Thursday, February 19

कांग्रेस ने छत्रपति यादव और आनंद माधव को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, बिहार कांग्रेस में सियासी भूचाल

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद कांग्रेस के अंदर चल रहा घमासान अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी नेतृत्व के खिलाफ लगातार बयानबाजी और अनुशासनहीन गतिविधियों के आरोप में बिहार कांग्रेस ने अपने दो वरिष्ठ नेताओं छत्रपति यादव और आनंद माधव को बड़ा झटका देते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद बिहार कांग्रेस की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

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राजेश राठौड़ ने निष्कासन की पुष्टि

बिहार कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष राजेश राठौड़ ने बुधवार को इस निष्कासन की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य अनुशासन समिति ने यह फैसला दोनों नेताओं के लगातार दिए जा रहे “अवांछनीय और पार्टी विरोधी” बयानों को देखते हुए लिया है।

राठौड़ ने कहा कि छत्रपति यादव और आनंद माधव लंबे समय से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नियमित अंतराल पर प्रेस बयान जारी कर रहे थे। उनके बयानों से कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी, जिससे कांग्रेस के बुनियादी सिद्धांतों, संगठनात्मक गरिमा और अनुशासन को ठेस पहुंची।

पार्टी ने बताया अनुशासन का उल्लंघन

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि दोनों नेता लगातार पार्टी लाइन के खिलाफ बयान देकर संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा रहे थे। इसी आधार पर उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया।

निष्कासन पर नेताओं ने उठाए सवाल

हालांकि निष्कासन की कार्रवाई के बाद दोनों नेताओं ने भी पलटवार किया है। छत्रपति यादव और आनंद माधव ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस अनुशासन समिति का गठन ही पार्टी संविधान के अनुरूप नहीं हुआ, वह किसी एआईसीसी सदस्य को निष्कासित करने का अधिकार कैसे रख सकती है। उन्होंने दावा किया कि निष्कासन का अधिकार केवल पार्टी हाईकमान के पास है।

क्यों हुई कार्रवाई? टिकट बिक्री जैसे आरोप बने वजह

बताया जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को केवल 19 सीटों पर जीत मिली। इस हार के बाद छत्रपति यादव और आनंद माधव ने बिहार कांग्रेस अध्यक्ष, प्रभारी कृष्ण अल्लावरु समेत कई वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे।

दोनों नेताओं का दावा था कि चुनाव के दौरान पार्टी टिकटों की “बिक्री” हुई और उम्मीदवारों के चयन में “पिक एंड चूज़” नीति अपनाई गई। वे लगातार इन आरोपों को सार्वजनिक मंचों और प्रेस बयानों के माध्यम से दोहराते रहे, जिसे कांग्रेस ने अनुशासनहीनता माना।

कौन हैं छत्रपति यादव?

छत्रपति यादव कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं। उन्होंने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में खगड़िया विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। वह बिहार के वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रसाद यादव के बेटे हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद से वे लगातार पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मुखर हो गए थे।

कौन हैं आनंद माधव?

आनंद माधव कांग्रेस के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वे पार्टी के रिसर्च विंग के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं और साथ ही पार्टी प्रवक्ता के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। चुनाव परिणामों के बाद से वे भी लगातार बिहार कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठा रहे थे।

बिहार कांग्रेस में बढ़ती कलह

कांग्रेस द्वारा की गई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि बिहार में पार्टी नेतृत्व अब अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाने के मूड में है। वहीं, इस निष्कासन के बाद बिहार कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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