
बिहार की राजनीति में एक बार फिर से फर्जी डिग्री का मुद्दा गरमाया है। इस बार विवाद का केंद्र हैं ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, जिन पर राजद ने उनकी डिग्री को फर्जी बताने के आरोप लगाए हैं।
बिहार विधान परिषद की हालिया कार्यवाही के दौरान राजद एमएलसी सुनील सिंह ने मंत्री अशोक चौधरी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी डिग्री नकली है। इस पर मंत्री अशोक चौधरी ने चुनौती दी कि इसे प्रमाण सहित नकली साबित करें, अन्यथा आरोप लगाने वाले सदस्य को एमएलसी पद से इस्तीफा देना चाहिए। विवाद के बाद परिषद ने दोनों के बीच हुई बहस को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।
अशोक चौधरी अकेले नहीं
बिहार में अशोक चौधरी पहले मंत्री नहीं हैं जिन पर फर्जी डिग्री का आरोप लगा। इससे पहले भी कई मंत्री और विधायक इस विवाद में आए हैं।
सम्राट चौधरी की डिग्री भी रही विवादित
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने जून 2023 में आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी ने अमेरिका के कैलिफोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी से डी.लिट. की डिग्री ली थी, जबकि ऐसी कोई यूनिवर्सिटी अस्तित्व में ही नहीं है। नीरज कुमार ने 2020 में सम्राट चौधरी द्वारा शपथ पत्र में उल्लेखित डिग्री को भी चुनौती दी और यह सवाल उठाया कि उस समय उनका नाम क्या था।
बीजेपी के नेता हरिभूषण ठाकुर बचौल पर भी आरोप
बीजेपी के हार्डकोर नेता हरिभूषण ठाकुर बचौल पर भी फर्जी डिग्री का आरोप लगा। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के अनुसार, बचौल ने अपने हलफनामे में स्नातक की डिग्री सीतामढ़ी के राम सेवक सिंह महिला महाविद्यालय से प्राप्त होने का दावा किया, जो तथ्यात्मक रूप से असंगत है। बचौल ने इसे केवल “क्लार्कियल मिस्टेक” करार दिया।
बिहार की राजनीति में यह मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है और आने वाले दिनों में मंत्री और विधायकों की डिग्री को लेकर और नई बहसें सामने आ सकती हैं।
