
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश की पवनी मधुगला ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से साबित कर दिया कि सही आइडिया और लगन से किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। शादी के बाद एमबीए छोड़ने वाली पवनी ने बिना किसी पूंजी या फैक्ट्री के 1 करोड़ रुपये का बिजनेस खड़ा किया है।
सफलता की शुरुआत
पवनी ने अपनी पढ़ाई बीएससी एग्रीकल्चर से पूरी की और सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी, पुणे में एमबीए के लिए एडमिशन भी लिया था। लेकिन, एमबीए शुरू होने से एक हफ्ता पहले उनकी शादी तय हो गई। इसके बाद वह अपने पति के गांव, जो विशाखापत्तनम से लगभग 90 किलोमीटर दूर है, चली गईं। यह एक ऐसा इलाका था जहां परिवहन और करियर के मौके सीमित थे, खासकर महिलाओं के लिए।
कंटेंट क्रिएशन से मिली राह
शुरुआत में पवनी ने इंस्टाग्राम पर कंटेंट क्रिएशन करना शुरू किया। यह सिर्फ मनोरंजन के लिए था, लेकिन धीरे-धीरे उनके वीडियो वायरल होने लगे। नाते-रिश्तेदारों की आलोचना और सवालों को नजरअंदाज कर पवनी ने अपने काम में पूरी मेहनत लगाई।
पारंपरिक हलवे का कमाल
पवनी ने अपने गांव की पारंपरिक रेसिपी का इस्तेमाल करते हुए हलवा बनाया, जिसमें गुड़, दूध, गेहूं और पानी ही इस्तेमाल होता है—बिना चीनी, तेल या प्रिजर्वेटिव के। उनका पहला रील वायरल हुआ और लोगों ने ऑर्डर के लिए संपर्क करना शुरू कर दिया।
बिना पूंजी के 1 करोड़ का कारोबार
सिर्फ एक महीने में पवनी ने 18 लाख रुपये का टर्नओवर दर्ज किया। आज उनका व्यवसाय ‘पवनी फूड्स’ रोजाना 80-100 किलो हलवा बेचता है और सालाना कारोबार 1 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
सफलता की कहानी से प्रेरणा
पवनी मधुगला की कहानी यह साबित करती है कि दृढ़ निश्चय, सही सोच और मेहनत से सीमित संसाधनों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनका यह सफर युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
