Tuesday, February 10

फ्रैक्टल एनालिटिक्स: उस आइडिया पर भरोसा जिसने बदल दिया गेम, अब ₹2,833 करोड़ का IPO

नई दिल्ली: कभी बेडरूम स्टार्टअप के रूप में शुरू हुई फ्रैक्टल एनालिटिक्स ने निवेश की दुनिया में तहलका मचा दिया है। ओनिडा ग्रुप के फाउंडर गुल्लू मिरचंदानी ने 2001 में इस डेटा एनालिटिक्स कंपनी में अपना भरोसा जताया और $60,000 (लगभग 15 लाख रुपये) का निवेश किया। तब यह कॉन्सेप्ट इतना नया और अकादमिक था कि बैंकों को अपना क्लाइंट डेटा साझा करने में भी संकोच था। लेकिन बैंक मान गए और एक नए सेक्टर की नींव रखी गई।

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आज, फ्रैक्टल एनालिटिक्स वित्त वर्ष 2024-25 में 2,800 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज कर चुकी है। कंपनी ने ₹2,833.90 करोड़ का IPO लॉन्च किया है, जिसका प्राइस बैंड ₹857–900 है। इसके तहत मिरचंदानी जीएलएम ट्रस्ट अपनी 15.5% हिस्सेदारी बेच रहे हैं। अन्य शेयरहोल्डर अपाक्स पार्टनर्स (880.9 करोड़ रुपये) और टीपीजी कैपिटल (450 करोड़ रुपये) भी अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

कहां होगा IPO का उपयोग?

आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल रणनीतिक क्षेत्रों में होगा। 264.9 करोड़ रुपये सहायक कंपनी फ्रैक्टल यूएसए में कर्ज चुकाने के लिए रखे जाएंगे। इसके अलावा, 355.1 करोड़ रुपये R&D और सेल्स-मार्केटिंग को मजबूत करने के लिए निवेश किए जाएंगे।

सफलता का सफर आसान नहीं था

कंपनी ने कई चुनौतियों का सामना किया। 2007 में संस्थापकों के बीच विवाद हुआ, लेकिन सीईओ श्रीकांत वेलामकन्नी के विजन ने कंपनी को नई ऊंचाई दी। 2009 के वैश्विक वित्तीय संकट के बावजूद फ्रैक्टल ने अमेरिकी बैंकों को डिफॉल्ट मैनेजमेंट में मदद की और अपने क्लाइंट्स के साथ गहराई से काम करने पर ध्यान केंद्रित किया।

2016 में मलेशियाई सॉवरेन फंड खजानाह नैशनल ने 10 करोड़ डॉलर का निवेश किया। 2018 में एपाक्स पार्टनर्स ने 20 करोड़ डॉलर में माइनॉरिटी स्टेक खरीदा।

AI और डेटा एनालिटिक्स में नया मुकाम

वेलामकन्नी के नेतृत्व में फ्रैक्टल ने AI-संचालित कस्टम एनालिटिक्स सॉल्यूशंस को अपनाया। कंपनी का प्लेटफॉर्म Cogentiq जटिल कार्यों को ऑटोमेट करता है। फ्रैक्टल AI सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से हटकर मुख्य उत्पाद पर केंद्रित है और उच्च-मूल्य वाले एनालिटिक्स और AI सेवाओं के बाजार में बड़ा हिस्सा बनाने के लिए तैयार है।

मुख्य चुनौती

फ्रैक्टल जैसी फर्मों के लिए चुनौती है तेजी से बदलते AI और डेटा एनालिटिक्स इकोसिस्टम में डिजरप्शन बनाए रखना। अब कंपनी पब्लिक मार्केट में डेब्यू कर रही है, जब निवेशकों की रुचि और वैश्विक तकनीकी अनिश्चितता दोनों अधिक हैं।

फ्रैक्टल एनालिटिक्स की कहानी इस बात का उदाहरण है कि साहस, दृष्टि और नवाचार किस तरह एक छोटे स्टार्टअप को अरबों के IPO तक पहुंचा सकता है।

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