Tuesday, August 11

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26 जुलाई को विदिशा में होगा मुनि श्री निर्णय सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश, सुबह 7 बजे होगी मंडल अगवानी
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26 जुलाई को विदिशा में होगा मुनि श्री निर्णय सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश, सुबह 7 बजे होगी मंडल अगवानी

विदिशा। (सद्वार्ता) संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर 108 श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य, विद्यानिधि आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती एवं पाठशाला प्रणेता पूज्य मुनि श्री 108 निर्णय सागर जी महाराज ससंघ का रविवार, 26 जुलाई 2026 को विदिशा नगर में भव्य मंगल प्रवेश होगा। वर्ष 2026 का चातुर्मास विदिशा में संपन्न होने जा रहा है, जिसके चलते आगामी चार माह तक नगर में धर्म, साधना, स्वाध्याय एवं संस्कारों का आध्यात्मिक वातावरण बना रहेगा। प्रवक्ता अविनाश जैन 'विद्यावाणी' ने बताया कि श्री सकल दिगंबर जैन समाज, विदिशा के नेतृत्व में प्रातः 7:00 बजे विवेकानंद (ईदगाह) चौराहा से पूज्य मुनिसंघ की भव्य मंडल अगवानी की जाएगी। इसके बाद शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन स्टेशन मंदिर, महावीरगंज पहुँचेगी। मंदिर परिसर में धर्मसभा का आयोजन किया जाए...
64 ऋद्धि मंत्रों के अर्घ्य समर्पण से गूंजा गुणायतन, श्रद्धा और साधना का अद्भुत संगम
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64 ऋद्धि मंत्रों के अर्घ्य समर्पण से गूंजा गुणायतन, श्रद्धा और साधना का अद्भुत संगम

राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज को विदिशा नगर की ओर से सामूहिक श्रीफल अर्पित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में देशभर से उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब विदिशा। (सद्वार्ता) अष्टान्हिका महापर्व के पावन अवसर पर गुणायतन में आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक साधना का विराट केंद्र बना हुआ है। शुक्रवार को विधान के दौरान 64 ऋद्धि मंत्रों के अर्घ्य अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं अनुशासन के साथ प्रभु चरणों में समर्पित किए गए। देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं के साथ विदिशा नगर से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भी सामूहिक रूप से श्रीफल अर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त किया। विशाल विधान मंडप मंत्रोच्चार और भक्तिभाव से गुंजायमान रहा। राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन "विद्यावाणी" ने बताया कि इस अवसर पर मालेगांव से आए 8 वर्षीय बालक ऋषभ जैन को जैनत्व के संस्कार प्रदान किए गए। वह...
आत्मा में कर्मबन्ध की शुरुआत मन, वचन और काय से होती है, इसलिए पाप करने से पहले डरें : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज
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आत्मा में कर्मबन्ध की शुरुआत मन, वचन और काय से होती है, इसलिए पाप करने से पहले डरें : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज

मधुवन। (सद्वार्ता) श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के पाँचवें दिवस राष्ट्रसंत मुनि श्री 108 प्रमाणसागर महाराज ने कर्मबन्ध के सूक्ष्म विज्ञान का सरल एवं वैज्ञानिक ढंग से विवेचन करते हुए कहा कि आत्मा में कर्मबन्ध की प्रक्रिया मन, वचन और काय की प्रत्येक प्रवृत्ति से प्रारंभ होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को हर क्षण सजग और सावधान रहना चाहिए तथा जीवन में "पाप करने से डरो, पाप करके मत डरो" के सिद्धांत को अपनाना चाहिए। गुणायतन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन 'विद्यावाणी' ने बताया कि मुनिश्री ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रत्येक महान कार्य सुविचारित योजना और क्रमबद्ध प्रक्रिया से पूर्ण होता है। इसी प्रकार श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान और आत्मशुद्धि का महान साधना-पर्व है। मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य के प्रत्येक भाव, विचार और कर्म से आत्मा में स्पंदन ...
उज्जैन में 25 जुलाई को मनाया जाएगा आला हजरत का 108वां उर्स
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उज्जैन में 25 जुलाई को मनाया जाएगा आला हजरत का 108वां उर्स

मुंबई और उत्तर प्रदेश से पहुंचे इस्लामिक विद्वान करेंगे संबोधन उज्जैन, 24 जुलाई।उज्जैन के के.डी. गेट स्थित कुरैशी जमातखाना (मदीना मस्जिद) में शनिवार, 25 जुलाई की रात 9 बजे इमाम अहले सुन्नत आला हजरत इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ फाज़िले बरेलवी (रह.) का 108वां उर्स श्रद्धा एवं अकीदत के साथ मनाया जाएगा। आयोजकों के अनुसार ईशा की नमाज के बाद आयोजित होने वाले इस धार्मिक जलसे में पहली बार उज्जैन पधार रहे खलीफा-ए-हुजूर ताजुश्शरिया एवं इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती साजिद अली मिस्बाही (मुंबई, महाराष्ट्र) विशेष खिताब फरमाएंगे। इसके अलावा खलीफा-ए-हुजूर गयासे मिल्लत सैयद हसनैन मियां साहब (बकाई, उत्तर प्रदेश) भी अपने विचार रखेंगे। यह आयोजन दारुल उलूम रजविया गरीब नवाज एवं फिक्रे रज़ा ग्रुप, उज्जैन के तत्वावधान में खादिम-ए-अहले सुन्नत सैयद इजहार अहमद रज़वी की निगरानी में आयोजित किया जाएगा। आयोजन की जानकारी मोह...
‘श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का उद्देश्य जीवन में आत्मपरिवर्तन लाना है’ : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज
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‘श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का उद्देश्य जीवन में आत्मपरिवर्तन लाना है’ : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज

विदिशा/गुणायतन, 22 जुलाई (सद्वार्ता)। गुणायतन के विशाल परिसर में राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज एवं मुनि श्री संधान सागर महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित नौ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक साधना के वातावरण में निरंतर आगे बढ़ रहा है। अष्टान्हिका महापर्व के अवसर पर देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस महाआयोजन में सहभागी बन रहे हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन 'विद्यावाणी' ने बताया कि 320×160 फीट के विशाल विधान मंडप में एक साथ 108 मंडलों में श्रीजी विराजमान हैं। श्रद्धालु भगवान की आराधना करते हुए अब तक 16 अर्घ समर्पित कर चुके हैं, जबकि विधान के तीसरे दिन 32 अर्घ अर्पित किए जाएंगे। विदिशा से अविनाश जैन, मुकेश जैन बड़ाघर, इंजीनियर चंद्रशेखर, प्रद्युम्न सिंघई सहित सैकड़ों परिवार धर्माराधना कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। अपने प्रवचन में राष्...
सावन के प्रथम सोमवार को निकलेगी सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति की भव्य कांवड़ यात्रा
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सावन के प्रथम सोमवार को निकलेगी सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति की भव्य कांवड़ यात्रा

नीलम हेमंत राजपूत बनीं कांवड़ यात्रा की संयोजक, तैयारियां अंतिम चरण में विदिशा, 21 जुलाई (सद्वार्ता)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार 3 अगस्त 2026 को सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यात्रा को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए समिति के पदाधिकारी और सदस्य तैयारियों में पूरी सक्रियता के साथ जुटे हुए हैं। समिति अध्यक्ष नितिन माहेश्वरी ने बताया कि विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद कांवड़ यात्रा प्रातः 9 बजे बड़वाले घाट, बेतवा तट स्थित श्री हनुमान मंदिर से प्रारंभ होगी। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर माधवगंज स्थित शिवालय महादेव (कांच मंदिर) पहुंचेगी, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक कर यात्रा का समापन किया जाएगा। मंगलवार को परिणय गार्डन में आयोजित बैठक में समिति अध्यक्ष नितिन माहेश्वरी की अनुशंसा और वरिष्ठ पदाधिकारियों की सर्वसम्मति से नीलम ...
एक पेड़ मेरे प्रभु के नाम : श्री मनोहर इन्दु महिला मंडल ने लिया पौधारोपण का संकल्प
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एक पेड़ मेरे प्रभु के नाम : श्री मनोहर इन्दु महिला मंडल ने लिया पौधारोपण का संकल्प

उज्जैन। (सद्वार्ता) पर्यावरण संरक्षण और धर्म की भावना को एक साथ जोड़ते हुए श्री मनोहर इन्दु महिला मंडल ने सूरज नगर स्थित श्री जीरावाला पार्श्वनाथ मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्री पार्श्वनाथ पंच कल्याणक पूजा का आयोजन किया। पूजन के दौरान मंडल की सभी सदस्यों ने "एक पेड़ मेरे प्रभु के नाम" अभियान के तहत प्रत्येक सदस्य द्वारा एक-एक पौधा लगाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अनेक जैन मुनि भगवंतों ने वृक्षों की छाया में तप, साधना और ध्यान कर मोक्ष की प्राप्ति की है। इसलिए वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक हैं। मंडल की सदस्यों ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने प्रभु के नाम पर एक पौधा लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी हरित एवं स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। उन्...
श्री अजितनाथ पार्श्वनाथ जैन मंदिर, कोठी में आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. का भव्य मंगल प्रवेश
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श्री अजितनाथ पार्श्वनाथ जैन मंदिर, कोठी में आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. का भव्य मंगल प्रवेश

उज्जैन। (सद्वार्ता) परम पूज्य सूरि सम्राट, राष्ट्ररत्न, अवंती तीर्थोद्धारक एवं खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. का श्री अजितनाथ पार्श्वनाथ जैन मंदिर, कोठी में भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन श्री संघ शास्ता वर्षावास समिति, त्रयनगर के तत्वावधान में आयोजित किया गया। दिनांक 20 जुलाई 2026 को सिद्धाचल सोसायटी, प्रेम बाग से भव्य सामैया के साथ प्रारंभ हुई शोभायात्रा मंदिर परिसर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने गुरुदेव श्री का जयघोष के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर पूज्य गणिवर्य श्री मयंकप्रभसागरजी म.सा. आदि ठाणा–9 की पावन निश्रा एवं पूज्या गणिनी प्रवरा श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा–34 की पावन सानिध्यता भी प्राप्त हुई। मंगल प्रवेश के उपरांत आयोजित धर्मसभा का शुभारंभ अजित पार्श्व युवा महिला संगठन द्वारा मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद अर...
गुरु-शिष्य मिलन देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, छलक उठे दोनों के नेत्रशिष्य बोले— “मैं गुरु से मिलने नहीं, गुरु में मिलने आया हूँ”
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गुरु-शिष्य मिलन देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, छलक उठे दोनों के नेत्रशिष्य बोले— “मैं गुरु से मिलने नहीं, गुरु में मिलने आया हूँ”

सोनकच्छ/पुष्पगिरी।मानव कल्याण स्थली पुष्पगिरी तीर्थ के प्रणेता गणाचार्य आचार्य श्री 108 पुष्पदंत सागर जी महामुनिराज के सुयोग्य शिष्य, सिंहनिष्क्रिय व्रतधारी 'अंतर्मना' आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज का उपाध्याय मुनि श्री 108 पीयूष सागर जी महाराज एवं संघ सहित पुष्पगिरी तीर्थ पर महामंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर गुरु-शिष्य का भावपूर्ण मिलन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भाव-विभोर कर देने वाला रहा। महामंगल प्रवेश से पूर्व अंतर्मना गुरुदेव का मंगल विहार सोनकच्छ स्थित भागीरथ एवेन्यू कॉलोनी से आकाश जैन गुरुभक्त परिवार के सान्निध्य में बैंड-बाजों के साथ पुष्पगिरी तीर्थ के लिए प्रारंभ हुआ। मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों द्वारा गुरुदेव का भव्य स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। दोपहर लगभग 3:45 बजे आचार्य श्री 108 पुष्पदंत सागर जी महामुनिराज एवं उनके शिष्य अंतर्मना आ...