Monday, February 23

बांग्लादेश में सक्रिय हुआ चीन, अमेरिका को इशारों में चेतावनी

ढाका: बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही चीन ने दक्षिण एशिया में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। चीनी राजदूत याओ वेन ने रविवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश या किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के साथ चीन के सहयोग को कमजोर करने की कोई भी कोशिश नाकाम रहेगी।

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अमेरिका के लिए चेतावनी

याओ वेन की यह टिप्पणी अमेरिकी राजदूत ब्रेंट क्रिस्टेंसन के बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने चीन के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तारिक रहमान को लिखे पत्र में अमेरिका-बांग्लादेश साझेदारी को बढ़ाने पर जोर दिया था। ऐसे में चीन की यह रणनीतिक सक्रियता अमेरिका के दक्षिण एशिया प्लान के लिए चुनौती बन सकती है।

द्विपक्षीय सहयोग और तीस्ता परियोजना

चीनी राजदूत ने बांग्लादेश की नई सरकार को बताया कि बीजिंग ढाका के साथ सभी सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने तीस्ता नदी परियोजना पर भी चर्चा की और कहा कि दोनों पक्ष लंबे समय से इस प्रोजेक्ट पर बात कर रहे हैं, और जल्द ही काम शुरू होगा। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने चीन को भरोसेमंद दोस्त और साझेदार बताया और स्पष्ट किया कि नई सरकार चीन के प्रति दोस्ताना नीति अपनाएगी।

रणनीतिक महत्व

विशेषज्ञों के अनुसार, बांग्लादेश में चीन की सक्रियता न केवल भारत के लिए संवेदनशील तीस्ता परियोजना को चुनौती देती है, बल्कि दक्षिण एशिया में अमेरिका की रणनीतिक स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है। बीजिंग की यह चाल क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में नया अध्याय लिखने की दिशा में मानी जा रही है।

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