
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में भारत समेत कई देशों के साथ ट्रेड डील करते हुए टैरिफ में कटौती की है। लेकिन अब इस नीति के साइड इफेक्ट दिखाई देने लगे हैं। ट्रंप ने डील के बदले इन देशों से अमेरिका में बड़े निवेश की मांग की है।
जापान को पहला शिकार
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के साथ हुई ट्रेड डील में अमेरिका ने शर्त रखी कि उसे अमेरिका में 550 अरब डॉलर का निवेश करना होगा। ट्रंप प्रशासन ने बताया कि जापान अमेरिका में तीन बड़े प्रोजेक्ट्स में 36 अरब डॉलर फाइनेंस करेगा:
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टेक्सस में ऑयल एक्सपोर्ट फैसिलिटी
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जॉर्जिया में इंडस्ट्रियल डायमंड प्लांट
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ओहियो में नेचुरल गैस पावर प्लांट
अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी होवार्ड लुटनिक ने बताया कि ओहियो का पावर प्लांट 33 अरब डॉलर का होगा और यह अमेरिका का सबसे बड़ा नेचुरल गैस आधारित प्लांट साबित होगा। सालाना इस प्लांट से 9.2 गीगावॉट बिजली बनेगी, जो ओहियो की कुल बिजली मांग से अधिक है। इस फैसिलिटी को जापानी टेक इन्वेस्टर सॉफ्टबैंक ग्रुप की सहायक कंपनी SB Energy ऑपरेट करेगी।
टेक्सस और जॉर्जिया में निवेश
जापान टेक्सस के GulfLink में डीपवाटर क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट फैसिलिटी में 2.1 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इस प्रोजेक्ट से सालाना 20-30 अरब डॉलर के क्रूड एक्सपोर्ट की उम्मीद है।
जॉर्जिया में सिंथेटिक इंडस्ट्रियल डायमंड प्लांट बनेगा, जो अमेरिका की 100% सिंथेटिक डायमंड ग्रिट मांग पूरी करेगा। इस प्लांट की वैल्यू करीब $600 मिलियन होगी और इसे Element Six ऑपरेट करेगी। Element Six, De Beers Group का हिस्सा है, जो दुनिया की सबसे बड़ी हीरा कंपनी है।
चीन पर निर्भरता घटेगी
इस निवेश से अमेरिका की सिंथेटिक डायमंड ग्रिट सप्लाई में चीन पर निर्भरता कम होगी। यह डायमंड एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन में इस्तेमाल होता है।
ट्रंप प्रशासन के इस कदम से यह साफ़ है कि टैरिफ में छूट देने का भारी मूल्य वसूलने का ट्रेंड अब वैश्विक ट्रेड डील्स में आम होता जा रहा है।
