Saturday, June 20

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इंडोनेशिया का एयरक्राफ्ट कैरियर: एशिया में बढ़ सकती है सैन्य होड़?
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इंडोनेशिया का एयरक्राफ्ट कैरियर: एशिया में बढ़ सकती है सैन्य होड़?

जकार्ता: इंडोनेशिया ने अपनी नेवी के लिए इटली से ग्यूसेप गैरीबाल्डी एयरक्राफ्ट कैरियर खरीदने का ऐलान किया है। इस डीकमीशन्ड वेसल ने 1985 से 2024 तक इटली की नेवी में काम किया और अक्टूबर 2026 तक इसे इंडोनेशियाई नेवी को सौंपे जाने की उम्मीद है। इस कदम से इंडोनेशिया साउथ-ईस्ट एशिया का दूसरा और पूरे एशिया का पांचवां देश बनेगा, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर होगा। रणनीतिक और मानवीय दोनों रोल विशेषज्ञों का कहना है कि यह जहाज कई तरह के कॉम्बैट और नॉन-कॉम्बैट ऑपरेशन में सक्षम है। इंडोनेशियाई नेवी इसे स्ट्रैटेजिक ताकत बढ़ाने, इंटेलिजेंस और सर्विलांस, और मानवीय राहत व डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए इस्तेमाल कर सकती है। नेवी चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल मोहम्मद अली ने बताया कि कैरियर आपदा प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। इसकी ऑपरेशनल रेंज लगभग 13,000 किमी है, जिससे इंडोनेशिया के पूरे क्षेत्र ...
बांग्लादेश में सक्रिय हुआ चीन, अमेरिका को इशारों में चेतावनी
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बांग्लादेश में सक्रिय हुआ चीन, अमेरिका को इशारों में चेतावनी

ढाका: बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही चीन ने दक्षिण एशिया में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। चीनी राजदूत याओ वेन ने रविवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश या किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के साथ चीन के सहयोग को कमजोर करने की कोई भी कोशिश नाकाम रहेगी। अमेरिका के लिए चेतावनी याओ वेन की यह टिप्पणी अमेरिकी राजदूत ब्रेंट क्रिस्टेंसन के बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने चीन के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तारिक रहमान को लिखे पत्र में अमेरिका-बांग्लादेश साझेदारी को बढ़ाने पर जोर दिया था। ऐसे में चीन की यह रणनीतिक सक्रियता अमेरिका के दक्षिण एशिया प्लान के लिए चुनौती बन सकती है। द्विपक्षीय सहयोग और तीस्ता परियोजना चीनी राजदूत ने बांग्लादेश की नई सरकार को बताया कि बीजिंग ...
यूरोप के सबसे बड़े फाइटर जेट प्रोग्राम में भारत की एंट्री का मौका, जर्मनी बाहर
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यूरोप के सबसे बड़े फाइटर जेट प्रोग्राम में भारत की एंट्री का मौका, जर्मनी बाहर

पेरिस: भारत ने छठी पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोग्राम में शामिल होने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। नई दिल्ली की नजर यूरोप के सबसे बड़े फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) प्रोजेक्ट पर है, जिसे फ्रांस, जर्मनी और स्पेन ने 2017 में 100 अरब यूरो की महत्वाकांक्षी लागत के साथ शुरू किया था। इस प्रोग्राम का उद्देश्य एक अत्याधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट तैयार करना था, जो न्यूक्लियर हथियार ले जा सके और एयरक्राफ्ट कैरियर से लॉन्च किया जा सके। जर्मनी ने प्रोजेक्ट से पीछे हटे हाथ हाल ही में जर्मनी ने इस प्रोग्राम से खुद को अलग कर लिया। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि न्यूक्लियर हथियार ले जाने की जरूरत उनके लिए प्रासंगिक नहीं है। जर्मनी की नीति परमाणु हथियारों के खिलाफ है और उसने अपने परमाणु पावर प्लांट भी बंद कर दिए हैं। जर्मनी के पीछे हटने से FCAS प्रोजेक्ट के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, लेकिन भारत के लिए...
नेतन्याहू का ‘हेक्सागन ऑफ एलायंस’, भारत के सामने जटिल दुविधा
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नेतन्याहू का ‘हेक्सागन ऑफ एलायंस’, भारत के सामने जटिल दुविधा

तेल अवीव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हफ्ते (25-26 फरवरी) इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। दौरे से पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रस्तावित 'हेक्सागन ऑफ एलायंस' का खुलासा किया है। नेतन्याहू ने भारत को इस गठबंधन का केंद्रीय स्तंभ बनाकर शामिल होने का न्योता दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए इसमें शामिल होना आसान नहीं होगा। हेक्सागन ऑफ एलायंस क्या है? नेतन्याहू का यह छह-तरफा एलायंस इजरायल, भारत, ग्रीस, साइप्रस और कुछ अरब और अफ्रीकी देशों को जोड़ता है। इसका उद्देश्य साझा सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और कूटनीतिक संरेखण के माध्यम से मिडिल ईस्ट में उभरते खतरे, विशेषकर रेडिकल शिया और सुन्नी एक्सिस, को तोड़ना है। इजरायल इसे अपनी सुरक्षा और डिप्लोमैटिक पहुंच बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा मान रहा है। भारत की चुनौती भारत और इजरायल के बीच रक्षा और खुफिया सहयोग मजबूत हुआ है, ले...
पाकिस्तान और अफगान तालिबान में फिर से तनाव, हवाई हमलों के बाद जंग का खतरा
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पाकिस्तान और अफगान तालिबान में फिर से तनाव, हवाई हमलों के बाद जंग का खतरा

काबुल/इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य टकराव का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान ने रविवार तड़के अफगानिस्तान में सात ठिकानों पर हवाई हमले किए। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तानी तालिबान (TTP) और इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के खिलाफ की गई थी। वहीं, अफगान तालिबान ने इसे आम नागरिकों पर हमला करार दिया और जवाब देने की चेतावनी दी है। पाकिस्तान की ओर से सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि इन एयरस्ट्राइक्स में 80 से अधिक चरमपंथी मारे गए। पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि यह कार्रवाई सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को रोकने के लिए की गई, और अगर पाकिस्तान में खून-खराब जारी रहा तो जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। अफगान तालिबान की प्रतिक्रिया अफगान तालिबान ने हमलों को स्वीकार्य नहीं माना और कहा कि यह आम नागरिकों ...
ईरान में संकट का हल खामेनेई के हटने से ही संभव, सऊदी शाही परिवार का दावा
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ईरान में संकट का हल खामेनेई के हटने से ही संभव, सऊदी शाही परिवार का दावा

तेल अवीव: ईरान में इस साल के आरंभ से लगातार उथल-पुथल देखी जा रही है। घरेलू मोर्चे पर अली खामेनेई के शासन का विरोध और अमेरिका के हमले का खतरा तेहरान को लगातार परेशान कर रहा है। इस बीच, सऊदी अरब की नजरें भी ईरान की घटनाओं पर टिकी हुई हैं। इज़राइली मीडिया N12 की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी शाही परिवार के एक सूत्र ने कहा है कि ईरान में स्थायी समाधान तभी संभव है जब सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को सत्ता से हटाया जाए और नई सरकार बनाई जाए। रियाद का मानना है कि खामेनेई के बने रहने पर तेहरान में चीजें कभी स्थिर नहीं होंगी। सऊदी सूत्र की राय स्रोत ने बताया, "ईरान में सीमित सैन्य कार्रवाई कोई स्थायी हल नहीं दे सकती। खामेनेई शासन के ढांचे को धीरे-धीरे खत्म करना होगा और वहां एक मजबूत सरकार का निर्माण किया जाना चाहिए। ईरान में इराक की तरह कमजोर टेक्नोक्रेटिक मॉडल दोहराया नहीं जाना चाहिए।" स्रोत ने यह भी कहा ...
ईरान से जंग की ओर बढ़ रहा अमेरिका? मिडिल ईस्ट में सैन्य जमावड़ा, एक्सपर्ट ने जताया बड़ा खतरा
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ईरान से जंग की ओर बढ़ रहा अमेरिका? मिडिल ईस्ट में सैन्य जमावड़ा, एक्सपर्ट ने जताया बड़ा खतरा

तेहरान: फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में हाल ही में तेज़ी देखी गई है। पेंटागन और अमेरिकी प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, हफ्ते के अंत तक किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन की संभावना बढ़ रही है। पिछले दिनों कई फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट रिफ्यूलिंग टैंकर मिडिल ईस्ट की ओर जाते देखे गए। इसके साथ ही अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर, क्रूजर और पनडुब्बियां भी क्षेत्र में तैनात हैं, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ाने की तैयारी में है। होर्मुज का स्ट्रेट बना केंद्र ईरान भी दो मोर्चों पर सक्रिय है। एक ओर अमेरिका से बातचीत जारी है, वहीं दूसरी ओर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, फारस और ओमान की खाड़ी में नौसैनिक अभ्यास चल रहा है। होर्मुज मार्ग दुनिया के तेल व्यापार का अहम हिस्सा है, इसलिए यहां किसी भी गतिविधि का रणनीतिक महत्व सीमित नहीं माना जा सकता। अमेरिकी मांगें और रणनीति अमेरिका की मुख्य...
अमेरिका-बांग्लादेश सीक्रेट डील का खुलासा, राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने उठाए बड़े सवाल
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अमेरिका-बांग्लादेश सीक्रेट डील का खुलासा, राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने उठाए बड़े सवाल

ढाका: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बड़ा खुलासा किया है कि अमेरिका के साथ हुई एक महत्वपूर्ण ट्रेड डील में न केवल जनता बल्कि राष्ट्रपति कार्यालय को भी अंधेरे में रखा गया। यह डील मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने 12 फरवरी को, आम चुनाव से मात्र तीन दिन पहले फाइनल की थी। राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कालेर कंठो से बातचीत में बताया कि यूनुस ने 18 महीने के अपने कार्यकाल में संविधान की अवहेलना की। संविधान के अनुसार विदेश यात्रा और किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते की जानकारी राष्ट्रपति को देना अनिवार्य है। लेकिन यूनुस ने ना तो राष्ट्रपति को मौखिक रूप से सूचित किया और ना ही लिखित रूप में। अमेरिका से हुई इस ट्रेड डील की जानकारी राष्ट्रपति को बिल्कुल नहीं दी गई। राष्ट्रपति ने कहा:"पिछले सभी राष्ट्राध्यक्षों ने राष्ट्रपति को सूचित किया था क्योंकि यह संवैधानिक दायित्व है। लेकिन यू...
चिकन नेक पर बढ़ी भारत की चिंता, बांग्लादेश में तीस्ता प्रोजेक्ट में चीन का दखल
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चिकन नेक पर बढ़ी भारत की चिंता, बांग्लादेश में तीस्ता प्रोजेक्ट में चीन का दखल

ढाका: बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के साथ ही चीन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। चीन के राजदूत याओ वेन ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर्रहमान से मुलाकात की और नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान की "बांग्लादेश फर्स्ट" पॉलिसी के लिए बीजिंग का समर्थन जताया। इस बैठक में तीस्ता नदी कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट और रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट पर विशेष चर्चा हुई। याओ वेन ने कहा कि ढाका और बीजिंग इस परियोजना पर लंबे समय से बातचीत कर रहे हैं और अब इसे जल्द ही लागू किया जाएगा। तीस्ता परियोजना में भारत की प्राथमिकता को बदलते हुए नई सरकार चीन को तरजीह दे रही है। इससे भारत के लिए चिंता की बड़ी वजह बन गई है, क्योंकि यह परियोजना सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के नजदीक है, जो पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ता है। चीन की भागीदारी इस क्षेत्र में उसे रणनीतिक लाभ दे सकती है। याओ वेन ने कहा कि चीन बांग्लादेश को हर संभव मदद देगा औ...
इजरायल भारत को सौंप सकता है दुनिया के दो सबसे एडवांस हथियारों की टेक्नोलॉजी, रूसी S-400 से भी खतरनाक
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इजरायल भारत को सौंप सकता है दुनिया के दो सबसे एडवांस हथियारों की टेक्नोलॉजी, रूसी S-400 से भी खतरनाक

तेल अवीव/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान भारत और इजरायल के बीच एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम बनाने के लिए बड़ा समझौता होने की संभावना है। इस समझौते में उच्च तकनीक वाले हथियारों और लेजर डिफेंस सिस्टम शामिल हो सकते हैं, जो रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम से भी अधिक खतरनाक माने जा रहे हैं। भारत-इजरायल रक्षा सहयोग दोनों देश एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस, लेजर हथियार, लॉन्ग रेंज स्टैंड-ऑफ मिसाइल और ड्रोन के जॉइंट डेवलपमेंट पर सहयोग कर सकते हैं। PM मोदी 25-26 फरवरी को इजरायल दौरे पर रहेंगे। रक्षा सहयोग के लिए पिछले साल नवंबर में एक MoU पर साइन हुआ था, जो द्विपक्षीय रक्षा तकनीक साझा करने की नींव साबित हुआ। इजरायल ने पिछले कुछ सालों में इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी ट्रांसफर नहीं की थी, इसलिए यह सौदा बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेजर एयर डिफेंस: ‘...