
बांका। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से आयोजित मैट्रिक (10वीं) परीक्षा के दौरान बांका जिले में सॉल्वर गैंग का मामला सामने आया है। परीक्षा के दूसरे दिन जांच के दौरान दो फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया, जो असली छात्रों की जगह परीक्षा दे रहे थे। इन फर्जी परीक्षार्थियों को स्थानीय भाषा में ‘इंजन’ कहा जाता है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला तब उजागर हुआ जब परीक्षा केंद्रों पर कड़ी जांच के दौरान एडमिट कार्ड और पहचान पत्र का मिलान किया गया। जांच में सामने आया कि कुछ छात्रों ने खुद ही अपने लिए सॉल्वर की व्यवस्था कर ली थी और परीक्षा में अपनी जगह दूसरे व्यक्ति को बैठा दिया था।
आरएमके इंटर स्कूल में पकड़ा गया फर्जी परीक्षार्थी
पहला मामला बांका टाउन स्थित आरएमके इंटर स्कूल परीक्षा केंद्र का है। यहां मैट्रिक परीक्षार्थी ओम कुमार की जगह बादल कुमार नामक युवक परीक्षा देने पहुंचा था। लेकिन वीक्षकों ने जांच के दौरान उसकी पहचान संदिग्ध पाई और पूछताछ में फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
पूछताछ में बादल कुमार ने बताया कि ओम कुमार ने उसे गणित की परीक्षा देने के लिए 10 हजार रुपये में तय किया था। सौदे के तहत बादल को एडवांस में 7 हजार रुपये दिए गए थे।
बाराहाट में भी सामने आया दूसरा मामला
इसी तरह दूसरा मामला बाराहाट प्रखंड के मोहनपुर परीक्षा केंद्र से सामने आया। यहां बजरंगी कुमार के स्थान पर प्राण कुमार नामक युवक परीक्षा दे रहा था। जांच के दौरान पहचान पत्रों में गड़बड़ी मिलने पर उसे भी पकड़ लिया गया।
पुलिस जांच में जुटी
दोनों मामलों में पुलिस ने फर्जी परीक्षार्थियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस सॉल्वर नेटवर्क के पीछे कोई संगठित गिरोह है या फिर छात्रों ने व्यक्तिगत स्तर पर यह व्यवस्था की थी।
फिलहाल इस घटना के बाद जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और सख्त कर दी गई है, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखी जा सके।
