Thursday, February 12

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर राहुल गांधी के आरोपों को बीजेपी ने बताया भ्रामक, कहा- ‘संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाई’

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी ने राहुल गांधी के दावों को “हास्यास्पद रूप से गलत” बताते हुए कहा कि उन्होंने सदन में बोलते समय “सड़क छाप भाषा” का इस्तेमाल कर संसदीय मर्यादा को गिराया है।

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क्या है विवाद?

लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जरिए सरकार ने “भारत माता को बेच दिया” है। उन्होंने इसे “पूरी तरह आत्मसमर्पण” करार देते हुए दावा किया कि इस समझौते में भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका को सौंप दी गई है, साथ ही किसानों के हितों से भी समझौता किया गया है।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि कोई भारतीय प्रधानमंत्री ऐसा समझौता तब तक स्वीकार करेगा, जब तक उस पर “दबाव” न डाला जाए।

बीजेपी का पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रवक्ता अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट कर कांग्रेस नेता को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर सच्चाई की जगह नाटक को चुना है और देश को गुमराह करने का प्रयास किया है।

बलूनी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने लोकसभा में न केवल दस्तावेज की आलोचना की, बल्कि उसे गलत तरीके से उद्धृत और पढ़ा, और फिर उसी विकृति के आधार पर अपना तर्क खड़ा किया।

पुराने दस्तावेज का हवाला देने का आरोप

बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी जिस दस्तावेज का हवाला दे रहे हैं, वह अमेरिका सरकार का एक पुराना तथ्यपत्र है, जिसमें भारत द्वारा प्रस्तावित 500 अरब डॉलर की खरीद को एक बाध्यकारी प्रतिबद्धता के रूप में दर्शाया गया था।

बीजेपी ने दावा किया कि उस तथ्यपत्र की भाषा को बाद में संशोधित कर दिया गया और अब यह स्पष्ट है कि भारत ने केवल आने वाले वर्षों में 500 अरब डॉलर तक की खरीद का इरादा व्यक्त किया है, यह कोई बाध्यकारी दायित्व नहीं है।

सुधांशु त्रिवेदी का तीखा बयान

बीजेपी के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आरोपों को “बेबुनियाद” करार देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने सदन में “सड़क छाप भाषा और आचरण” अपनाकर राजनीति को निम्न स्तर पर पहुंचाया।

त्रिवेदी ने तंज कसते हुए राहुल गांधी को कांग्रेस का “सबसे बुद्धिमान मूर्ख” बताया और कहा कि यदि उन्हें कूटनीति और आर्थिक नीतियों की थोड़ी भी समझ होती, तो वे ऐसे निराधार आरोप नहीं लगाते।

डेटा बेचने के आरोप पर भी सफाई

बीजेपी प्रवक्ता अनिल बलूनी ने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए इस आरोप को भी गलत बताया कि सरकार भारतीय डेटा अमेरिका को बेच रही है। उन्होंने कहा कि बजट में 2047 तक भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे भारत में डेटा स्थानीयकरण को बढ़ावा मिलेगा।

बलूनी के अनुसार, अधिक डेटा सेंटर स्थापित होने से भारतीय आईटी कंपनियों को पश्चिमी देशों के ग्राहकों को क्लाउड और एआई समाधान देने में भी मदद मिलेगी और देश के 1.4 अरब नागरिकों का डेटा भारत में ही सुरक्षित रहेगा।

आपूर्ति श्रृंखला पर राहुल के दावे को भी बताया गलत

बीजेपी ने राहुल गांधी के इस बयान को भी खारिज किया कि बजट में वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने की कोई योजना नहीं है।

बलूनी ने कहा कि भारत हर वर्ष दो अरब डॉलर से अधिक मूल्य की दालें आयात करता है, जबकि वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 2.6 अरब डॉलर रहा। कपास आयात को लेकर उन्होंने कहा कि अमेरिका आयातकों में से एक है, लेकिन भारत कुल कपास उत्पादन के मुकाबले बहुत कम मात्रा में कपास आयात करता है।

निष्कर्ष

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां राहुल गांधी इसे देश के हितों से समझौता बता रहे हैं, वहीं बीजेपी इसे भ्रामक प्रचार करार देते हुए कांग्रेस पर संसद और देश को गुमराह करने का आरोप लगा रही है।

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