भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू, लेकिन मंजिल सिर्फ रेलवे नहीं बल्कि भविष्य की ऊर्जा क्रांति
नई दिल्ली। (सद्वार्ता) भारत ने परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक नया कदम बढ़ाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू कर दी है। हरियाणा के जींद–सोनीपत रेलखंड (करीब 90 किलोमीटर) पर शुरू हुई यह ट्रेन केवल एक नई रेल सेवा नहीं, बल्कि भारत के ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग मानी जा रही है।
पहली नजर में यह सवाल उठता है कि जब भारतीय रेलवे का लगभग पूरा ब्रॉडगेज नेटवर्क पहले ही विद्युतीकृत हो चुका है, तो फिर हाइड्रोजन ट्रेन की जरूरत क्यों पड़ी?
इसका जवाब केवल डीजल को हटाना नहीं है, बल्कि भारत में हाइड्रोजन तकनीक का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है।
कैसे काम करती है हाइड्रोजन ट्रेन?
हाइड्रोजन ट्रेन में डीजल इंजन का इस्तेमाल नहीं होता। इसके ऊपर लगे विशेष टैंकों में हाइड्रोजन गैस भरी जाती है। यह हाइड्रोजन फ्यूल सेल में हवा की ऑक्सीजन के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करती ...










