Monday, May 25

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दिल्ली में सड़क निर्माण टेंडर पर उठे सवाल, आधे से भी कम कीमत पर मिला काम, एमसीडी पर धांधली के आरोप
Delhi (National Capital Territory), State

दिल्ली में सड़क निर्माण टेंडर पर उठे सवाल, आधे से भी कम कीमत पर मिला काम, एमसीडी पर धांधली के आरोप

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सड़क निर्माण से जुड़े एक टेंडर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एमसीडी (नगर निगम दिल्ली) के शाहदरा नॉर्थ जोन के प्रोजेक्ट-1 डिविजन द्वारा करावल नगर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए जारी किए गए टेंडर में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, एमसीडी ने जिस सड़क निर्माण कार्य के लिए 2 करोड़ 25 लाख 76 हजार 446 रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया था, उसी कार्य को एक कंपनी ने 55 प्रतिशत कम कीमत पर करने की पेशकश की और टेंडर हासिल भी कर लिया। अब सवाल उठ रहा है कि इतनी कम राशि में सड़क का निर्माण आखिर कैसे संभव होगा और अगर सड़क बन भी गई तो उसकी गुणवत्ता कितनी टिकाऊ होगी। शहीद दिनेश चंद्र शर्मा मार्ग और करावल नगर पुश्ता रोड का मामला एमसीडी शाहदरा नॉर्थ जोन के तहत आने वाले शहीद दिनेश चंद्र शर्मा मार्ग ...
जींद में CM नायब सिंह सैनी का दिल जीतने वाला अंदाज, युवक की पुकार पर हेलिकॉप्टर में बैठाकर पूरी की ख्वाहिश
Punjab & Hariyana, State

जींद में CM नायब सिंह सैनी का दिल जीतने वाला अंदाज, युवक की पुकार पर हेलिकॉप्टर में बैठाकर पूरी की ख्वाहिश

जींद। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का एक मानवीय और सरल व्यवहार वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला जींद जिले के उचाना विधानसभा क्षेत्र का है, जहां मुख्यमंत्री एक जनसभा के दौरान विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने भीड़ में खड़े एक युवक की इच्छा को तुरंत पूरा कर लोगों का दिल जीत लिया। दरअसल, उचाना में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 103 करोड़ 30 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाली पांच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब मुख्यमंत्री हेलिकॉप्टर से रवाना होने लगे, तो सुरक्षा के चलते वहां बैरिकेडिंग लगाई गई थी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। भीड़ से आई आवाज- ‘ताऊ, हमें भी बिठा ले हेलिकॉप्टर में’ इसी दौरान भीड़ में से एक युवक ने हरियाणवी अंदाज ...
कांग्रेस ने छत्रपति यादव और आनंद माधव को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, बिहार कांग्रेस में सियासी भूचाल
Bihar, State

कांग्रेस ने छत्रपति यादव और आनंद माधव को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, बिहार कांग्रेस में सियासी भूचाल

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद कांग्रेस के अंदर चल रहा घमासान अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी नेतृत्व के खिलाफ लगातार बयानबाजी और अनुशासनहीन गतिविधियों के आरोप में बिहार कांग्रेस ने अपने दो वरिष्ठ नेताओं छत्रपति यादव और आनंद माधव को बड़ा झटका देते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद बिहार कांग्रेस की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजेश राठौड़ ने निष्कासन की पुष्टि बिहार कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष राजेश राठौड़ ने बुधवार को इस निष्कासन की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य अनुशासन समिति ने यह फैसला दोनों नेताओं के लगातार दिए जा रहे “अवांछनीय और पार्टी विरोधी” बयानों को देखते हुए लिया है। राठौड़ ने कहा कि छत्रपति यादव और आनंद माधव लंबे समय से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नियमित अंतराल पर प्रेस बयान जारी कर रहे थे। ...
इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलटा, निजी अंग पकड़ना और नाड़ा खोलना ‘दुष्कर्म के प्रयास’ की श्रेणी में
State, Uttar Pradesh

इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलटा, निजी अंग पकड़ना और नाड़ा खोलना ‘दुष्कर्म के प्रयास’ की श्रेणी में

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले को लेकर हाल के दिनों में देशभर में बहस छिड़ गई थी। हाई कोर्ट ने एक मामले में यह कहते हुए दुष्कर्म के प्रयास की धाराओं को हटाने का आदेश दिया था कि युवती के निजी अंग पकड़ना और कपड़ों के नाड़े से छेड़छाड़ करना ‘दुष्कर्म की कोशिश’ नहीं बल्कि केवल ‘तैयारी’ है। अब इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है और स्पष्ट किया है कि ऐसी हरकतें दुष्कर्म के प्रयास का अपराध बनती हैं। चीफ जस्टिस की पीठ ने सुनाया अहम फैसला इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने की। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्थापित आपराधिक कानून के सिद्धांतों की गलत व्याख्या और गलत इस्तेमाल किया है। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कासगंज के व...
कानपुर। उत्तर प्रदेश में भूकंप को लेकर लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। साल 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के झटके यूपी तक महसूस किए गए थे, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में दहशत फैल गई थी। हालांकि उस घटना के बाद भी भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं हो सकी। अब आईआईटी कानपुर की एक विस्तृत रिसर्च ने प्रदेश के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।  आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार यदि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 6.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है, तो कानपुर और प्रयागराज में भारी तबाही हो सकती है। रिसर्च के मुताबिक इन दोनों शहरों की मिट्टी की संरचना ऐसी है, जो भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन जैसी खतरनाक प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकती है।  लिक्विफेक्शन से सबसे बड़ा खतरा  सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर निहार रंजन पात्रा के अनुसार कानपुर और प्रयागराज की जमीन में बालू की मात्रा अधिक है और इसके कण बेहद महीन हैं। भूकंप के तेज झटकों से मिट्टी की मजबूती कमजोर हो जाती है और जमीन के नीचे मौजूद पानी व सिल्टयुक्त बालू मिलकर ऊपर की ओर आने लगते हैं। इसी प्रक्रिया को लिक्विफेक्शन कहा जाता है।  इस स्थिति में जमीन का व्यवहार लगभग तरल जैसा हो जाता है, जिससे इमारतों की नींव कमजोर पड़ सकती है और बड़े-बड़े पक्के ढांचे धंस सकते हैं या गिर सकते हैं।  इतिहास में भी दर्ज हुई थीं घटनाएं  रिसर्च में यह भी बताया गया कि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 1803 और 1934 के बड़े भूकंपों के बाद लिक्विफेक्शन की घटनाएं दर्ज की गई थीं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह क्षेत्र भूकंपीय फॉल्ट के प्रभाव क्षेत्र में भी आता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।  30 से 40 मीटर गहराई तक असर की संभावना  आमतौर पर भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन का असर 8 से 10 मीटर की गहराई तक देखा जाता है, लेकिन आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट के अनुसार कानपुर और प्रयागराज में यह प्रभाव 30 से 40 मीटर तक जा सकता है।  रिसर्च के लिए दोनों शहरों में 20-20 स्थानों से मिट्टी के नमूने लिए गए। कानपुर में गंगा बैराज के पास 70 से 80 मीटर गहराई तक बोरहोल के जरिए सैंपल इकट्ठे किए गए।  इस अध्ययन में गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में भी सर्वे किया गया। इसके साथ ही लखनऊ और वाराणसी के कुछ इलाकों में भी लिक्विफेक्शन की संभावना का आकलन किया गया।  सिस्मिक जोन-3 और जोन-4 में आते हैं दोनों शहर  रिसर्च में बताया गया कि कानपुर और प्रयागराज सिस्मिक जोन-3 और जोन-4 में आते हैं और हिमालय से लगभग 300 किलोमीटर की परिधि में स्थित हैं। यहां की मिट्टी अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है, इसलिए निर्माण कार्य के दौरान विशेष सावधानी और आधुनिक ग्राउंड इम्प्रूवमेंट तकनीक अपनाने की जरूरत है।  विशेषज्ञों की चेतावनी  विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते शहरी नियोजन, निर्माण मानकों और भूकंपरोधी तकनीकों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो भविष्य में आने वाला कोई भी बड़ा भूकंप कानपुर और प्रयागराज के लिए गंभीर तबाही का कारण बन सकता है।  आईआईटी कानपुर की यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में अब भूकंप को लेकर सतर्कता और तैयारी को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी हो गया है।
Rajasthan, State

कानपुर। उत्तर प्रदेश में भूकंप को लेकर लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। साल 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के झटके यूपी तक महसूस किए गए थे, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में दहशत फैल गई थी। हालांकि उस घटना के बाद भी भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं हो सकी। अब आईआईटी कानपुर की एक विस्तृत रिसर्च ने प्रदेश के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार यदि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 6.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है, तो कानपुर और प्रयागराज में भारी तबाही हो सकती है। रिसर्च के मुताबिक इन दोनों शहरों की मिट्टी की संरचना ऐसी है, जो भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन जैसी खतरनाक प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकती है। लिक्विफेक्शन से सबसे बड़ा खतरा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर निहार रंजन पात्रा के अनुसार कानपुर और प्रयागराज की जमीन में बालू की मात्रा अधिक है और इसके कण बेहद महीन हैं। भूकंप के तेज झटकों से मिट्टी की मजबूती कमजोर हो जाती है और जमीन के नीचे मौजूद पानी व सिल्टयुक्त बालू मिलकर ऊपर की ओर आने लगते हैं। इसी प्रक्रिया को लिक्विफेक्शन कहा जाता है। इस स्थिति में जमीन का व्यवहार लगभग तरल जैसा हो जाता है, जिससे इमारतों की नींव कमजोर पड़ सकती है और बड़े-बड़े पक्के ढांचे धंस सकते हैं या गिर सकते हैं। इतिहास में भी दर्ज हुई थीं घटनाएं रिसर्च में यह भी बताया गया कि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 1803 और 1934 के बड़े भूकंपों के बाद लिक्विफेक्शन की घटनाएं दर्ज की गई थीं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह क्षेत्र भूकंपीय फॉल्ट के प्रभाव क्षेत्र में भी आता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। 30 से 40 मीटर गहराई तक असर की संभावना आमतौर पर भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन का असर 8 से 10 मीटर की गहराई तक देखा जाता है, लेकिन आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट के अनुसार कानपुर और प्रयागराज में यह प्रभाव 30 से 40 मीटर तक जा सकता है। रिसर्च के लिए दोनों शहरों में 20-20 स्थानों से मिट्टी के नमूने लिए गए। कानपुर में गंगा बैराज के पास 70 से 80 मीटर गहराई तक बोरहोल के जरिए सैंपल इकट्ठे किए गए। इस अध्ययन में गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में भी सर्वे किया गया। इसके साथ ही लखनऊ और वाराणसी के कुछ इलाकों में भी लिक्विफेक्शन की संभावना का आकलन किया गया। सिस्मिक जोन-3 और जोन-4 में आते हैं दोनों शहर रिसर्च में बताया गया कि कानपुर और प्रयागराज सिस्मिक जोन-3 और जोन-4 में आते हैं और हिमालय से लगभग 300 किलोमीटर की परिधि में स्थित हैं। यहां की मिट्टी अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है, इसलिए निर्माण कार्य के दौरान विशेष सावधानी और आधुनिक ग्राउंड इम्प्रूवमेंट तकनीक अपनाने की जरूरत है। विशेषज्ञों की चेतावनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते शहरी नियोजन, निर्माण मानकों और भूकंपरोधी तकनीकों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो भविष्य में आने वाला कोई भी बड़ा भूकंप कानपुर और प्रयागराज के लिए गंभीर तबाही का कारण बन सकता है। आईआईटी कानपुर की यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में अब भूकंप को लेकर सतर्कता और तैयारी को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी हो गया है।

जयपुर। बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में जांच एजेंसियों ने सख्ती बढ़ा दी है। करीब 900 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि वह विदेश फरार हो सकते हैं, इसी के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है। जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 17 फरवरी को सुबोध अग्रवाल के आवास पर तलाशी ली थी, लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं मिले। इसके बाद से उनकी तलाश तेज कर दी गई है। 9 अफसर गिरफ्तार, कोर्ट ने 3 दिन की रिमांड मंजूर ACB ने इस मामले में जलदाय विभाग से जुड़े नौ अधिकारियों को गिरफ्तार कर गुरुवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया है। एजेंसी ने पांच दिन की रिमांड की मांग की थी, हालांकि अदालत ने सीमित अवधि ही स्वीकृत की।रिमांड के दौरान घोटाले से जुड़े दस्तावेजो...
IIT कानपुर की रिसर्च से बढ़ी चिंता: बड़े भूकंप में कानपुर और प्रयागराज को सबसे ज्यादा खतरा, लिक्विफेक्शन से भारी नुकसान की आशंका
State, Uttar Pradesh

IIT कानपुर की रिसर्च से बढ़ी चिंता: बड़े भूकंप में कानपुर और प्रयागराज को सबसे ज्यादा खतरा, लिक्विफेक्शन से भारी नुकसान की आशंका

कानपुर। उत्तर प्रदेश में भूकंप को लेकर लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। साल 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के झटके यूपी तक महसूस किए गए थे, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में दहशत फैल गई थी। हालांकि उस घटना के बाद भी भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं हो सकी। अब आईआईटी कानपुर की एक विस्तृत रिसर्च ने प्रदेश के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार यदि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 6.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है, तो कानपुर और प्रयागराज में भारी तबाही हो सकती है। रिसर्च के मुताबिक इन दोनों शहरों की मिट्टी की संरचना ऐसी है, जो भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन जैसी खतरनाक प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकती है। लिक्विफेक्शन से सबसे बड़ा खतरा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर निहार रंजन पात्रा के अनुसार कानपुर और प्रयागराज की जमीन में बालू की मात...
घर वापसी के मुद्दे पर अरशद मदनी का विवादित बयान, वीडियो वायरल होने के बाद मचा हंगामा
State, Uttar Pradesh

घर वापसी के मुद्दे पर अरशद मदनी का विवादित बयान, वीडियो वायरल होने के बाद मचा हंगामा

सहारनपुर। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष और दारुल उलूम देवबंद के प्रिंसिपल मौलाना अरशद मदनी का एक बयान इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सहारनपुर में आयोजित एक यूनिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कथित तौर पर ‘घर वापसी’ को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसे कई लोग भड़काऊ और विवादित बता रहे हैं। उनके भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद विरोध और समर्थन दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। 20 करोड़ मुसलमानों और 6 करोड़ ईसाइयों की घर वापसी पर टिप्पणीमौलाना अरशद मदनी ने अपने संबोधन में कहा कि आज कुछ संगठन और लोग यह दावा कर रहे हैं कि देश के 20 करोड़ मुसलमानों और 6 करोड़ ईसाइयों की ‘घर वापसी’ कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसका सीधा मतलब यह है कि इन समुदायों को हिंदू बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ...
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में सॉल्वर गैंग का खुलासा, 10 हजार में गणित पास कराने का सौदा, दो ‘इंजन’ गिरफ्तार
Bihar, State

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में सॉल्वर गैंग का खुलासा, 10 हजार में गणित पास कराने का सौदा, दो ‘इंजन’ गिरफ्तार

बांका। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से आयोजित मैट्रिक (10वीं) परीक्षा के दौरान बांका जिले में सॉल्वर गैंग का मामला सामने आया है। परीक्षा के दूसरे दिन जांच के दौरान दो फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया, जो असली छात्रों की जगह परीक्षा दे रहे थे। इन फर्जी परीक्षार्थियों को स्थानीय भाषा में ‘इंजन’ कहा जाता है। जानकारी के अनुसार, यह मामला तब उजागर हुआ जब परीक्षा केंद्रों पर कड़ी जांच के दौरान एडमिट कार्ड और पहचान पत्र का मिलान किया गया। जांच में सामने आया कि कुछ छात्रों ने खुद ही अपने लिए सॉल्वर की व्यवस्था कर ली थी और परीक्षा में अपनी जगह दूसरे व्यक्ति को बैठा दिया था। आरएमके इंटर स्कूल में पकड़ा गया फर्जी परीक्षार्थीपहला मामला बांका टाउन स्थित आरएमके इंटर स्कूल परीक्षा केंद्र का है। यहां मैट्रिक परीक्षार्थी ओम कुमार की जगह बादल कुमार नामक युवक परीक्षा देने पहुंचा था। लेकिन वीक्...
Gold-Silver Price Today, 19 February 2026: सोने-चांदी में मामूली तेजी, जानें आपके शहर में आज क्या है भाव
Business

Gold-Silver Price Today, 19 February 2026: सोने-चांदी में मामूली तेजी, जानें आपके शहर में आज क्या है भाव

नई दिल्ली: 19 फरवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमत में मामूली तेजी देखने को मिली है। एमसीएक्स पर सोने की कीमत शुरुआती कारोबार में लगभग 500 रुपये बढ़ी, जबकि चांदी की कीमत 1,000 रुपये से अधिक उछली। सोना और चांदी का अंतरराष्ट्रीय रुझान अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी महंगाई रिपोर्ट के पहले डॉलर की कीमत में तेजी के चलते सोने और चांदी में गिरावट आई थी। बुधवार को सोने में 2% से अधिक की तेजी रही थी, लेकिन गुरुवार के शुरुआती कारोबार में स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर $4,961.57 प्रति औंस पर और स्पॉट सिल्वर 0.5% गिरकर $76.83 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। स्थानीय बाजार में रुझान सोना (2 अप्रैल डिलीवरी): पिछले सत्र में ₹1,55,761 प्रति 10 ग्राम पर बंद, आज शुरुआती कारोबार में ₹1,55,132 पर खुला। शुरुआती कारोबार में ₹1,55,116 तक लो और ₹1,56,312 तक हाई गया। सुबह 10 बजे यह 0.34% यानी ₹526 की बढ़त के साथ ₹1...
15 दिन में 15 लाख तक का डेथ क्लेम, इंडियन ओवरसीज बैंक ने लॉन्च किया ऑनलाइन पोर्टल
Business

15 दिन में 15 लाख तक का डेथ क्लेम, इंडियन ओवरसीज बैंक ने लॉन्च किया ऑनलाइन पोर्टल

नई दिल्ली: अपनों को खोने के बाद डेथ क्लेम के लिए कागजी कार्रवाई और भाग-दौड़ से जूझ रहे परिवारों के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने बड़ी राहत दी है। बैंक ने ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके जरिए परिवार के सदस्य या कानूनी वारिस कहीं से भी 15 लाख रुपये तक का क्लेम 15 दिन में निपटारा करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। क्लेम प्रक्रिया अब होगी बेहद आसान बैंक की ओर से बताया गया कि अब इतने अमाउंट तक के क्लेम के लिए किसी तीसरे व्यक्ति की गारंटी (surety) की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, बैंक ने यह सुनिश्चित किया है कि क्लेम की फाइल मिलने के 15 दिनों के भीतर उसका निपटारा कर दिया जाएगा। यह कदम आरबीआई के निर्देशों के तहत उठाया गया है, जिसका मकसद क्लेम प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है। डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने का तरीका दावा करने वाला व्यक्ति पोर्टल digital.iob.bank.in/deathclaimonline पर अपनी जा...