
तेल अवीव: गाजा में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल में शामिल पाकिस्तान को इजरायल ने बड़ा झटका दे दिया है। इजरायली राजदूत रियूवेन अजार ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को गाजा में कोई एग्जीक्यूटिव भूमिका नहीं दी जाएगी।
ट्रंप की पहल और पाकिस्तान का हिस्सा
पाकिस्तान उन इस्लामिक देशों में शामिल है, जिन्हें ट्रंप ने गाजा में शांति स्थापना बोर्ड (Board of Peace) में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि, इजरायल पाकिस्तान को मान्यता नहीं देता और शुरू से ही उसकी सक्रिय भूमिका का विरोध करता रहा है। पाकिस्तान ने गाजा में अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) में हिस्सा लेने की भी इच्छा जताई, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।
हमास और पाकिस्तानी आतंकवादी समूहों से संबंध
अजार ने भारत में दिए इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के आतंकवादी तत्व फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास के साथ बढ़ते संपर्क में हैं। इजरायल इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है और ओपन सोर्स रिपोर्ट्स के आधार पर लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से 7 अक्टूबर को हमास ने पहलगाम पर हमला किया। यह दिखाता है कि आतंकवादी आम लोगों के खिलाफ किस तरह के अत्याचार कर रहे हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भारत और इजरायल मिलकर क्षमताएं विकसित कर रहे हैं।”
भारत की बढ़ती भूमिका
इजरायली राजदूत ने भारत की पश्चिम एशिया में अहम भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत न केवल तेजी से बढ़ती आर्थिक शक्ति है, बल्कि वह इंफ्रास्ट्रक्चर और वर्किंग फोर्स प्रदान कर इस क्षेत्र में स्थिरता और शांति कायम करने में योगदान दे सकता है। अजार ने कहा, “भारत अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में जुड़कर इस क्षेत्र के देशों को फायदा पहुंचा सकता है। यह सभी पक्षों के लिए लाभकारी होगा।”
