
योग चेतना महोत्सव में देशभर के योग साधकों का संगम, पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज रहे मुख्य अतिथि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भेजा विशेष वीडियो संदेश, कहा – “भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश से ली थी योग दीक्षा”

भोपाल, 14 जून। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में योग आयोग, मध्यप्रदेश शासन एवं अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “योग चेतना महोत्सव” का भव्य आयोजन पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद संस्थान, भोपाल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए योग शिक्षक, योग साधक एवं योग प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात भागवताचार्य पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन का वैज्ञानिक मार्ग है, जो व्यक्ति को समग्र स्वास्थ्य प्रदान करता है।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से देशभर से पधारे योग शिक्षकों एवं साधकों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम से पूर्व अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं योग गुरु डॉ. मिलिन्द्र त्रिपाठी की मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आत्मीय भेंट हुई। मुख्यमंत्री ने अपने पूर्व निर्धारित सागर प्रवास के कारण कार्यक्रम में उपस्थित न हो पाने पर खेद व्यक्त करते हुए विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा की महान देन है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों से योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पावन भूमि भगवान श्रीकृष्ण की योग दीक्षा से जुड़ी रही है और पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के मुख्य आतिथ्य में आयोजित यह महोत्सव योग, भारतीय संस्कृति एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रचार-प्रसार का प्रभावी माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष योग गुरु डॉ. मिलिन्द्र त्रिपाठी एवं उनकी पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव योग चेतना को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा निरोग एवं स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों, योग विशेषज्ञों, समाजसेवियों एवं योग प्रशिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन के माध्यम से “स्वस्थ भारत, समर्थ भारत” के संकल्प को साकार करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उज्जैन के योगाचार्य रत्नेश व्यास, सुषमा यादव, संगीता मेहर, माधुरी बाफना एवं अर्पित मीणा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सभी सम्मानित योग साधकों ने योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन योग गुरु डॉ. मिलिन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसकी देशभर से आए प्रतिभागियों एवं योग प्रेमियों ने सराहना की। यह आयोजन योग जागरूकता, स्वास्थ्य संवर्धन एवं भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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