
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने शेयर बाजार के निवेशकों के हित में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने संसद में कहा कि इससे आम निवेशकों की दौलत बढ़ेगी और लोग सोने-चांदी या प्रॉपर्टी के बजाय शेयर बाजार में अधिक पैसा लगाएंगे।
शून्य कर लगाने की वकालत
राज्यसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान चड्ढा ने जोर देकर कहा, “हमारे देश में आम निवेशकों के लिए इक्विटी पर लगने वाला LTCG टैक्स शून्य होना चाहिए।” उनका मानना है कि LTCG खत्म होने से लॉन्ग-टर्म निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और शेयर बाजार में स्थिरता आएगी।
STT और LTCG का विरोध
सांसद ने यह भी चेतावनी दी कि बजट में सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का असर निवेशकों पर दूरगामी होगा। उन्होंने कहा कि STT को LTCG की जगह बनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन यदि दोनों टैक्स एक साथ लागू रहेंगे, तो वास्तविक लॉन्ग-टर्म निवेशक हतोत्साहित होंगे।
दुनिया के उदाहरण
चड्ढा ने स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, यूएई, हांगकांग, न्यूजीलैंड, कतर और मलेशिया जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों में लॉन्ग-टर्म इक्विटी पर आमतौर पर टैक्स नहीं लगता, जिससे निवेशकों को बढ़ावा मिलता है।
अन्य मांगें और आलोचना
सांसद ने फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) के भारत से बाहर जाने पर भी चिंता जताई और एनआरआई निवेश सीमा बढ़ाने की तारीफ की। इसके अलावा, उन्होंने बजट 2026 की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया और पब्लिक हेल्थकेयर के लिए कम बजट आवंटन भी चिंता का विषय है।
