Tuesday, July 21

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उज्जैन की बेटी देवांशी ने निशाना मारा गोल्ड पर
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उज्जैन की बेटी देवांशी ने निशाना मारा गोल्ड पर

राज्य स्पर्धा में 2000 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लियाउज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन की बेटी देवांशी गोविल ने इंदौर में गोल्ड मेडल पर निशाना बनाकर गोल्ड मेडल प्राप्त किया। खेल प्रशिक्षक विजय बाली ने बताया की इंदौर में 3 से 8 जुलाई तक बीएसएफ के रेवती रेंज में आयोजित की गई, उज्जैन के कोच विराज परिहार के मार्गदर्शन में कड़ा प्रशिक्षण प्रशिक्षण प्राप्त कर देवांशी गोविल ने राज्य स्तरीय स्पर्धा में एक गोल्ड, एक सिल्वर, दो कांस्य पदक जीतकर उज्जैन का नाम गोरवान्वित कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस खेल प्रतिभा को प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सांरग ने भी प्रोत्साहित किया। साथ ही देवांशी को पूर्व ओलम्पिक गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी मनु बाख़र ने भी निशानेबाजी की नवीन जानकारियां दी थी। समापन अवसर पर विजेता खिलाड़ियों को भारतीय शूटिंग टीम के कोच जयवर्धन सिंह चौहान ने खिलाड़ियों को मेडल प्रदान ...
विश्व जनसंख्या दिवस एवं विश्व अश्व दिवस पर जेएनआईबीएम और बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में वृक्षारोपण एवं संगोष्ठी आयोजित
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विश्व जनसंख्या दिवस एवं विश्व अश्व दिवस पर जेएनआईबीएम और बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में वृक्षारोपण एवं संगोष्ठी आयोजित

'श्रीअन्न अपनाएं, प्रकृति बचाएं' का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण, संतुलित जनसंख्या और सतत विकास का लिया संकल्पउज्जैन। विश्व जनसंख्या दिवस, विश्व अश्व दिवस एवं वृक्षारोपण समारोह के अवसर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंधन संस्थान (जेएनआईबीएम), सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन एवं प्रबंध छात्रावास में बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार, 11 जुलाई 2026 को एक गरिमामय संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत प्रतिष्ठित एल्युमिनी एवं मुख्य प्रबंधक श्री मयंक राठौर की पहल पर आयोजित किया गया, जिसमें "श्रीअन्न अपनाएं, प्रकृति बचाएं" विषय के साथ संस्कृत श्लोकों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, संतुलित जनसंख्या, सतत विकास तथा भारतीय पोषण परंपरा के प्रति जनजागरूकता ब...
पोर्टल में सुधार करने की मांग
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पोर्टल में सुधार करने की मांग

उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन की एम.ए. की कक्षा में प्रवेश लेने से इसलिये इंकार किया गया कि समता पटेल एडवोकेट ने द्वारा सन् 1984 में हायर सेकेन्ड्ररी पास की है और बी.ए. किया है। जबकि विश्वविद्यालय का पोर्टल केवल हाईस्कूल व अंडरमिजिएड 10+2 को ही स्वीकार करता है। पूर्व में जब हायर सेकेन्ड्ररी होती थी, जिसमें 11वीं परीक्षा उत्तीर्ण कर कॉलेज में प्रवेश लिया जाता था, किन्तु हमारा पोर्टल आपको प्रवेश की इजाजत नहीं देता है। ऐसी परिस्थिति में हायर सेकेन्ड्ररी उत्तीर्ण आवेदक का तो भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। विक्रम विश्व विद्यालय के उपरोक्त पोर्टल में अतिशीघ्र सुधार किया जाए, जिससे 11वीं परीक्षा उत्तीर्ण व हाई सेकेन्ड्ररी किये गये छात्रों को आसानी से प्रवेश प्राप्त हो सके। गतवर्ष जब मुझे एम.ए. कक्षा में प्रवेश नहीं मिला तो मेरे द्वारा सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन को विधि...
श्री जीरावला पार्श्वनाथ नवरत्न भक्तामर मंडल की नई कार्यकारिणी गठित
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श्री जीरावला पार्श्वनाथ नवरत्न भक्तामर मंडल की नई कार्यकारिणी गठित

सर्वसम्मति से संजय कंवर अध्यक्ष एवं कमलेश मारू सचिव निर्वाचित उज्जैन। बड़नगर रोड स्थित श्री अभ्युदयपुरम जैन तीर्थ में श्री जीरावला पार्श्वनाथ नवरत्न भक्तामर मंडल, सूरज नगर की वार्षिक सभा श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। सभा में सर्वसम्मति से मंडल की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया तथा संस्थापक अध्यक्ष विनोद जैन (उन्हेल वाले) के उल्लेखनीय योगदान का विशेष सम्मान किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ अभ्युदय पार्श्वनाथ परमात्मा की पूजन-अर्चना एवं सामूहिक भक्तामर पाठ से हुआ। इसके बाद मंडल के विकास एवं सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले धर्मेंद्र कुमार तरवेचा, सौरभ कुमार (अशोक ट्रांसपोर्ट), प्रवीण कांकरिया, संरक्षक संजय जैन (खली वाला), अशोक जैन (मिर्चीवाला), अभय जैन तथा दिनेश राठौर का सम्मान किया गया।सभा में सर्वसम्मति से संजय कंवर को अध्यक्ष चुना गया। वह...
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के अस्तित्व का संकट: क्या नए नेतृत्व के बिना वापसी संभव है?
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मध्यप्रदेश में कांग्रेस के अस्तित्व का संकट: क्या नए नेतृत्व के बिना वापसी संभव है?

विशेष राजनीतिक विश्लेषण मध्यप्रदेश की राजनीति में कभी कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर हुआ करती थी। एक समय था जब प्रदेश के अनेक जिले कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाते थे। लेकिन पिछले डेढ़ दशक में राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदला है और आज कांग्रेस संगठनात्मक एवं चुनावी दोनों स्तरों पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। यदि हाल के चुनावी परिणामों पर नजर डालें तो मध्यप्रदेश में भाजपा का प्रभाव लगातार मजबूत हुआ है। विधानसभा, लोकसभा, नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत स्तर पर भी भाजपा ने व्यापक बढ़त बनाई है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में लंबे समय से भाजपा का मजबूत संगठन और जनाधार दिखाई देता है, जबकि कांग्रेस यहां लगातार कमजोर होती गई है। क्या पुराने नेतृत्व पर जनता का भरोसा कम हुआ है? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल चुनाव हारना नहीं, बल्कि...
मध्यप्रदेश की राजनीति में ‘भूमि विवाद’ और मुख्यमंत्री की चुप्पी: क्या संकेत देती है यह स्थिति?
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मध्यप्रदेश की राजनीति में ‘भूमि विवाद’ और मुख्यमंत्री की चुप्पी: क्या संकेत देती है यह स्थिति?

विशेष राजनीतिक विश्लेषण मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिजनों से जुड़े कथित भूमि सौदों को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, वहीं विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक बयानों के बाद भी मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस विषय पर सीमित सार्वजनिक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में कई तरह के प्रश्न उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री की चुप्पी राजनीतिक रणनीति है, या भाजपा नेतृत्व को अपने मुख्यमंत्री पर पूरा विश्वास है? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी गंभीर आरोप पर दो प्रकार की रणनीतियां अपनाई जाती हैं। पहली, तत्काल सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना। दूसरी, आरोपों को राजनीतिक मानते हुए उन्हें अधिक महत्व न देना। भाजपा फिलहाल दूसरे रास्ते पर चलती दिखाई देती...