इस्लामिक नाटो की हकीकत: क्यों नामुमकिन है मुस्लिम देशों का सैन्य गठबंधन, पाकिस्तान-सऊदी का सपना अधूरा
इस्लामाबाद/रियाद।मुस्लिम देशों के कथित सैन्य गठबंधन यानी ‘इस्लामिक नाटो’ का विचार एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यह सपना फिलहाल हकीकत से कोसों दूर नजर आता है। पाकिस्तान और सऊदी अरब जिस इस्लामिक नाटो की कल्पना कर रहे हैं, उस पर अब पानी फिरता दिखाई दे रहा है। तुर्की के स्पष्ट इनकार के बाद यह साफ हो गया है कि मुस्लिम देशों के बीच नाटो जैसा मजबूत सैन्य गठबंधन बनना लगभग नामुमकिन है।
दरअसल, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने हाल के वर्षों में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच एक रक्षा समझौता किया, जिसके तहत एक देश पर हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। इसी समझौते के बाद दोनों देशों ने अन्य मुस्लिम मुल्कों को भी इस संभावित सैन्य गठबंधन में शामिल होने का न्योता देना शुरू किया। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने यहां तक कह दिया कि यदि और मुस्लिम देश इसमें शामिल होते है...










