Saturday, January 24

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1️⃣ तेल की कीमतों में नरमी के कारण ईरान संकट का खतरा कम हुआ:
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1️⃣ तेल की कीमतों में नरमी के कारण ईरान संकट का खतरा कम हुआ:

        अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर सैन्य हमले की संभावना को कम किया। इससे बाजार में डर कम हुआ और तेल की कीमतें नीचे आईं।   आपूर्ति मांग से अधिक है: गोल्डमैन सैक्स और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का कहना है कि 2026 में वैश्विक तेल की आपूर्ति बढ़ रही है, जिससे कीमतों में गिरावट आ रही है।   ओपेक की उत्पादन कटौती नहीं: 2022 में कीमतों को स्थिर करने के लिए लागू कटौती अब नहीं हो रही।   वेनेजुएला और कजाकिस्तान की आपूर्ति: अमेरिका ने वेनेजुएला का तेल बेचकर सप्लाई बढ़ाई, जबकि कजाकिस्तान में उत्पादन में गिरावट आई है, लेकिन कुल आपूर्ति अभी भी मजबूत बनी हुई है।   भू-राजनीतिक घटनाएं: ड्रोन हमले, रूस और यूरोपीय संघ की मूल्य सीमाएं जैसी घटनाएं कीमतों पर दबाव डाल रही हैं, लेकिन कुल मिलाकर अतिरिक्त आपूर्ति की कहानी हावी है।       2️⃣ ...
रूसी कच्चे तेल का आयात: अमेरिकी बैन के बावजूद भारत को मिला फायदा, इन कंपनियों ने बढ़ाई खरीद
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रूसी कच्चे तेल का आयात: अमेरिकी बैन के बावजूद भारत को मिला फायदा, इन कंपनियों ने बढ़ाई खरीद

नई दिल्ली: भारत की कुछ प्रमुख तेल कंपनियों ने रूस से कच्चा तेल खरीद बढ़ा दिया है, भले ही अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ने रूस से आयात को प्रभावित किया हो। इस माह इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और रोसनेफ्ट से जुड़े नायरा एनर्जी ने रूस से तेल की खरीद में खासा इज़ाफ़ा किया है। डेटा एनालिटिक्स कंपनी केप्लर (Kpler) के अनुसार, जनवरी के पहले पखवाड़े में भारत ने रूस से औसतन 1.18 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा। यह पिछले वर्ष और 2025 के औसत से लगभग 30% कम है, जबकि दिसंबर 2025 की तुलना में 3% कम है। इन कंपनियों ने की खरीदी अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रूस से तेल खरीदने वाली कंपनियों की संख्या घट गई है। इस माह केवल इंडियन ऑयल, नायरा एनर्जी और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) ही रूस से तेल खरीद रही हैं। इंडियन ऑयल: लगभग 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन खरीद, जो कुल आयात का 43% है। यह मई 2024 के बाद से सबसे बड़ी...
मेट्रो स्टेशन के पास रहने से होम लोन की ईएमआई का बोझ कम: रिसर्च रिपोर्ट
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मेट्रो स्टेशन के पास रहने से होम लोन की ईएमआई का बोझ कम: रिसर्च रिपोर्ट

नई दिल्ली: क्या मेट्रो स्टेशन के पास रहने से आपके होम लोन की मासिक किस्त यानी ईएमआई पर असर पड़ सकता है? एक नई रिसर्च रिपोर्ट में इस सवाल का जवाब हाँ में दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो कनेक्टिविटी से आने-जाने का खर्च कम होता है, जिससे परिवारों की वित्तीय स्थिति मजबूत होती है और ईएमआई का बोझ हल्का हो जाता है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के एक हालिया वर्किंग पेपर में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक दशक में भारत में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार, लोगों की निजी वाहन पर निर्भरता घटाने में मददगार साबित हुआ है। इससे आने-जाने का खर्च कम हुआ और परिवारों ने होम लोन जैसे बड़े वित्तीय खर्चों के भुगतान में अधिक अनुशासन दिखाया। रिपोर्ट के लेखक सौम्या कांति घोष, पुलक घोष और भारतीय स्टेट बैंक की अर्थशास्त्री फाल्गुनी सिन्हा ने बताया कि बेहतर और तेज सार...
देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी हावड़ा–कामाख्या के बीच दौड़ेगी आधुनिक हाई-स्पीड ट्रेन, जानिए किराया और सुविधाएं
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देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी हावड़ा–कामाख्या के बीच दौड़ेगी आधुनिक हाई-स्पीड ट्रेन, जानिए किराया और सुविधाएं

मालदा/नई दिल्ली। देश के रेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक ट्रेन हावड़ा (पश्चिम बंगाल) और कामाख्या (असम) के बीच चलेगी, जिससे पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के बीच रेल संपर्क को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री इन दिनों पश्चिम बंगाल और असम के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे कई अहम रेल और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर रहे हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही मालदा पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर चुके थे। आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत स्लीपर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की यात्राओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसमें कुल 16 वातानुकूलित कोच हैं, जिनमें एक साथ 823 यात्रियों के सफर की क्षमता ...
अपने फायदे के लिए भारत का भी नुकसान कर रहा चीन, ड्रैगन की डंपिंग नीति क्यों बनी जी का जंजाल?
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अपने फायदे के लिए भारत का भी नुकसान कर रहा चीन, ड्रैगन की डंपिंग नीति क्यों बनी जी का जंजाल?

चीन अपने उत्पादों को भारत समेत कई देशों में बेचने के लिए डंपिंग नीति का सहारा ले रहा है, जिससे भारतीय उद्योगों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। चीन की डंपिंग नीति और उसका असर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद चीन की आर्थिक स्थिति कुछ कमजोर हुई है। अमेरिका में अपने सामान की बिक्री घटने के कारण चीन ने नए बाजारों की ओर रुख किया। इसका सबसे बड़ा लक्ष्य है अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम करना और अपने उत्पादों को अन्य देशों में आसानी से खपाना। चीन ने अपने निर्यात को बढ़ाने के लिए युआन मुद्रा को कमजोर किया और कई वस्तुओं की कीमतें घटा दीं। इसका सीधा असर भारत पर पड़ा है। देश की GDP में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी घटकर लगभग 14% रह गई है। इसके जवाब में भारत ने केमिकल्स, इलेक्ट्रिकल स्टील्स और अन्य कुछ उद्योगों पर कड़े शुल्क लगाए हैं। विश्व स्तर पर बढ़ रही चिंता चीन की इस रणनीति के खिलाफ...
ट्रंप की ट्रेड डील से भारत की चिप इंडस्ट्री पर खतरा, चीन भी नाराज
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ट्रंप की ट्रेड डील से भारत की चिप इंडस्ट्री पर खतरा, चीन भी नाराज

नई दिल्ली: अमेरिका और ताइवान के बीच हाल ही में हुई 500 अरब डॉलर की बड़ी ट्रेड डील ने वैश्विक तकनीकी बाजार में हलचल पैदा कर दी है। इस समझौते के तहत ताइवानी सामानों पर अमेरिकी टैक्स 20% से घटाकर 15% कर दिया जाएगा। इसके बदले में ताइवान अमेरिका के टेक्नोलॉजी सेक्टर में 250 अरब डॉलर का निवेश करेगा, जिसमें कारखाने, रिसर्च लैब और औद्योगिक पार्क शामिल हैं। इसके अलावा, ताइवान विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए 250 अरब डॉलर की क्रेडिट गारंटी भी देगा। इस डील का उद्देश्य अमेरिकी सेमीकंडक्टर और AI उद्योग को मजबूत करना है। ताइवानी कंपनियां अमेरिका में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश करेंगी। इसके अलावा, कुछ आयातित सामानों जैसे जेनेरिक दवाओं और हवाई जहाज के पुर्जों को टैक्स में राहत मिलेगी। भारत के लिए चुनौती भारत अपनी पहली ‘मेड इन इंडिया’ चिप का तेजी से विस्ता...
पैसा छापने वाली 5 शेयर कंपनियां: एक साल में 100% से अधिक रिटर्न, 5वें ने तो Investors का दिमाग हिला दिया
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पैसा छापने वाली 5 शेयर कंपनियां: एक साल में 100% से अधिक रिटर्न, 5वें ने तो Investors का दिमाग हिला दिया

पिछले एक साल में शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहे, लेकिन कुछ कंपनियों के शेयर ने निवेशकों की जेब भर दी। ऐसे मल्टीबैगर शेयरों ने निवेशकों को 100% से ज्यादा रिटर्न दिया और कई निवेशकों के लिए यह सचमुच पैसा छापने वाली मशीन साबित हुए। आइए जानते हैं इस साल के 5 ऐसे सुपरहिट शेयरों के बारे में। L&T Finance एलएंडटी फाइनेंस देश की प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। एनएसई पर सूचीबद्ध इस शेयर ने एक साल में निवेशकों को लगभग 107% का रिटर्न दिया। शुक्रवार को यह शेयर 296.25 रुपये पर बंद हुआ, जबकि एक साल पहले इसकी कीमत लगभग 144 रुपये थी। Silver Touch Technologies Ltd आईटी सॉल्यूशंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोवाइड करने वाली यह कंपनी निवेशकों के लिए बेहद लाभकारी रही। एक साल में इसका रिटर्न लगभग 144% रहा। शुक्रवार को यह शेयर 1598.45 रुपये पर बंद हुआ, जबकि एक साल पहले इसकी कीमत 655 र...
भारत में आधे से अधिक वाहन बिना बीमा के, वाहन मालिकों के लिए गंभीर खतरा
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भारत में आधे से अधिक वाहन बिना बीमा के, वाहन मालिकों के लिए गंभीर खतरा

भारतीय सड़कों पर आज भी लाखों वाहन ऐसे हैं जो बिना थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के दौड़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में यदि किसी तीसरे पक्ष को चोट या संपत्ति का नुकसान होता है, तो वाहन मालिक को भारी आर्थिक जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। नुकसान का बिल कभी-कभी लाखों या करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है। थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस क्या है? थर्ड-पार्टी बीमा एक ऐसी पॉलिसी है जो वाहन मालिक (फर्स्ट पार्टी) और बीमा कंपनी (सेकंड पार्टी) के बीच होती है। इसके तहत किसी एक्सीडेंट में प्रभावित तीसरे पक्ष को हुए नुकसान का मुआवजा बीमा कंपनी देती है। सरल शब्दों में, थर्ड-पार्टी का मतलब है वाहन मालिक या चालक के अलावा कोई भी व्यक्ति, जैसे पैदल चलने वाला, दूसरी कार में बैठे लोग या अन्य वाहन चालक। क्यों है थर्ड-पार्टी बीमा जरूरी? थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस भारत के मोटर वाहन अधिनियम...
पीएफ का पैसा अब यूपीआई से सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होगा
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पीएफ का पैसा अब यूपीआई से सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होगा

  ईपीएफओ सदस्यों के लिए बड़ी सुविधा आने वाली है। अब आप प्रोविडेंट फंड (पीएफ) का पैसा यूपीआई (UPI) के जरिए सीधे अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकेंगे। यह सुविधा अप्रैल 2026 से शुरू होगी और श्रम मंत्रालय की एक नई योजना का हिस्सा है। इस योजना के तहत ईपीएफ खाते का कुछ हिस्सा सुरक्षित रूप से फ्रीज रहेगा, लेकिन बड़ी रकम आप यूपीआई पेमेंट गेटवे का उपयोग करके अपने बैंक खाते में मंगवा सकेंगे। इसके बाद इस पैसे का इस्तेमाल आप अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकते हैं। ईपीएफओ वर्तमान में इस नए सिस्टम को लागू करने के लिए सॉफ्टवेयर और तकनीकी तैयारी में लगा हुआ है। अनुमान है कि इस सुविधा से करीब आठ करोड़ ईपीएफओ मेंबर्स को लाभ मिलेगा। कैसे होगा पैसा ट्रांसफर जो ईपीएफओ सदस्य इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, वे अपने ईपीएफ खाते में उपलब्ध निकासी योग्य राशि देख पाएंगे। इसके बाद अपने लिंक किए गए यूपीआई पिन...
ई-स्कूटर अब पेट्रोल स्कूटर के दाम में उपलब्ध, बाजार में नया ट्रेंड
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ई-स्कूटर अब पेट्रोल स्कूटर के दाम में उपलब्ध, बाजार में नया ट्रेंड

  बाजार में इलेक्ट्रिक स्कूटर (ई-स्कूटर) अब पहले से कहीं अधिक किफायती हो गए हैं। अब इन्हें पेट्रोल स्कूटर के समान कीमत में खरीदा जा सकता है। कई ई-स्कूटर मॉडल 1 लाख रुपये से भी कम कीमत में उपलब्ध हैं, जिससे यह आम ग्राहक के लिए भी एक व्यवहारिक विकल्प बन गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में ई-स्कूटर महंगे और सीमित ग्राहकों तक ही सीमित थे, लेकिन अब बजाज, टीवीएस और हीरो मोटोकॉर्प जैसी बड़ी कंपनियों ने 85 से 95 हजार रुपये की रेंज में किफायती मॉडल लॉन्च कर दिए हैं। इस बदलाव ने ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) को मुख्यधारा की ओर तेजी से बढ़ने का रास्ता खोल दिया है। हाल ही में बजाज ऑटो ने अपनी चेतक सीरीज का सबसे सस्ता मॉडल Chetak C25 01 लगभग 91 हजार रुपये में लॉन्च किया। टीवीएस और हीरो मोटोकॉर्प पहले से ही इसी रेंज में अपने किफायती ई-स्कूटर पेश कर चुके हैं। अब ई-स्कूटर का मुकाबला सीधे ...