
नई दिल्ली: देश के आईटी शेयरों में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 4% से अधिक गिरकर चार महीनों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट से टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक और एम्फेसिस जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 4 से 5% तक की गिरावट आई।
इस बिकवाली के चलते आईटी कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये घटकर 27.6 लाख करोड़ रुपये रह गया। टीसीएस का शेयर 4.5% गिरकर 2,776 रुपये पर पहुंच गया, जो इसका 52 हफ्तों का न्यूनतम स्तर है और कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये से नीचे चला गया।
गिरावट के पीछे वजह
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार ने बताया कि टेक स्टॉक फिलहाल एंथ्रोपिक नामक एआई स्टार्टअप के टूल के प्रभाव से सदमे में हैं। इस टूल के कारण आईटी सर्विसेज कंपनियों के रेवेन्यू पर असर आने की संभावना बनी है। कुछ एनालिस्ट्स का अनुमान है कि आईटी कंपनियों के रेवेन्यू में 40% तक की गिरावट आ सकती है।
मार्जिन प्रेशर और सुस्त मांग के साथ अब एआई टूल के आने से निवेशकों में घबराहट बढ़ी है, जिसके चलते वे आईटी शेयरों को बेचने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परंपरागत आईटी सर्विसेज कंपनियों के लिए यह चुनौती अब यह देखना होगा कि वे एआई के दबाव का मुकाबला कैसे करें।
अमेरिकी बाजार का असर
अमेरिका में रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आने के कारण निकट भविष्य में रेट कट की उम्मीदें कम हुई हैं। यह भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहा है और आईटी शेयरों की गिरावट को बढ़ावा दे रहा है।
