Tuesday, July 21

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सांसद आलोक शर्मा ने किया आदिवासी नृत्य, संगोष्ठी एवं लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर नाट्य मंचन का शुभारंभ
BHOPAL, Madhya Pradesh, State

सांसद आलोक शर्मा ने किया आदिवासी नृत्य, संगोष्ठी एवं लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर नाट्य मंचन का शुभारंभ

भोपाल-सीहोर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री आलोक शर्मा ने आज शिवाजी नगर स्थित सामुदायिक भवन में अभ्यांशिका सोसाइटी एवं कला भारती समिति द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय आदिवासी नृत्य एवं संगोष्ठी तथा लोकमाता पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर सांसद श्री शर्मा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने आदिवासी लोकनृत्य कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए अपनी सांसद निधि से सभी कलाकारों को ₹5,000-₹5,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक शर्मा ने कहा कि, "आदिवासी संस्कृति भारत की प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक आत्मा का अभिन्न अंग है। ऐसे आयोजन हमारी लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण...
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के अस्तित्व का संकट: क्या नए नेतृत्व के बिना वापसी संभव है?
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मध्यप्रदेश में कांग्रेस के अस्तित्व का संकट: क्या नए नेतृत्व के बिना वापसी संभव है?

विशेष राजनीतिक विश्लेषण मध्यप्रदेश की राजनीति में कभी कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर हुआ करती थी। एक समय था जब प्रदेश के अनेक जिले कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाते थे। लेकिन पिछले डेढ़ दशक में राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदला है और आज कांग्रेस संगठनात्मक एवं चुनावी दोनों स्तरों पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। यदि हाल के चुनावी परिणामों पर नजर डालें तो मध्यप्रदेश में भाजपा का प्रभाव लगातार मजबूत हुआ है। विधानसभा, लोकसभा, नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत स्तर पर भी भाजपा ने व्यापक बढ़त बनाई है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में लंबे समय से भाजपा का मजबूत संगठन और जनाधार दिखाई देता है, जबकि कांग्रेस यहां लगातार कमजोर होती गई है। क्या पुराने नेतृत्व पर जनता का भरोसा कम हुआ है? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल चुनाव हारना नहीं, बल्कि...