Tuesday, July 21

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चेंजिंग रूम में हिडन कैमरे
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चेंजिंग रूम में हिडन कैमरे

(तकनीक के दुरुपयोग पर कठोर रोक की ज़रूरत)  - डॉ. प्रियंका सौरभ (By Dr. Priyanka Saurabh) (सद्वार्ता) हर सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने नागरिकों की गरिमा, निजता और सुरक्षा को कितना महत्व देता है। विशेषकर महिलाओं की निजता की रक्षा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल दायित्व है। लेकिन जब ऐसे स्थान, जहाँ व्यक्ति स्वयं को सबसे अधिक सुरक्षित समझता है—जैसे चेंजिंग रूम, ट्रायल रूम, फोटो स्टूडियो, जिम, ब्यूटी पार्लर या होटल—वहीं उसकी निजता पर हमला होने लगे, तब यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं रहती, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी बन जाती है। हिसार के निरंकारी रोड स्थित एक फोटो स्टूडियो के चेंजिंग रूम में कथित रूप से हिडन कैमरा मिलने की घटना ने हर संवेदनशील नागरिक को झकझोर दिया है। जानकारी के अनुसार, फोटो शूट के लिए पहुँची एक युवती ने चेंजिंग रूम में कपड़े बदलते समय दीवार...
मानसून और संसद का मानसून सत्र दोनों रहें सक्रिय, तभी होगा देश का कल्याण : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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मानसून और संसद का मानसून सत्र दोनों रहें सक्रिय, तभी होगा देश का कल्याण : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली, 20 जुलाई। (सद्वार्ता) संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए आशा व्यक्त की कि जिस प्रकार देश में मानसून सक्रिय है, उसी तरह संसद का मानसून सत्र भी सक्रिय, सार्थक और जनहितकारी साबित हो। उन्होंने कहा कि जब मानसून और संसद दोनों उत्पादक होते हैं, तभी देश का समग्र विकास और जनकल्याण सुनिश्चित होता है। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी सक्रिय रहे और संसद का मानसून सत्र भी पूरी तरह उत्पादक रहे। जब दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने के दौरान भारत ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है। उन्होंने कहा कि देश लगातार नई ऊंचाइयों...
सरकारी स्कूलों में छात्राओं के शौचालयों की कमी पर उठा सवाल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
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सरकारी स्कूलों में छात्राओं के शौचालयों की कमी पर उठा सवाल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली। सरकारी विद्यालयों में छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो और पोस्ट के माध्यम से मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा द्वारा सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्ट में दावा किया गया है कि नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार देश के लगभग 98,000 सरकारी विद्यालयों में छात्राओं के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। इस दावे के आधार पर शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। पोस्ट में कहा गया है कि यदि यह स्थिति सही है, तो यह केवल शिक्षा व्यवस्था ही नहीं बल्कि छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है, जिस पर सभी सरकारों को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देना चाहिए। इस बीच सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्...
GeM ने हितधारकों से मांगा फीडबैक, देशव्यापी प्रभाव मूल्यांकन सर्वेक्षण शुरू
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GeM ने हितधारकों से मांगा फीडबैक, देशव्यापी प्रभाव मूल्यांकन सर्वेक्षण शुरू

नई दिल्ली। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने अपने खरीदारों और विक्रेताओं से प्लेटफॉर्म के उपयोग, प्रभाव, लागत बचत और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर ढंग से समझने के उद्देश्य से देशव्यापी प्रभाव मूल्यांकन (Impact Assessment) सर्वेक्षण शुरू किया है। इस पहल के तहत GeM ने सर्वेक्षण के संचालन के लिए एक्सिस माय इंडिया के साथ साझेदारी की है। सर्वे के माध्यम से हितधारकों से प्राप्त सुझावों और अनुभवों के आधार पर प्लेटफॉर्म की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और उपयोग में सरलता को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। GeM के अनुसार, इस सर्वेक्षण का उद्देश्य सार्वजनिक खरीद प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाना है। साथ ही, प्रक्रियाओं में सुधार और हितधारकों की आवश्यकताओं के अनुरूप नई पहलें विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सर्वेक्षण प्रक्रिया के तहत एक्सिस माय इंडिया के ...
सड़क दुर्घटनाएँ: व्यक्तिगत लापरवाही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुशासन की चुनौती
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सड़क दुर्घटनाएँ: व्यक्तिगत लापरवाही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुशासन की चुनौती

- डॉ. सत्यवान सौरभ भारत आज विश्व में सड़क दुर्घटनाओं से सर्वाधिक प्रभावित देशों में शामिल है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2024 में लगभग 1.77 लाख लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई। यह संख्या किसी प्राकृतिक आपदा या महामारी से कम नहीं है। प्रत्येक दिन सैकड़ों परिवार अपने किसी प्रियजन को खो देते हैं, हजारों लोग स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाते हैं और देश को उत्पादक मानव संसाधन तथा अरबों रुपये की आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। इसलिए सड़क दुर्घटनाओं को केवल चालक की लापरवाही, तेज गति या यातायात नियमों के उल्लंघन तक सीमित करके देखना वास्तविक समस्या से आँखें मूँदने जैसा है। यह वस्तुतः सार्वजनिक स्वास्थ्य, सड़क अवसंरचना, कानून प्रवर्तन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं तथा प्रशासनिक समन्वय की व्यापक विफलता का परिणाम है। सड़क सुरक्षा का प्रश्न सीधे नागरिकों के जीवन के अधिकार से ...
सोनम वांगचुक और सुर्खियों से आगे का सच
Delhi (National Capital Territory), Natioanal, Opinion, State

सोनम वांगचुक और सुर्खियों से आगे का सच

(मीडिया नैरेटिव बनाम जनसमर्थन: क्या किसी आंदोलन की वास्तविक ताकत कैमरों से तय होती है?)  — डॉ. प्रियंका सौरभ लोकतंत्र में किसी भी आंदोलन की सफलता का सबसे बड़ा आधार उसका वास्तविक जनसमर्थन होता है। कैमरों की चमक, सोशल मीडिया की ट्रेंडिंग सूची, यूट्यूब की लाखों व्यूज़ या टीवी चैनलों की लगातार बहसें किसी आंदोलन को चर्चा का विषय तो बना सकती हैं, लेकिन वे स्वयं जनमत का प्रमाण नहीं होतीं। इतिहास गवाह है कि अनेक ऐसे आंदोलन रहे जिन्हें मीडिया ने बहुत कम स्थान दिया, फिर भी वे समाज में व्यापक परिवर्तन का कारण बने। वहीं कुछ ऐसे आंदोलन भी रहे जो मीडिया में छाए रहे, लेकिन समाज में स्थायी आधार नहीं बना सके। पिछले कुछ वर्षों में लद्दाख और वहां के पर्यावरण, संवैधानिक अधिकारों तथा स्थानीय प्रतिनिधित्व को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा हुई है। इस विमर्श में सोनम वांगचुक एक प्रमुख चेहरा बनक...
क्या विजय थलापति भारतीय राजनीति में विपक्ष के नए चेहरे बन सकते हैं?
Editorial, Natioanal, Opinion, Politics, State, Tamil Nadu

क्या विजय थलापति भारतीय राजनीति में विपक्ष के नए चेहरे बन सकते हैं?

संपादकीय दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता से राजनेता बने विजय थलापति (थलापति विजय) इन दिनों राजनीति में अपनी सक्रियता और कार्यशैली को लेकर लगातार चर्चा में हैं। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उनके बयानों, जनसंपर्क अभियानों और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर लोगों की नजर बनी हुई है। फिल्मी पर्दे पर नायक की भूमिका निभाने वाले विजय अब वास्तविक राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। पिछले एक दशक में भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर, पश्चिम और पूर्वी भारत के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है तथा दक्षिण भारत में भी संगठन के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए हैं। ऐसे राजनीतिक माहौल में विजय का राजनीति में प्रवेश दक्षिण भारत की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की सबसे बड़ी ताकत उनकी...
Video धर्म और राजनीति पर टिप्पणी वाली वायरल पोस्ट चर्चा में, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
Delhi (National Capital Territory), Natioanal, Politics, State

Video धर्म और राजनीति पर टिप्पणी वाली वायरल पोस्ट चर्चा में, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर वरिष्ठ पत्रकार मूर्ति नैन की एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट में उन्होंने धर्म, राजनीति और समाज के संबंधों पर टिप्पणी करते हुए एक रूपक का प्रयोग किया है, जिस पर सोशल मीडिया पर व्यापक बहस देखने को मिल रही है। पोस्ट में लिखा गया है, "कहा जाता है कि सिगरेट के दूसरे सिरे पर जो राख होती है, वह वास्तव में उसे पीने वाले व्यक्ति की होती है। धर्म की राजनीति करने वालों की भी यही सच्चाई है। एक ओर समाज सुलगता रहता है तो दूसरी ओर इंसानियत धुएं और धुंध में बदलती चली जाती है।" https://twitter.com/i/status/2077740034359513316 पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक व्यक्ति से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो पर लिखा गया है, "इसी डर से प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करता!" हालांकि, वीडियो किस...
कंगना रनौत की टिप्पणी के बाद राहुल-प्रियंका गांधी का वीडियो वायरल, X पर छिड़ी सियासी बहस
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कंगना रनौत की टिप्पणी के बाद राहुल-प्रियंका गांधी का वीडियो वायरल, X पर छिड़ी सियासी बहस

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा कांग्रेस और गांधी परिवार को लेकर की गई टिप्पणी के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो X यूजर अशोक दधवाल (Ashok Dadhwal) द्वारा साझा किया गया है, जिस पर राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिल रही है। https://twitter.com/i/status/2077068840912175424 अशोक दधवाल द्वारा साझा किए गए पोस्ट में कहा गया है कि वर्षों से गांधी परिवार को भ्रष्टाचार और राष्ट्रविरोध से जोड़ने का राजनीतिक प्रयास किया गया है, लेकिन किसी आरोप को बार-बार दोहराने मात्र से वह सत्य साबित नहीं हो जाता। पोस्ट में लोकतंत्र में राजनीतिक विमर्श को तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। वायरल वीडियो में प...
राहुल गांधी ने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर साधा निशाना, छात्रों के भविष्य पर जताई चिंता
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राहुल गांधी ने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर साधा निशाना, छात्रों के भविष्य पर जताई चिंता

देहरादून/नई दिल्ली, 18 जुलाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश में कथित पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए हैं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी का संदेश कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया पर साझा किया। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में औसतन हर महीने एक पेपर लीक हुआ, जिससे लगभग 7.5 करोड़ छात्रों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े मामलों के बावजूद किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली। राहुल गांधी ने कहा कि यह देश के युवाओं, उनके माता-पिता, उनकी मेहनत और संघर्ष का अपमान है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बयान कांग्रेस के "छात्रों की ...