Saturday, July 25

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NEET पेपर लीक प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों के नाम पत्र जारी कर कही बड़ी बात

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों के बीच उत्पन्न अविश्वास की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। इस्तीफे की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर विद्यार्थियों के नाम लिखे एक भावुक खुले पत्र के माध्यम से साझा की।

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अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले चार दशकों से उनका जीवन छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने लिखा कि भारत के युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और न्यायोचित अपेक्षाओं का सम्मान करना उनका नैतिक दायित्व रहा है तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने स्वीकार किया कि NEET-UG परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम ने देशभर के विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास प्रभावित किया, जिससे उन्हें गहरा दुःख पहुंचा। उन्होंने कहा कि यद्यपि सरकार ने अनियमितताओं के सामने आते ही जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपते हुए आवश्यक कदम उठाए, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार किए तथा भविष्य में कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया, फिर भी एक मंत्री के रूप में वे अपनी नैतिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और लोकतांत्रिक जवाबदेही के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति ही देश की वास्तविक ताकत है और किसी भी मेधावी विद्यार्थी का भविष्य विवादों या कानूनी उलझनों में नहीं फंसना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए लिखा कि वे अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित रखें तथा किसी भी प्रकार के भ्रम या अफवाहों से दूर रहें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधार जारी रखेगी।

प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि उन्हें राष्ट्रसेवा का अवसर मिला, जिसके लिए वे सदैव कृतज्ञ रहेंगे। साथ ही उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों का धन्यवाद किया।

अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद छोड़ने के बाद भी वे राष्ट्र, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य मानते रहेंगे।

नोट: यह समाचार आपके द्वारा साझा किए गए पत्र की सामग्री के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें वर्णित इस्तीफे और उससे संबंधित दावे पत्र में व्यक्त जानकारी पर आधारित हैं।

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