
ढाका: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 12 फरवरी को हुए संसदीय चुनाव में प्रचंड जीत हासिल कर दो दशक बाद सत्ता में वापसी की राह पक्की कर ली है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के सामने भारत के साथ संबंधों को सुधारना और तनावपूर्ण मुद्दों को हल करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, ढाका की नई सरकार के लिए भारत से जुड़े चार प्रमुख मुद्दे सबसे अहम रहेंगे:
1. शेख हसीना का भारत में होना
BNP के सूत्रों ने बताया कि शेख हसीना की भारत में मौजूदगी एक संवेदनशील मुद्दा रहेगी। शेख हसीना ने 5 अगस्त 2025 को छात्रों के हिंसक विद्रोह के बाद पद से इस्तीफा दिया और भारत चली गईं। BNP का कहना है कि भारत में हसीना की गतिविधियां और टिप्पणियां बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल को प्रभावित करती रही हैं, और नई सरकार इस स्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाएगी।
2. बॉर्डर किलिंग का मुद्दा
BNP के अनुसार, भारत की BSF द्वारा सीमा पर की जाने वाली हत्याएं बांग्लादेश सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। सूत्रों ने कहा कि सीमा पर गोली चलाने की बजाय संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार करना चाहिए। नए नेतृत्व का मानना है कि नरम और समझदारी भरा रवैया दोनों देशों के रिश्तों में स्थायित्व लाएगा।
3. गंगा जल समझौते का रिन्यूअल
सूत्रों ने बताया कि गंगा जल समझौते का रिन्यूअल भी BNP सरकार के लिए प्राथमिकता होगी। यह समझौता दिसंबर 2026 से पहले नवीनीकरण के लिए तैयार होना है। बांग्लादेश की नई सरकार इसका निष्पक्ष और दोनों पक्षों के हित में पालन चाहती है।
4. मेडिकल वीजा में ढील
भारत-बांग्लादेश के बीच मेडिकल वीजा भी एक अहम मुद्दा रहेगा। BNP सूत्रों ने कहा कि वर्तमान में भारत से जारी वीजा पर्याप्त नहीं हैं, और ढील की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि भारत मेडिकल वीजा देने में असमर्थ रहता है तो बांग्लादेश वैकल्पिक रास्ते तलाश लेगा, लेकिन सांस्कृतिक निकटता के कारण भारत में इलाज करना दोनों देशों के लोगों के लिए सुविधाजनक है।
बांग्लादेश में BNP की वापसी के साथ अब भारत-बांग्लादेश रिश्तों में इन चार मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आने वाले महीनों में नई सरकार की नीतियां और निर्णय दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों के लिए निर्णायक साबित होंगे।
