Friday, January 23

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चुपचाप गायब हो रही चांदी: भारत में बढ़ती मांग ने दुनिया को चौंकाया, चीन के सोने पर टिकी रही नजर
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चुपचाप गायब हो रही चांदी: भारत में बढ़ती मांग ने दुनिया को चौंकाया, चीन के सोने पर टिकी रही नजर

नई दिल्ली। जब पूरी दुनिया चीन की आक्रामक सोना खरीद पर नजरें जमाए बैठी है, उसी दौरान भारत में एक बड़ा बदलाव चुपचाप हो रहा है—चांदी तेजी से गायब हो रही है। यह दावा किया है चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक ने, जिन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर चांदी से जुड़े बदलते रुझानों की ओर ध्यान खींचा है। उनका कहना है कि बाजार सिर्फ सुर्खियों से नहीं चलते। कई बार असली हलचल कारखानों, घरों और आम लोगों की बदलती आदतों से जन्म लेती है। इस समय वही कहानी चांदी के साथ लिखी जा रही है। रिकॉर्ड आयात, बढ़ती जरूरत यह विश्लेषण ऐसे समय सामने आया है, जब चांदी हाल ही में ₹3 लाख प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत ने 5,000 टन से अधिक चांदी का आयात किया, जो दुनिया के सालाना उत्पादन का लगभग पांचवां हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिर्फ ट्रेडिंग या सट्टेबाजी नहीं, ...
भारत विकास की नई दहलीज पर: 2030 तक ‘उच्च-मध्यम आय’ देशों के क्लब में एंट्री, 2028 तक बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
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भारत विकास की नई दहलीज पर: 2030 तक ‘उच्च-मध्यम आय’ देशों के क्लब में एंट्री, 2028 तक बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था एक और ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर तेजी से बढ़ रही है। एसबीआई रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2030 तक ‘अपर-मिडिल-इनकम’ यानी उच्च-मध्यम आय वाले देशों के समूह में शामिल हो जाएगा। इसके साथ ही भारत चीन और इंडोनेशिया जैसे देशों की कतार में खड़ा होगा। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि भारत 2028 तक जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI) में लगातार हो रही बढ़ोतरी इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है। अनुमान है कि 2030 तक भारत की प्रति व्यक्ति आय 4,000 डॉलर तक पहुंच जाएगी, जो उसे उच्च-मध्यम आय वर्ग में पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगी। कहां से कहां पहुंचा भारत आजादी के बाद भारत को निम्न-मध्यम आय वर्ग से बाहर निकलने में करीब 60 साल लगे। 1962 में प्रति व्यक्ति आय: सिर्फ 90 डॉल...
चांदी का ऐतिहासिक उछाल: 7 दिन में ₹59,100 की छलांग, भाव ₹3 लाख के पार; सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर
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चांदी का ऐतिहासिक उछाल: 7 दिन में ₹59,100 की छलांग, भाव ₹3 लाख के पार; सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर

नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में चांदी ने इतिहास रच दिया है। लगातार सात कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद सोमवार को चांदी पहली बार ₹3 लाख प्रति किलोग्राम के पार बंद हुई। एक ही दिन में ₹10,000 की छलांग के साथ चांदी का भाव ₹3,02,600 प्रति किलो पर पहुंच गया। बीते शुक्रवार को चांदी ₹2,92,600 प्रति किलो पर बंद हुई थी। यानी महज एक सप्ताह में इसकी कीमतों में कुल ₹59,100 की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों की मजबूत मांग और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं ने चांदी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। सोना भी ‘हवाई जहाज’ मोड में चांदी के साथ-साथ सोने के दामों में भी जोरदार उछाल देखने को मिला। सोमवार को सोना ₹1,900 की तेजी के साथ ₹1,48,100 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहु...
BRICS डिजिटल करेंसी: भारत चुपचाप तैयार, ट्रंप के लिए परेशानी बढ़ सकती है
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BRICS डिजिटल करेंसी: भारत चुपचाप तैयार, ट्रंप के लिए परेशानी बढ़ सकती है

  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्रिक्स देशों के बीच डिजिटल मुद्राओं को जोड़ने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय भुगतान को तेज़, सस्ता और सरल बनाना है, साथ ही अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को कम करना भी है। इस प्रस्ताव को 2026 में भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल किया जाएगा।   क्या है प्रस्ताव?   RBI ने ब्रिक्स के देशों—ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका—से कहा है कि वे अपनी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को आपस में इंटरऑपरेबल बनाएं। इसका मतलब है कि एक देश की डिजिटल मुद्रा को दूसरे देश में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा।   रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह विचार अभी चुपचाप आगे बढ़ रहा है और इसे सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया गया है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह पहला मौका होगा जब ब्रिक्स सदस्य अपनी डिजिटल मुद्राओं को औपचारिक रूप ...
शुगर फ्री कारोबार में मचेगी बड़ी हलचल: ‘टैगाटोज’ से हिल सकता है आर्टिफिशियल स्वीटनर बाजार
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शुगर फ्री कारोबार में मचेगी बड़ी हलचल: ‘टैगाटोज’ से हिल सकता है आर्टिफिशियल स्वीटनर बाजार

  भारत, जिसे दुनिया की ‘डायबिटीज कैपिटल’ कहा जाता है, वहां शुगर फ्री और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का बाजार तेजी से फल-फूल रहा है। लेकिन अब वैज्ञानिकों की एक नई खोज इस पूरे उद्योग का गणित बदल सकती है। इस प्राकृतिक शक्कर का नाम है टैगाटोज (Tagatose), जो स्वाद में लगभग आम चीनी जितनी मीठी है, लेकिन कैलोरी और ब्लड शुगर पर असर बेहद कम डालती है।   क्या है टैगाटोज और क्यों है खास?   वैज्ञानिकों के अनुसार टैगाटोज सामान्य शक्कर की तुलना में करीब 92% तक मीठी होती है, जबकि इसमें कैलोरी सिर्फ एक तिहाई रहती है। सबसे अहम बात यह है कि यह ब्लड ग्लूकोज लेवल को तेजी से नहीं बढ़ाती, जिससे यह डायबिटीज मरीजों के लिए एक बेहतर विकल्प बन सकती है।   इसके अन्य फायदे भी चौंकाने वाले हैं—   यह दांतों के लिए सुरक्षित मानी जाती है और मुंह में हानिकारक बैक्टीरिया को कम कर सकती है। यह तेज गर...
SBI म्यूचुअल फंड: ₹10,000 की SIP ने बनाया निवेशक को करोड़पति, फंड बना ‘पैसा छापने की मशीन’
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SBI म्यूचुअल फंड: ₹10,000 की SIP ने बनाया निवेशक को करोड़पति, फंड बना ‘पैसा छापने की मशीन’

    नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड निवेशक अब लंबे समय में बड़ी संपत्ति बनाने के लिए SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) का सहारा ले रहे हैं। ऐसे ही एक फंड ने निवेशकों को करोड़पति बना दिया है। SBI म्यूचुअल फंड के SBI फोकस्ड फंड ने 20 साल के लॉन्ग टर्म निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है।   फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यदि किसी निवेशक ने साल 2005 में इस फंड में 10,000 रुपये की मासिक SIP शुरू की होती, तो 20 साल में उसका निवेश 1.50 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गया। वहीं, एकमुश्त निवेश करने वाले निवेशकों को भी निराश नहीं होना पड़ा। 20 साल में एकमुश्त निवेश 16 गुना बढ़ गया।       फंड का प्रदर्शन   SIP रिटर्न: 20 साल में सालाना औसत रिटर्न 16.20% एकमुश्त निवेश रिटर्न: 20 साल में औसत रिटर्न 14.83% उदाहरण: यदि 20 साल पहले ₹1,00,000 का एकमुश्त निवेश क...
हैदराबाद में ट्रैफिक चालान ऑटो-डेबिट का विरोध, लोग चिंतित और आलोचनात्मक
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हैदराबाद में ट्रैफिक चालान ऑटो-डेबिट का विरोध, लोग चिंतित और आलोचनात्मक

    हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के प्रस्ताव ने हैदराबाद के मोटर वाहन मालिकों में चिंता और विवाद दोनों खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया है कि ट्रैफिक चालान के जुर्माने सीधे वाहन मालिकों के बैंक खाते से ऑटोमेटिक काटे जा सकते हैं। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया और आम जनता में आलोचना की लहर दौड़ गई है।   लोगों की चिंता: नागरिक और व्यवसायी इस प्रस्ताव को कानूनी, संवैधानिक और नैतिक दृष्टि से गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि इससे ‘ड्यू प्रोसेस’ यानी सही कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन हो सकता है। वर्तमान व्यवस्था में नागरिकों को चालान समझने, आपत्ति दर्ज कराने, अपील करने और न्याय मांगने का अधिकार है। ऑटो-डेबिट लागू होने पर लोग पहले पैसे कटने और बाद में शिकायत करने जैसी स्थिति का सामना कर सकते हैं।   सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ: X (पूर्व में ट्विटर...
रूस के तेल आयात में भारत की कटौती से चीन की बढ़ी खरीद, यूराल क्रूड तीन साल के उच्चतम स्तर पर
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रूस के तेल आयात में भारत की कटौती से चीन की बढ़ी खरीद, यूराल क्रूड तीन साल के उच्चतम स्तर पर

    नई दिल्ली: अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों के बीच रूस के तेल बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत ने रूस से तेल का आयात घटा दिया है, जबकि चीन ने इसका भरपूर लाभ उठाते हुए रूसी यूराल क्रूड (Urals crude) का आयात तीन साल के उच्चतम स्तर पर कर दिया है।   चीन को सस्ता तेल मिल रहा है व्यापारिक सूत्रों और शिपिंग डेटा के अनुसार, पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और भारत द्वारा रूस से तेल की मांग घटने के कारण चीन को यूराल क्रूड अपेक्षाकृत सस्ती कीमत पर मिल रहा है। इस समय चीन हर दिन लगभग 4,05,000 बैरल रूसी यूराल क्रूड समुद्री मार्ग से आयात कर रहा है, जो जून 2023 के बाद का सबसे अधिक आंकड़ा है। कुल मिलाकर चीन रूस से समुद्री मार्ग से लगभग 14 लाख बैरल प्रति दिन तेल आयात कर रहा है।   भारत ने घटाया आयात केप्लर डेटा के अनुसार, भारत में दिसंबर 2025 में यूराल क्रूड का ...
सोना, चांदी और शेयर मार्केट: ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकी से भारत को कैसे होगा फायदा?
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सोना, चांदी और शेयर मार्केट: ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकी से भारत को कैसे होगा फायदा?

    नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड के साथ डील को लेकर धमकी दी है। उनका कहना है कि अगर कुछ नाटो देशों ने ग्रीनलैंड पर उनकी शर्तों को नहीं माना, तो उन पर भारी टैरिफ लगाया जाएगा। इससे विश्व के वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है, जो भारत सहित कई देशों के लिए नए अवसर भी पैदा कर सकती है।   ट्रंप ने कहा कि 1 फरवरी 2026 से अमेरिका डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड से होने वाले आयात पर 10% टैरिफ लगाएगा। अगर ये देश ग्रीनलैंड की बिक्री पर बातचीत से मना करते हैं, तो 1 जून से यह टैरिफ 25% तक बढ़ जाएगा। इस कदम को ग्रीनलैंड पर अपना नियंत्रण बढ़ाने के लिए अमेरिका का सबसे आक्रामक प्रयास माना जा रहा है।   डेनमार्क और यूरोपीय सहयोगियों ने ट्रंप की मांगों का सिरे से विरोध किया है। अमेरिकी सांसदों, ज...
8 विमान, 700 से ज्यादा कारें और शाही महल: जानिए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की नेटवर्थ
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8 विमान, 700 से ज्यादा कारें और शाही महल: जानिए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की नेटवर्थ

  नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आज भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। उन्हें आमतौर पर MBZ के नाम से जाना जाता है और वह दुनिया के सबसे अमीर शाही लोगों में गिने जाते हैं।   नेटवर्थ: उनकी व्यक्तिगत संपत्ति लगभग 30 अरब डॉलर (करीब 2.7 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है। उनकी यह संपत्ति विरासत, तेल राजस्व और बड़े निवेशों से बनी है। MBZ की होल्डिंग्स बैंकिंग, एनर्जी, रियल एस्टेट और इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट में फैली हुई हैं। अल नाहयान परिवार दुनिया के सबसे अमीर शाही परिवारों में शामिल है, जिसकी सामूहिक संपत्ति 300 अरब डॉलर (27 लाख करोड़ रुपये) से अधिक है। परिवार दुनिया के लगभग 6% तेल भंडार का मालिक है।   शाही महल: शेख मोहम्मद के पास कास अल वतन नाम का शाही महल है, जिसकी कीमत लगभग 475 मिलियन डॉलर आंकी गई है। यह महल 3,80,000 वर्ग मीट...