
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और देशभर में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए भारत सरकार ने चेतावनी जारी की है। अमेरिकी और ईरानी नेताओं के बीच युद्ध के आसार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे ईरान में रहने वाले लगभग 10,000 भारतीय (NRI और PIO) खतरे में हैं। इनमें कम से कम 3,000 छात्र हैं, जिनमें अधिकांश कश्मीर से हैं और डॉक्टरी व शिया धार्मिक शिक्षा ले रहे हैं।
तेहरान में हालात चिंताजनक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान के अस्पताल लाशों से भरे हुए हैं। प्रशासन शवों को परिवारों को तब तक नहीं सौंप रहा है जब तक भारी भुगतान नहीं किया जाता। स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतकों के लिए पैसे की वसूली की जा रही है, वहीं बाजारों में रोटी और अंडे तक महंगे या अनुपलब्ध हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड नागरिकों पर गोलीबारी कर रहे हैं, और कर्फ्यू लागू है।
भारत सरकार की एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय ने 14 जनवरी 2026 को नई गाइडलाइन जारी करते हुए सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। गैर-जरूरी यात्राओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। भारत सरकार ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे उपलब्ध सभी उड़ानों और परिवहन विकल्पों का उपयोग कर सुरक्षित देश वापसी सुनिश्चित करें।
ईरान में फंसे भारतीयों के लिए सुरक्षा उपाय:
- तत्काल वतन वापसी: उपलब्ध उड़ानों और परिवहन विकल्पों का उपयोग करें।
- भारतीय दूतावास में पंजीकरण: तेहरान स्थित भारतीय दूतावास में तुरंत पंजीकरण कराएं।
- अशांत क्षेत्रों से बचें: विरोध प्रदर्शन, रैलियों और बड़े सार्वजनिक समारोहों वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- स्थानीय मीडिया पर नजर: दूतावास और स्थानीय न्यूज चैनलों/वेबसाइट्स से आधिकारिक जानकारी लें।
- दस्तावेज तैयार रखें: पासपोर्ट और पहचान पत्र जैसे सभी दस्तावेज साथ रखें।
- इमरजेंसी सप्लाई: खाने-पीने और जरूरी दवाओं का आपातकालीन भंडार तैयार रखें।
- दूतावास और परिवार से संपर्क: फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए नियमित संपर्क बनाए रखें।
भारतीय दूतावास संपर्क:
- हेल्पलाइन नंबर: +989128109115; +989128109109; +989128109102; +989932179359
- ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in
भारत सरकार लगातार ईरान में फंसे अपने नागरिकों के साथ संपर्क बनाए हुए है और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।