Wednesday, February 18

अडानी पोर्ट्स ने फ्रांस के सबसे बड़े बंदरगाह से मिलाया हाथ, भारत-यूरोप ट्रेड को मिलेगा फायदा

मुंबई: अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) ने फ्रांस के सबसे बड़े बंदरगाह पोर्ट ऑफ मार्सिले फोस के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते से भारत और यूरोप के बीच व्यापार आसान, तेज और व्यवस्थित होगा।

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IMEC पोर्ट्स क्लब का प्रस्ताव

इस साझेदारी के तहत इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) के प्रमुख बंदरगाहों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए IMEC पोर्ट्स क्लब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को ‘मदर्स ऑफ ऑल डील्स’ बताया था।

क्षमता और कनेक्टिविटी बढ़ेगी

  • APSEZ के मुंद्रा और हजीरा बंदरगाह दक्षिण एशिया को पश्चिम एशिया से जोड़ने वाले मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में काम करते हैं।

  • पोर्ट ऑफ मार्सिले फोस कॉरिडोर के पश्चिमी यूरोपीय छोर को मजबूत करेगा।

  • इससे लगभग 7 करोड़ टन क्षमता बढ़ेगी और IMEC की पहुंच यूरोप तक गहरी होगी।

  • MoU के तहत संयुक्त अभियान, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और बी2बी जुड़ाव को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

व्यापार में कई गुना वृद्धि की उम्मीद

APSEZ के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO अश्विनी गुप्ता के अनुसार, भारत ने पहले ही इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने में नेतृत्व किया है। FTA के संपन्न होने से पार्टिसिपेटिंग देशों के बीच व्यापार में कई गुना वृद्धि की संभावना है। MoU से सूचना और सामग्री के आदान-प्रदान में तेजी आएगी, जिससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत और लचीली बनेगी।

शेयर पर असर

अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड का शेयर बीएसई में गिरावट के साथ 1566.60 रुपये से घटकर 1548.30 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, यानी 18.30 रुपये या 1.17% की गिरावट

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