Friday, February 13

मिस-सेलिंग पर मिलेगा पूरा रिफंड, RBI ने बैंकों और फाइनेंस संस्थानों के लिए बनाए कड़े नियम

नई दिल्ली। अब किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा गलत तरीके से प्रोडक्ट या स्कीम बेचने (मिस-सेलिंग) पर ग्राहक को 100% रिफंड मिलेगा। साथ ही ग्राहक को हुए नुकसान की भरपाई भी करना संस्थानों के लिए अनिवार्य होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को ऑल इंडिया फाइनैंशल इंस्टीट्यूशंस (AIFIs) के लिए विज्ञापन, मार्केटिंग और बिक्री से जुड़े सख्त निर्देश जारी किए हैं।

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मिस-सेलिंग क्या है?

नियमों के अनुसार मिस-सेलिंग के अंतर्गत आता है:

  • ग्राहक की प्रोफाइल के हिसाब से सही नहीं होने वाला प्रोडक्ट बेचना, भले ही ग्राहक ने हां कह दी हो।

  • सही या पूरी जानकारी दिए बिना प्रोडक्ट बेचना।

  • ग्राहक की मर्जी के बिना उसे प्रोडक्ट बेचना।

  • ग्राहक द्वारा मांगे गए प्रोडक्ट के साथ जबरन दूसरा प्रोडक्ट थोपना।

रिफंड और शिकायत की प्रक्रिया

यदि किसी ग्राहक को गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचा गया, तो वह शिकायत संबंधित संस्थान (AIFI) में दर्ज कर सकता है। शिकायत नियत समय सीमा के भीतर करनी होगी। यदि कोई समय सीमा तय नहीं है, तो ग्राहक नियमों और शर्तों की साइन की हुई कॉपी मिलने के 30 दिनों के भीतर शिकायत दर्ज कर सकता है।

सही साबित होने पर संस्थान को ग्राहक द्वारा चुकाया गया पूरा पैसा वापस करना होगा और ग्राहक को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी।

संस्थानों के लिए नियम

RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि:

  • कर्मचारियों पर प्रोडक्ट बेचने का दबाव नहीं डाला जाएगा।

  • बिक्री के लिए मुकाबले या टारगेट तय करना प्रतिबंधित होगा।

  • किसी बाहरी कंपनी के प्रोडक्ट बेचने वाले कर्मचारियों को डायरेक्ट या इनडायरेक्ट कमीशन नहीं मिलेगा।

  • ऐप या वेबसाइट के इंटरफेस पर डार्क पैटर्न (धोखा देने वाला डिजाइन) नहीं होना चाहिए और इसकी समय-समय पर जांच और ऑडिट जरूरी होगी।

कब लागू होंगे नए नियम

ये नए निर्देश 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे। RBI का उद्देश्य है कि ग्राहक सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से वित्तीय उत्पाद ले सकें और किसी भी तरह के धोखे या दबाव से बचें।

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