब चलता है, जब पीड़ित अपना बैंक स्टेटमेंट चेक करता है। ऐसे में UIDAI द्वारा दिया गया आधार बायोमैट्रिक लॉक फीचर आम लोगों के लिए किसी ढाल से कम नहीं है। यदि आपने अभी तक आधार कार्ड को लॉक नहीं किया है, तो आपकी निजी जानकारी और बैंक खाते पर खतरा मंडरा सकता है। क्यों जरूरी है आधार कार्ड की सुरक्षा? आधार कार्ड आज हर नागरिक की पहचान का सबसे अहम दस्तावेज बन चुका है। सिम कार्ड लेने बैंक खाता खोलने केवाईसी लोन, जमीन खरीद सरकारी योजनाओं का लाभ हर जगह आधार अनिवार्य है। इसमें नाम, पता, जन्म...
चांदी का रॉकेट जैसा उछाल: 1 लाख से 2 लाख में लगे 14 महीने, 2 लाख से 3 लाख पहुंचने में मात्र एक महीना
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चांदी का रॉकेट जैसा उछाल: 1 लाख से 2 लाख में लगे 14 महीने, 2 लाख से 3 लाख पहुंचने में मात्र एक महीना

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026: चांदी की कीमतें इस समय रिकॉर्ड तेजी के साथ बढ़ रही हैं। सोमवार को चांदी ने प्रति किलो 3 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। एमसीएक्स पर मंगलवार को भी इसमें 7,000 रुपये से अधिक की तेजी देखी गई, जिसके बाद चांदी की कीमत प्रति किलो 3.17 लाख रुपये से ऊपर पहुंच गई। 1 लाख से 2 लाख में 14 महीने: चांदी की कीमतें अक्टूबर 2024 में प्रति किलो 1 लाख रुपये पर पहुंची थीं। इसके बाद लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली और दिसंबर 2025 तक यह 2 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। इस तरह, 1 लाख से 2 लाख रुपये तक पहुंचने में लगभग 14 महीने का समय लगा। 2 लाख से 3 लाख में मात्र एक महीना: हालांकि 1 से 2 लाख तक पहुंचने में लंबा समय लगा, लेकिन 2 लाख से 3 लाख तक की रफ्तार बेहद तेज रही। दिसंबर 2025 में चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो पर थी, वहीं 19 जनवरी 2026 को यह 3 लाख रुपये को पार कर गई। यानी, के...
अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर ईयू और यूके की गलती, भारत ने खेला बड़ा रणनीतिक कदम
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अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर ईयू और यूके की गलती, भारत ने खेला बड़ा रणनीतिक कदम

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर में टैरिफ को एक ताकतवर हथियार बना लिया है। ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर ट्रंप की धमकियों ने यूरोपीय देशों के लिए परेशानी खड़ी कर दी। वहीं, भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में रणनीतिक धैर्य दिखाकर खुद के पक्ष में बड़ा फायदा किया है। ईयू और यूके पर दबाव पिछले साल अमेरिका ने यूरोपीय संघ (ईयू) और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बावजूद ट्रंप ने ग्रीनलैंड मामले को लेकर इन देशों पर टैरिफ की धमकी दी। इस दबाव ने ईयू सांसदों को ईयू-यूएस व्यापार सौदे को मंजूरी देने से रोक दिया। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार यूरोपीय देश अब लगभग 93 अरब यूरो तक के जवाबी उपाय तैयार कर रहे हैं, जिसमें टैरिफ और अमेरिकी कंपनियों के लिए बाजार तक पहुंच पर प्रतिबंध शामिल हो सकता है। टैरिफ बना ट्रंप का हथियार विशेषज्ञों के अनुसार, ...
SIF: स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड बना निवेश का नया विकल्प, मार्केट लीडर भी उतर रहे इस रास्ते पर
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SIF: स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड बना निवेश का नया विकल्प, मार्केट लीडर भी उतर रहे इस रास्ते पर

मुंबई। बाजार में निवेश के विकल्प सीमित होते जा रहे हैं, लेकिन अब स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) निवेशकों के लिए नया अवसर पेश कर रहा है। पिछले साल सेबी से इसकी मंजूरी मिलने के बाद देश की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियां इस सेगमेंट में कदम रख रही हैं। इसी कड़ी में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने दो नई SIF निवेश रणनीतियों लॉन्च की हैं। टॉप एएमसी ने लॉन्च किया नया सेगमेंट देश की शीर्ष एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में SBI, HDFC और ICICI प्रूडेंशियल शामिल हैं। ICICI प्रूडेंशियल ने SIF के तहत iSIF इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड और iSIF हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड लॉन्च किए हैं। इन दोनों निवेश रणनीतियों के लिए न्यू फंड ऑफर (NFO) 30 जनवरी 2026 तक खुला रहेगा। यह उन निवेशकों के लिए तैयार किया गया है जो लचीला पोर्टफोलियो चाहते हैं, जहां बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव और वोलैटिलिटी अधिक हो। SIF क...
सोने की कीमतें बढ़ीं: भारत और चीन ने बढ़ाई खरीद, केंद्रीय बैंकों की रणनीति बनी कारण
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सोने की कीमतें बढ़ीं: भारत और चीन ने बढ़ाई खरीद, केंद्रीय बैंकों की रणनीति बनी कारण

नई दिल्ली। सोने की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है और इसका असर आम खरीदारों के साथ निवेशकों पर भी दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी का एक बड़ा कारण भारत और चीन हैं, जिनके केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीद में वृद्धि की है। केंद्रीय बैंकों की भूमिका दुनिया भर के केंद्रीय बैंक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय सोने को सुरक्षित संपत्ति मानते हैं। हाल के आंकड़ों से पता चला है कि अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में निवेश कम करने के बाद भारत और चीन ने सोने में अपना हिस्सा बढ़ाया है। यह सिर्फ पोर्टफोलियो में अस्थायी बदलाव नहीं, बल्कि रिजर्व प्रबंधन की रणनीति में बड़ा परिवर्तन है। आरबीआई की रणनीति भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बदलाव आरबीआई की सोची-समझी नीति का परिणाम है। अक्टूबर 2025 तक भारत का अमेरिकी ट्रेजरी में निवेश 200 अरब डॉलर से घटकर करीब 190 अरब डॉलर हो गया, यानी पिछले साल ...
भारत-यूएई ट्रेड डील: एनर्जी, कृषि और निवेश में बड़ा समझौता, 2032 तक 200 अरब डॉलर का लक्ष्य
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भारत-यूएई ट्रेड डील: एनर्जी, कृषि और निवेश में बड़ा समझौता, 2032 तक 200 अरब डॉलर का लक्ष्य

नई दिल्ली। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने 2032 तक आपसी व्यापार को 200 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। यह समझौता ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा, अंतरिक्ष, कृषि निर्यात, निवेश और एडवांस्ड कंप्यूटिंग जैसे कई अहम क्षेत्रों में हुआ है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत की एक दिन की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद यह डील हुई। विदेश सचिव विक्रम मिश्रा ने बताया कि यह लक्ष्य भारत और यूएई के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यूएई अब भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सप्लाई करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। एनर्जी सेक्टर में अहम समझौता ऊर्जा क्षेत्र में, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और ADNOC गैस के बीच 10 साल के लिए स...
रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर सिंह ब्रदर्स में फिर मची रार, 500 करोड़ रुपये का विवाद
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रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर सिंह ब्रदर्स में फिर मची रार, 500 करोड़ रुपये का विवाद

नई दिल्ली। देश की प्रमुख फार्मा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर भाई शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह एक बार फिर आमने-सामने हैं। इस बार विवाद का केंद्र फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढाल चैरिटेबल सोसायटी और उससे जुड़ी 500 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी व सालाना 30 करोड़ रुपये के रेवेन्यू को लेकर है। झगड़े की जड़ें और पहले के विवाद मालविंदर की पत्नी जापना सिंह का आरोप है कि शिविंदर और उनकी पत्नी अदिति सिंह ने फर्जी तरीके से उन्हें और अन्य सदस्यों को सोसायटी से बाहर कर दिया, ताकि अस्पताल और उसकी कमाई पर कब्जा किया जा सके। सिंह बंधु पहले भी विवादों में रह चुके हैं। 2019 में जापानी कंपनी दाइची सांक्यो के केस में उन्हें अवमानना का दोषी पाया गया था। रैनबैक्सी डील के दौरान धोखाधड़ी के आरोपों के कारण इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने उन्हें 50 करोड़ डॉलर हर्जाना देने का आदेश दिया था। सिंह ब्रदर्स का सफर: उतार-चढ...
सक्सेस स्टोरी: 48 की उम्र में नौकरी छोड़ी, ₹1 लाख से शुरू किया काम, अब कंपनी का टर्नओवर ₹15 करोड़
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सक्सेस स्टोरी: 48 की उम्र में नौकरी छोड़ी, ₹1 लाख से शुरू किया काम, अब कंपनी का टर्नओवर ₹15 करोड़

नई दिल्ली। चेन्नई के लोकेश्वरन कन्नन ने साबित कर दिया कि सफलता की कोई उम्र नहीं होती। 48 साल की उम्र में जमी-जमाई नौकरी छोड़कर उन्होंने अपनी कंपनी eOrbitor की शुरुआत की थी। तब लोग उन्हें ‘पागल’ कह रहे थे, लेकिन आज उनकी मेहनत और दूरदर्शिता ने उन्हें आईटी जगत का भरोसेमंद नाम बना दिया है। सिर्फ ₹1 लाख से शुरुआत लोकेश्वरन ने 2019 में eOrbitor की नींव रखी थी। केवल ₹1 लाख की पूंजी, एक टेबल, एक कुर्सी और एक पंखे के साथ उन्होंने अपना सफर शुरू किया। कंपनी शुरू होने के 40 दिनों के भीतर ही कोरोना लॉकडाउन लग गया। जहां कई बड़ी आईटी कंपनियां ठप हो रही थीं, लोकेश्वरन ने इसे अवसर में बदल दिया और डेटा सेंटर मेंटेनेंस जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया। उनका पहला ऑर्डर महज ₹14,000 का फायरवॉल सपोर्ट था, लेकिन जल्द ही मेहनत और भरोसे के दम पर करोड़ों के अनुबंध मिलने लगे। दिग्गजों का भरोसा आज उनकी ...
स्टॉक्स टू बाय: CG Power, Jindal Saw समेत कई शेयरों में तेजी के संकेत, आज कमाई का मौका
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स्टॉक्स टू बाय: CG Power, Jindal Saw समेत कई शेयरों में तेजी के संकेत, आज कमाई का मौका

नई दिल्ली। दलाल स्ट्रीट पर बीते सोमवार को कमजोरी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद चुनिंदा शेयरों में मजबूती के संकेत उभरकर सामने आए हैं। वैश्विक स्तर पर टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं, कमजोर तिमाही नतीजों, डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के कारण निवेशकों की धारणा दबाव में रही। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर भी दिखा। बंबई शेयर बाजार (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 324.17 अंक यानी 0.39 फीसदी टूटकर 83,246.18 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 672 अंक तक फिसल गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 108.85 अंक यानी 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 25,585.50 अंक पर बंद हुआ। रिलायंस और ICICI Bank पर बिकवाली का दबाव सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे ज्यादा 3.04 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ICICI Bank के ...
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बढ़ी उम्मीद: तीन महीने में समझौता संभव, अमेरिकी कंपनियों ने निवेश पर जताया भरोसा
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बढ़ी उम्मीद: तीन महीने में समझौता संभव, अमेरिकी कंपनियों ने निवेश पर जताया भरोसा

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं और अमेरिकी व्यापार नीतियों को लेकर बनी आशंकाओं के बीच भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। अमेरिका-भारत स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के अध्यक्ष और सीईओ मुकेश अघी ने उम्मीद जताई है कि अगले तीन महीनों के भीतर भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौता हो सकता है। यह बयान उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस के दौरान दिया। मुकेश अघी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। कई दौर की चर्चाओं के बाद अब सहमति की जमीन तैयार हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि जैसे जटिल और तकनीकी रूप से संवेदनशील मुद्दों पर भी दोनों देश मिलकर समाधान तलाश रहे हैं, जो इस समझौते को पहले की तुलना में अधिक व्यापक और मजबूत बनाएगा। अमेरिकी कंपनियों का भारत पर भरोसा का...