

नासिक। (सद्वार्ता) महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर त्र्यंबकराज पैरालिसिस सेंटर की ओर से समाजसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया गया। सेंटर की टीम ने आत्महत्या करने वाले किसानों के बच्चों के लिए संचालित आधारतीर्थ आश्रम का दौरा कर बच्चों के बीच फराळ (उपवास प्रसाद) का वितरण किया।

इस सेवा कार्य में डॉ. आशिष ठाकरे, डॉ. संदेश काठे, अक्षय चंदाने, ऋषिकेश थोरात, ऋषिकेश लोखंडे, कार्तिक नेरकर, अभिजीत गवली सहित पूरी टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई। टीम ने आश्रम के बच्चों से संवाद किया और उन्हें आषाढ़ी एकादशी की शुभकामनाएं देते हुए प्रेम एवं अपनत्व का संदेश दिया।
इस अवसर पर टीम ने “हम स्वास्थ्य के वारकरी हैं, मानवता ही हमारी पंढरी है” का संदेश देते हुए कहा कि समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्ग की सेवा ही सच्ची मानवता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम के बच्चों को फराळ वितरित किया गया, जिससे उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। उपस्थित लोगों ने त्र्यंबकराज पैरालिसिस सेंटर की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में संवेदनशीलता और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।


